देश और दुनिया में फिर लौटा करोना, भारत में 257 एक्टिव मामले – CORONA RETURNED AGAIN IN INDIA
देश और दुनिया में फिर लौटा करोना, भारत में 257 एक्टिव मामले – CORONA RETURNED AGAIN IN INDIA
UNN: साल 2020 में कोरोना का असर देश और दुनिया में आज तक देखा जा सकता है. इस वायरस के घाव अभी भरे भी नहीं हैं और कोरोना ने एक बार फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है. एशिया के कई हिस्सों में कोरोना की नई लहर फैल रही है. पिछले कुछ हफ्तों में सिंगापुर और हांगकांग में कोविड-19 के मामलों में भारी उछाल देखने को मिला है. इन खबरों के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि भारत में 19 मई तक 257 एक्टिव केस हैं, जो इस बात का संकेत है कि देश में मौजूदा कोविड-19 स्थिति कंट्रोल में है.
स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
हालांकि भारत में भी धीरे-धीरे मामले बढ़ रहे हैं, पिछले हफ्ते देश में कोरोना के 164 नए मामले सामने आए, जिससे देश में कुल एक्टिव मामलों की संख्या 257 हो गई है. इनमें से ज्यादातर मामले केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से आ रहे हैं. हेल्थ डिपार्टमेंट पूरी तरह से सतर्क है. सोमवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज के नेतृत्व में एक अहम बैठक हुई, जिसमें नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, इमरजेंसी मेडिकल रिलीफ टीम, डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट, आईसीएमआर और केंद्र सरकार के अस्पतालों के विशेषज्ञों ने कोविड की स्थिति पर चर्चा की और जरूरी कदमों की समीक्षा की.
इस वायरस को देश में फैलने से ऐसे रोकें
अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं. अगर आप किसी सार्वजनिक स्थान पर गए हैं, या नाक साफ करने, खांसने या छींकने के बाद ऐसा जरूर करें. अगर आपके हाथों को डिसइंफेक्टेड करने के लिए साबुन और पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
अपने मुंह, नाक और आंखों को बार-बार छूने से बचें. यह कुछ ऐसा है जिसे हम बिना जाने-समझे करते रहते हैं,
घर पर रहते हुए भी सामाजिक दूरी बनाए रखें. बीमारी के लक्षण दिखाने वाले परिवार के सदस्यों को क्वारंटीन करें और तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए अपने स्थानीय प्रशासन को सूचित करें
याद रखें, वायरस से संक्रमित लोग Asymptomatic हो सकते हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें बीमार होने के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, इसलिए हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें, जितना संभव हो सके दूसरों से 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
समूह में इकट्ठा न हों या ऐसी जगहों पर न जाएं जहां सामूहिक समारोह होते हों. अभी धार्मिक पूजा स्थलों पर जाने से बचें.
अपने मुंह और नाक को किसी सुरक्षात्मक कपड़े या मास्क से ढ़ंककर रखें और जितना हो सके घर पर बने मास्क का इस्तेमाल करें, सर्जिकल उपकरण न खरीदें क्योंकि स्वास्थ्य कर्मियों को इनकी जरूरत होती है.
हालांकि, 2 साल से कम उम्र के बच्चों, सांस लेने में समस्या वाले लोगों, बेहोश, अक्षम या बिना सहायता के मास्क हटाने में असमर्थ लोगों को कपड़े का फेस कवर नहीं पहनना चाहिए.
खांसते या छींकते समय हमेशा अपना मुंह ढंकें. बार-बार छुई जाने वाली सतहों जैसे टेबल, दरवाजे के हैंडल, लाइट स्विच, फोन, कीबोर्ड, नल आदि को साबुन और पानी से साफ और कीटाणुरहित करें.
सूखी खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे किसी भी बीमारी के लक्षण के प्रति सतर्क रहें. COVID-19 की रोकथाम के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें.
देश के सभी अस्पतालों सरकार का निर्देश
सरकार ने देश के सभी अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और गंभीर श्वसन संकट के मामलों पर नजर रखने का निर्देश दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी अलर्ट के साथ स्थिति की निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि लोगों के हेल्थ की सुरक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं. पिछले सप्ताह के आंकड़ों के मुताबिक केरल में 69, महाराष्ट्र में 44 और तमिलनाडु में 34 नए कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं. ऐसे में अगर देश की जनता खुद कुछ नियमों का पालन करे और सावधानी बरते तो इस गंभीर वायरस को देश में फैलने और भयावह रूप लेने से रोका जा सकता है. खबर के माध्यम से जानें इस बीमारी को फैलने से कैसे रोका जा सकता है.
