प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सीजेपी ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सीजेपी ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 25 जुलाई को हुए समझौते के तहत किए गए वादों की लिखित कॉपी उपलब्ध नहीं कराती है तो वह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करेगी। सीजेपी ने कहा कि इसी समझौते के तहत नीट पेपर लीक के विरोध में उसका 49 दिनों का आंदोलन समाप्त हुआ था। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है, वॉलंटियर्स को परेशान किया जा रहा है और नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि पहले आश्वासन दिया गया था कि सभी मौजूदा एफआईआर वापस ले ली जाएंगी और कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि अगर मंगलवार तक लिखित वादे साझा नहीं किए गए तो संगठन को अपना आंदोलन फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा नीट पेपर लीक से संबंधित आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को ‘अधिकतम संभव मुआवजा’ देने और पार्टी के पांच सूत्री परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करने के कथित वादे को भी दोहराया।
इससे पहले दिन में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने के अपने आश्वासन का पूरी तरह उल्लंघन किया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में स्वयंसेवकों को निगरानी और हिरासत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी एफआईआर को तत्काल वापस लेने और नई पुलिस कार्रवाई को रोकने की मांग की।
