
अमित शाह ने राहुल गांधी को दे दिया कड़ा जवाब, कहा- '2029 में चौथी हार के लिए तैयार रहें'
UNN: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को उनके नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भी किया था। दूसरी ओर भाजपा ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह भी मैदान में उतर गए और राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को आत्म-मंथन करने की जरूरत है। अमित शाह ने ये भी कह दिया है कि राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में हार के लिए तैयार रहना चाहिए।
'8000 की भीड़ से देश की आवाज नहीं बन सकते'
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- "आप बनावटी मीडिया इवेंट्स और 'झूठ की गूंज' से देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत सकते हैं। 1.5 किलोमीटर के क्षेत्र में 8 हजार लोगों की भीड़ जुटाने के लिए चौदह पार्टियों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके आप देश की आवाज नहीं बन सकते। मैं कांग्रेस पार्टी से आग्रह करता हूं कि वे समझें कि देश की आवाज खेतों-खलिहानों, गांवों, दूर-दराज के पहाड़ों और जंगलों और नदियों के किनारों में भी बसती है। ऐसे इलाके जहां आपकी कोई पहुंच नहीं है।" बता दें कि दिल्ली में सोमवार को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी और विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को उनके नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भी किया था। दूसरी ओर भाजपा ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह भी मैदान में उतर गए और राहुल गांधी को करारा जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को आत्म-मंथन करने की जरूरत है। अमित शाह ने ये भी कह दिया है कि राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में हार के लिए तैयार रहना चाहिए।
'8000 की भीड़ से देश की आवाज नहीं बन सकते'
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- "आप बनावटी मीडिया इवेंट्स और 'झूठ की गूंज' से देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत सकते हैं। 1.5 किलोमीटर के क्षेत्र में 8 हजार लोगों की भीड़ जुटाने के लिए चौदह पार्टियों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके आप देश की आवाज नहीं बन सकते। मैं कांग्रेस पार्टी से आग्रह करता हूं कि वे समझें कि देश की आवाज खेतों-खलिहानों, गांवों, दूर-दराज के पहाड़ों और जंगलों और नदियों के किनारों में भी बसती है। ऐसे इलाके जहां आपकी कोई पहुंच नहीं है।" बता दें कि दिल्ली में सोमवार को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी और विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।