लखीमपुर कांड: मामले को सुलझा ले गये CM योगी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में रविवार शाम को शुरू हुआ बवाल सोमवार दोपहर होते-होते शांत हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पूरी क्षमता के साथ इस मामले को हैंडल करने की कोशिश की और मामले को भुनाने की जुगत में लगे सपा, कांग्रेस, बसपा और आप जैसी पार्टी के कई नेताओं को चित्त कर दिया। रविवार शाम को घटना घटित होने के बाद से लेकर सोमवार दोपहर तक घटनाक्रम इतनी तेजी से बदले कि मामला शांत हो गया और विपक्ष कोई बवाल नहीं कर पाया। विपक्ष लाख कोशिश के बाद इस मामले को भुनाने और कोई भी नेता फोटो खिंचवाने नहीं पहुंच पाया। आखिर ये सब हुआ कैसे?
रविवार शाम को जैसे ही ये खबर सामने आई कि कुछ किसानों की मौत हो गयी है। तब से ही सपा, कांग्रेस, बसपा, आप के नेता और इनके सहयोगी पार्टी के नेता अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाने की तैयारी करने लगे। रात होते-होते कई विपक्षी नेताओं ने सोमवार की सुबह तक लखीमपुर पीड़ित परिवार वालों तक पहुंचने का दावा कर दिया। दिल्ली से प्रियंका रात को ही निकल पड़ी। जहां उन्हें पुलिस ने कई जगहों पर रोका, नोंक-झोंक हुई। लेकिन कुछ काम नही आया.. भारी बारिश के बीच प्रियंका गांधी हर तरकीब निकालने में लगी रहीं कि किस तरह वे पुलिस को चकमा देकर लखीमपुर तक पहुंचने में कामयाब हो सकें। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री घटना घटित होने के बाद से ही अपने सारे कार्यक्रम स्थगित कर लखीमपुर की घटना और इससे जुड़े सारे अपडेट लखनऊ बैठकर लेते रहे। घटना होने के बाद विपक्ष के नेताओं ने लोगों के आक्रोश को होने वाले विधानसभा में भुनाने के मकसद से बयानबाजी शुरू कर दी। कुछ साफ नहीं हो पा रहा था कि आख़िरकार पूरा मामला है क्या! लेकिन बयानबाजी चरम पर थी।
