श्रीलंका में दितवाह ने मचाई तबाही, 150 की मौत, भारत ने शुरु किया ऑपरेशन सागर बंधु
श्रीलंका में दितवाह ने मचाई तबाही, 150 की मौत, भारत ने शुरु किया ऑपरेशन सागर बंधु
कोलंबो । चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़-भूस्खलन से पूरे द्वीप राष्ट्र में भयंकर तबाही हुई है। इस विपदा में 2 लाख से अधिक लोग (करीब 61,000 परिवारों से) प्रभावित हुए हैं। पूरे देश में बाढ़ का कहर है, खासकर राजधानी कोलंबो और पूर्वी तटों पर। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के अनुसार, रविवार की सुबह तक कम से कम 150 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 130 अन्य अभी भी लापता हैं। वहीं 300 भारतीय फंसे हुए हैं। यह आंकड़े पिछले कुछ दिनों की लगातार बढ़ती तबाही को दर्शाते हैं, जहां शुरुआत में 40-50 मौतों की खबरें थीं, जो अब 150 तक पहुंच गई हैं।
केलानी नदी शनिवार शाम को उफान पर आ गई, जिससे सैकड़ों लोग अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित हो गए। उत्तरी क्षेत्रों में अभी भी हल्की बारिश जारी है, लेकिन अधिकांश जगहों पर वर्षा थम चुकी है। डीएमसी ने बताया कि चक्रवात के अवशेषों के कारण बिजली कटौती, सड़कें बंद और रेल सेवाएं ठप हो गई हैं। स्कूलों और कार्यालयों को भी बंद रखा गया है। चक्रवात दितवाह 24 नवंबर से श्रीलंका के आसपास सक्रिय हो गया था। यह धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा और 26 नवंबर (बुधवार) को पूर्वी तट पर लैंडफॉल कर गया। उसके बाद 28 नवंबर (शुक्रवार) को तेज हवाओं (50-70 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश शुरू हो गई, जो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची- कुछ इलाकों में 24 घंटों में 300 मिमी से अधिक। इससे भूस्खलन और बाढ़ ने पूरे द्वीप को घेर लिया।सबसे ज्यादा तबाही पूर्वी और मध्य पहाड़ी इलाकों (जैसे बदुल्ला, नुवारा एलिया) में हुई। कोलंबो की सड़कें जलमग्न हो गईं, जहां लोग नावों या अस्थायी राफ्ट पर घूमने को मजबूर हैं। 600 से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, और हजारों बेघर हो गए हैं। मौतों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। लापता लोगों में कई वे हैं जो भूस्खलन में फंस गए। डीएमसी प्रमुख प्रदीप कोटुवेगोदा ने कहा- चक्रवात अब भारत की ओर जा रहा है, लेकिन श्रीलंका में राहत कार्य तेज हैं। सेना की मदद से बचाव अभियान चल रहे हैं।
