ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा, बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा, बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। नवरात्र के अवसर पर माता के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत होने और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार, दुर्घटना रविवार तड़के करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर हुई। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान ट्रक कथित तौर पर पुलिस बैरिकेड पार कर ढलान पर अनियंत्रित हो गया और श्रद्धालुओं तथा सड़क किनारे लगी दुकानों को टक्कर मारते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भारी वाहनों के प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक मंदिर के पास तक कैसे पहुंचा। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मार्ग पर बैरिकेड और पुलिस चेक-पॉइंट लगाए गए थे। इसके बावजूद ट्रक के वहां पहुंचने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। ट्रक की तकनीकी स्थिति और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए भी जांच की जानकारी सामने आई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे की घोषणा
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्वालियर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पद से हटाने तथा आठ अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। मामले की विस्तृत जांच के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की।
जवाबदेही तय करना जरूरी
शीतला माता मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग, भारी वाहनों की निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था की प्रभावशीलता बेहद महत्वपूर्ण है। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच के निष्कर्षों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
