CEC के कामकाज को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग ने SC में दिया जवाब, कहा- “SIR पर सर्वसम्मति से हुए फैसले”
CEC के कामकाज को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग ने SC में दिया जवाब, कहा- “SIR पर सर्वसम्मति से हुए फैसले”
नई दिल्ली: CEC के कामकाज को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब आया है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया। आयोग का दावा है कि याचिका पूरी तरह एक न्यूज रिपोर्ट पर आधारित है।
चुनाव आयोग ने अपने जवाब में क्या कहा कहा?
चुनाव आयोग ने कहा, CEC और दोनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से हलफनामे को मंजूरी दी। यहां तक कि जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 के SIR आदेश आयोग के फैसले भी सर्वसम्मति से लिए गए थे। CEC या चुनाव आयुक्तों की फाइल पर टिप्पणियां, सवाल या सुझाव आयोग के फैसले नहीं माने जा सकते।
चुनाव आयोग ने कहा, फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं हुआ, संशोधन का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है। ऑनलाइन फॉर्म में संशोधन जैसा दिखने की बात स्वीकारी, 21 अक्टूबर से आवेदन और घोषणा पत्र अलग-अलग करने की बात कही।
चुनाव आयोग ने कहा, अनमैप्ड मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी नहीं, BLO घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे। ECINet पर ERO के आदेश के बिना किसी मतदाता का नाम न जोड़ा जाता है, न हटाया जाता है।
चुनाव आयोग ने कहा, गोवा में छूटे हुए बताए गए 97 मतदाताओं में से 88 पहले से मतदाता सूची में शामिल, 6 विदेश में और 3 के पास पुर्तगाली पासपोर्ट।
CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया को लेकर आयोग ने क्या दावा किया?
आयोग का दावा कि CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज जैसी, उन्हें रोकने की याचिका सुनवाई योग्य नहीं। आयोग ने कहा कि किसी भी आंतरिक नोट या फाइल को मीडिया में जारी करने की अनुमति नहीं दी। दशहरा अवकाश के कारण संक्षिप्त जवाब दाखिल, विस्तृत बिंदुवार जवाब देने की अनुमति मांगी है।
==
