In Ujjain Chief Minister Dr. Mohan Yadav hoisted the national flag

Madhya Pradesh : उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, शिप्रा तट पर हुआ भव्य गणतंत्र दिवस समारोह

Madhya Pradesh : उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, शिप्रा तट पर हुआ भव्य गणतंत्र दिवस समारोह

परेड की सलामी लेकर मुख्यमंत्री ने दिया विकास और सुशासन का संदेश, प्रदेश की उपलब्धियों का किया व्यापक उल्लेख

उज्जैन। प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र रक्षकों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत और सिंहस्थ पर केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभागीय झांकियों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

तीन रंग के गुब्बारे छोड़ कर दिया राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्तिक मेला मैदान स्थित शिप्रा तट सुनहरी घाट पर तिरंगा कलर के गुब्बारे खुले आकाश में छोड़ कर राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संदेश दिया। इस अवसर पर मां शिप्रा में 40 से अधिक तिरंगे रंग से सरावोर नाव पर तिरंगा ध्वज लिए होमगार्ड, एसडीईआरएफ के जवान उपस्थित होकर देश भक्ति के गीत गा रहे थे। घाट पर तिरंगे की थीम पर साज-सज्जा की गई साथ ही घाट पर जनजातीय भील कलाकारों द्वारा भगोरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और प्रदेश की जनता के नाम संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन में होना है। इस भव्य-दिव्य आयोजन के उपलक्ष में ही गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम पावन शिप्रा के किनारे आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्साह और उमंग से भरे वातावरण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली। इस मौके पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक एवं नयनाभिराम झांकियां भी निकाली गईं तथा स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

“समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के लिए 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को किया गया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए आहृवान किया है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। ज्ञान के मंत्र की सिद्धि की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने 4 मिशन, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण प्रारंभ किए हैं। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2002-03 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट 600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 27 हजार 50 करोड़ से अधिक किया गया। “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की दिशा में प्रदेश में 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है। किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मुख्य फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारा प्रदेश आने वाले समय में देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। इस वित्त वर्ष में गौशालाओं के लिए बजट प्रावधान 250 से बढ़ाकर 505 करोड़ किया गया है। प्रदेश में लगभग 3 हजार गौशालाएँ पौने पाँच लाख गौमाताओं की देखभाल का दायित्व निभा रहीं हैं। मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। किसानों को 1 हजार 360 करोड़ रुपये की बोनस राशि का भुगतान किया गया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना का लाभ दिलवाया गया। सात लाख से अधिक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान किया गया है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में महत्वपूर्ण रही मध्यप्रदेश की भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2024 एवं 2025 के माध्यम से अनेक कानूनों के प्रावधान सरल किए गए हैं और अनावश्यक नियमों को हटाया गया है। इससे उद्योगों के विकास को नई दिशा मिली है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोज़गार वर्ष के रूप में मनाया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों में से एक तिहाई जमीन पर उतारे जा चुके हैं। यूके, जर्मनी, जापान, स्पेन और दुबई के उद्यमियों से प्राप्त प्रस्तावों से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोज़गार की संभावनाएँ साकार करने की ओर हम अग्रसर हैं। हाल ही में स्विट्जरलैंड में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में मध्यप्रदेश की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। उद्योग संवर्धन नीति में वर्ष 2025-26 में 1 हजार 522 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश के उद्योग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि धार जिले में पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखे जाने से जुड़ी है। उद्योग और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2025 में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 1 हजार 92 औद्योगिक भूखंड उपलब्ध करवाए गए। उद्योगों के समग्र विकास के लिए वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति और औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन व प्रबंधन नियम लागू किए गए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से अब तक 2 हजार 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को 742 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई। उद्योग हमारे लिए मंदिरों के समान हैं, जो रोज़गार रूपी आशीर्वाद देते हैं।

प्रदेश में नशे के विरूद्ध चलाया जा रहा है जन-जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का आहृवान किया है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाते हुए अपराधिक तत्वों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पहले नक्सल उन्मूलन का कार्य किया गया है। प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

जापान सहित अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा से हो रहे हैं स्थापित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीबों को सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में गत वर्ष 11 लाख से अधिक आवास मंजूर किए गए। इनमें से 4 लाख से अधिक आवास बनकर तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना के माध्यम से 20 हजार से अधिक बसाहटों तक सड़क की सुविधा ले जाने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इस कार्य के लिए 21 हजार करोड़ से अधिक राशि की मंजूरी दी गई है। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण का कार्य निरंतर चल रहा है। गत दो वर्ष में 50 लाख विद्यार्थियों को सवा 2 हजार करोड़ रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थी आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी और एनएलआईयू जैसी संस्थाओं में अध्ययन कर रहे हैं। सरकार ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए विदेश भेजने और उसके लिए फीस की व्यवस्था करने का कार्य भी किया है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कक्षा 11वीं और 12वीं के 2 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श विद्यालयों का लाभ 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिल रहा है। अन्य पिछड़े वर्ग के 21 युवाओं को रोज़गार के लिए विदेश में भी नियोजित किया गया है। जापान और अन्य देशों में हमारे युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

