Approval for inclusion of 214.42 acres of land in Industrial Area

MP: औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई में 214.42 एकड़ भूमि को शामिल किये जाने की स्वीकृति

 

औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई में 214.42 एकड़ भूमि को शामिल किये जाने की स्वीकृति

सौर सह अन्य नवीकरणीय ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति

30 जून और 31 दिसम्बर को सेवानिवृत या होने वाले शा. सेवकों के हित में निर्णय

वाणिज्यिक कर विभाग को नवीन भवन हस्तांतरित करने का निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय उर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र (औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम) के क्षेत्रफल विस्तार किये जाने का निर्णय लिया गया। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय उर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 227.54 एकड़ क्षेत्रफल में औ‌द्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 214.42 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। इसके बाद पार्क का कुल क्षेत्रफल 441.96 एकड़ हो जायेगा।
मंत्रि-परिषद ने सौर सह अन्य नवीकरणीय/अक्षय ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल को ग्राम भौरी जिला भोपाल स्थित 21.494 हेक्टयर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी। निर्णय अनुसार ग्राम भौरी की खसरा क्रमांक 66/1 रकबा 8.438 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 66/2 रकबा 2.005 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 66/3 रकबा 2.005 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 69/1 रकबा 1.597 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 70/1 रकबा 1.946 हेक्टेयर, खसरा क्रमांक 73/1 रकबा 2.231 हेक्टेयर एवं खसरा क्रमांक 75 रकबा 4.772 हेक्टेयर में से 2.772 हेक्टेयर कुल रकबा 22.994 हेक्टेयर में से 20.994 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।
संस्थान विशुद्ध एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान में अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व स्तरीय एवं उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। प्रस्तावित अनुसंधान केन्द्र का प्रमुख उद्देश्य सोलर सेल की दक्षता में वृद्धि करना, ऊर्जा के नुकसान को कम करने के साथ पवन ऊर्जा सहित नवकरणीय ऊर्जा के अन्य स्त्रोतों में विश्वस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देगा होगा।
मंत्रि-परिषद द्वारा 30 जून अथवा 31 दिसम्बर को सेवानिवृत शासकीय सेवकों को पेंशन निर्धारण के लिये काल्पनिक रूप से वार्षिक वेतन वृद्धि देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 30 जून को सेवानिवृत हुए या होने वाले शासकीय सेवकों को 1 जुलाई को निर्धारित काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि देय होगी। इसी तरह 31 दिसम्बर को सेवानिवृत हुए अथवा होने वाले शासकीय सेवकों को 1 जनवरी की स्थिति में काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि दी जायेगी। काल्पनिक वेतन वृद्धि के फलस्वरूप बड़ी हुई पेंशन का लाभ 1 मई 2023 या इसके बाद देय होगा। दिनांक 30 अप्रैल 2023 की अवधि के लिये बड़ी हुई पेंशन का भुगतान नहीं किया जायेगा। जिन शासकीय सेवकों द्वारा न्यायालय में रिट याचिकाएँ दायर की है तथा सफल हुए है। उनके संबंध में शासकीय निर्णय के दृष्टिगत ही कार्यवाही करने का निर्णय भी लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश वित्त निगम द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग को 150 करोड़ के हस्तांतरण मूल्य पर इंदौर स्थित नवनिर्मित भवन हस्तांतरण किये जाने का निर्णय लिया। वाणिज्यिक कर विभाग भवन का आधिपत्य प्राप्त कर विद्युत समयोजन, सामान्य मरम्मत आदि पूर्णकर नगर निगम इंदौर से भवन पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर भवन का उपयोग प्रारंभ कर सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Madhya Pradesh – Indore: बंगाली फूड फेस्टिवल, मुखोरोचक, 30 जनवरी से

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱Madhya Pradesh – Indore: बंगाली फूड फेस्टिवल, मुखोरोचक, 30 जनवरी से बंगाली स्कूल एंड क्लब परिसर में तीन दिनों तक चलेगा फूड फेस्टिवल इंदौर। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बंगाली स्कूल एंड क्लब द्वारा बंगाली फूड फेस्टिवल, मुखोरोचक का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। यह […]

यूजीसी के समानता नियमों की संवैधानिक वैधता पर बहस, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱यूजीसी के समानता नियमों की संवैधानिक वैधता पर बहस, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार नई दिल्ली । सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जता […]