Former Minister Bose, who distributed jobs like religious

प्रसाद की तरह नौकरी बांटने वाले पूर्व मंत्री बोस गिरफ्तार

प्रसाद की तरह नौकरी बांटने वाले पूर्व मंत्री बोस गिरफ्तार

बंगाल में सत्ता बदलते ही ईडी का शिकंजा शुरु

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की सत्ता में भाजपा के आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। राज्य के पूर्व दमकल एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार देर रात गिरफ्तार करलिया। कथित नगर निगम भर्ती घोटाले के मामले में करीब साढ़े 10 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने यह कड़ा कदम उठाया। सुजीत बोस नई सरकार के कार्यकाल में गिरफ्तार होने वाले पहले कद्दावर टीएमसी नेता हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रसाद की तरह अयोग्यों को भी नौकरियां बांट दीं।
पूछताछ के दौरान जब दिल्ली मुख्यालय से हरी झंडी मिली, तो रात 9:15 बजे उन्हें आधिकारिक तौर पर अरेस्ट कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर सुनते ही सुजीत बोस की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उनके परिजन दवा लेकर ईडी दफ्तर पहुंचे। ईडी ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों का आरोप है कि बोस जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके बयानों में काफी विसंगतियां पाई गईं।
यह पूरा मामला दक्षिण दमदम नगर निगम में 329 अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध भर्ती से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ है कि भ्रष्टाचार सिर्फ ग्रुप सी और डी तक सीमित नहीं था, बल्कि एम्बुलेंस ड्राइवर, सफाईकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति में भी धांधली की गई। अयान शील की एजेंसी के माध्यम से ओएमआर शीट में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शून्य अंक मिले थे, उन्हें भी रसूख के दम पर पक्की सरकारी नौकरी दे दी गई। 2009 से बिधाननगर सीट पर अजेय रहने वाले सुजीत बोस को हालिया चुनाव में 37,000 से अधिक वोटों से करारी शिकस्त मिली। जनता की नाराजगी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनके राजनीतिक गढ़ को ढहा दिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि टीएमसी शासन के घोटालों की फाइलें खोली जाएंगी, और यह गिरफ्तारी उसी वादे का हिस्सा मानी जा रही है। सुजीत बोस केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि कोलकाता की भव्य श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गा पूजा के लिए भी मशहूर रहे हैं। एक समय था जब इस पूजा की भीड़ के कारण एयरपोर्ट का रास्ता ठप हो गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें सार्वजनिक मंच से डांट लगाई थी। आज वही कद्दावर नेता भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरकर सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं। ईडी अब राज्य के अन्य 60 नगर निगमों में हुई करीब 5,000 अवैध भर्तियों की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।

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Date : 12 May 2026 Posted By : EDITOR
प्रसाद की तरह नौकरी बांटने वाले पूर्व मंत्री बोस गिरफ्तार
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प्रसाद की तरह नौकरी बांटने वाले पूर्व मंत्री बोस गिरफ्तार

बंगाल में सत्ता बदलते ही ईडी का शिकंजा शुरु

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की सत्ता में भाजपा के आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। राज्य के पूर्व दमकल एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार देर रात गिरफ्तार करलिया। कथित नगर निगम भर्ती घोटाले के मामले में करीब साढ़े 10 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने यह कड़ा कदम उठाया। सुजीत बोस नई सरकार के कार्यकाल में गिरफ्तार होने वाले पहले कद्दावर टीएमसी नेता हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रसाद की तरह अयोग्यों को भी नौकरियां बांट दीं।
पूछताछ के दौरान जब दिल्ली मुख्यालय से हरी झंडी मिली, तो रात 9:15 बजे उन्हें आधिकारिक तौर पर अरेस्ट कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर सुनते ही सुजीत बोस की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उनके परिजन दवा लेकर ईडी दफ्तर पहुंचे। ईडी ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों का आरोप है कि बोस जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके बयानों में काफी विसंगतियां पाई गईं।
यह पूरा मामला दक्षिण दमदम नगर निगम में 329 अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध भर्ती से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ है कि भ्रष्टाचार सिर्फ ग्रुप सी और डी तक सीमित नहीं था, बल्कि एम्बुलेंस ड्राइवर, सफाईकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति में भी धांधली की गई। अयान शील की एजेंसी के माध्यम से ओएमआर शीट में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन उम्मीदवारों को इंटरव्यू में शून्य अंक मिले थे, उन्हें भी रसूख के दम पर पक्की सरकारी नौकरी दे दी गई। 2009 से बिधाननगर सीट पर अजेय रहने वाले सुजीत बोस को हालिया चुनाव में 37,000 से अधिक वोटों से करारी शिकस्त मिली। जनता की नाराजगी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने उनके राजनीतिक गढ़ को ढहा दिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि टीएमसी शासन के घोटालों की फाइलें खोली जाएंगी, और यह गिरफ्तारी उसी वादे का हिस्सा मानी जा रही है। सुजीत बोस केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि कोलकाता की भव्य श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गा पूजा के लिए भी मशहूर रहे हैं। एक समय था जब इस पूजा की भीड़ के कारण एयरपोर्ट का रास्ता ठप हो गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें सार्वजनिक मंच से डांट लगाई थी। आज वही कद्दावर नेता भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरकर सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं। ईडी अब राज्य के अन्य 60 नगर निगमों में हुई करीब 5,000 अवैध भर्तियों की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।

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