प्रदेश के 30 लाख विद्युत पम्प को सोलर पंप में परिवर्तित कराने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर हो गया है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2012 में नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 491 मेगावाट थी जो अब बढ़कर 9 हजार 508 मेगावाट हो चुकी है। मुरैना में प्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना शुरू हो रही है जिसकी विश्व बैंक ने भी प्रशंसा की है। प्रदेश में 30 लाख विद्युत पम्प को सोलर पंप में परिवर्तित कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी(एक) में मध्यप्रदेश देश में पूर्ण आवासों के आधार पर प्रथम 3 सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। स्वीकृत साढ़े 9 लाख आवासों में से 8 लाख 77 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। इन्दौर और भोपाल मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित होंगे। द्वितीय चरण में जबलपुर और ग्वालियर भी मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र बनेंगे। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ एक ही साल के अंदर दो प्रमुख शहरों इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल सेवा शुरू हुई। प्रदेश में लोक परिसम्पत्ति के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इस क्रम में नागपुर में बस डिपो को मध्यप्रदेश के नाम करने और नर्मदापुरम, सीधी, सीहोर और मुरैना के तिलहन संघ संयंत्रों की भूमि उद्योगों को उपलब्ध करवाने का कार्य किया गया। राज्य के इस प्रकार के संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास में किया जा रहा है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जबलपुर, देवास और इंदौर को भारत सरकार ने किया पुरस्कृत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर घर नल से जल के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 81 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। प्रदेश के 22 हजार से अधिक ग्रामों में सभी घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। जल दर्पण जैसे डिजिटल प्लेटफार्म और आधुनिक लैब से जल गुणवत्ता निगरानी को सशक्त बनाने का नवाचार प्रदेश में हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से परिवहन सेवाओं को सरल और ऑनलाइन बनाया गया है। प्रदेश में जल्द ही शासकीय बसों का संचालन आरंभ होगा। ग्राम स्तर तक उपलब्ध होने वाली इस बस सेवा से सभी वर्गों को लाभ होगा। रजिस्ट्रेशन, परमिट, लाइसेंस और अस्थायी परमिट डिजिटल रूप से जारी हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड से संग्रहित 337 टन अपशिष्ट का सफलतापूर्वक निष्पादन कर वर्षों से बंद पड़ी फैक्ट्री के परिसर का उन्होंने बिना मास्क के अवलोकन किया गया। इस अनुपयोगी भूमि पर गैस त्रासदी में दिवंगत नागरिकों की स्मृति में स्मारक का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में इस प्रकार की त्रासदी न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जबलपुर, देवास और इंदौर को भारत सरकार ने पुरस्कृत किया।

प्रदेश की तकनीकी संस्थानों में आरंभ होगी कोडिंग लैब

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा-दीक्षा की जड़ें भारतीय संस्कृति और संस्कारों में गहरी हैं। यह मध्यप्रदेश वासियों का सौभाग्य है कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। स्कूलों में शिक्षा का स्तर श्रेष्ठ हो और हमारे स्कूल विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाएँ, इसके प्रयास किए गए हैं। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2024-25 में प्रारंभिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर 6 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। निजी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे साढ़े 8 लाख बच्चों की फीस सरकार भर रही है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए। मध्यप्रदेश में युवाओं को उच्च शिक्षा सरलता से उपलब्ध कराने के साथ ही उसे लाभप्रद, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक बनाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय नायकों की स्मृति में तीन नए विश्वविद्यालयों क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, खरगोन, क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर की स्थापना की गई है। प्रदेश में 22 भारतीय भाषाओं और 4 विदेशी भाषाओं के क्रेडिट आधारित प्रमाणपत्र पाठयक्रम शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में नामांकन में 21 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है। तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत 10 इन्क्यूबेशन सेन्टर स्थापित किए गए हैं। रीवा के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रारंभ की गई कोडिंग लैब एक आदर्श पहल है। प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी कोडिंग लैब आरंभ की जाएंगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के “विकसित भारत@2047” संकल्प के अनुरूप है “विकसित मध्यप्रदेश@2047” का दृष्टि पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में 51 हजार 469 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 2024-25 में 55 हजार 633 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो तुलनात्मक रूप से 8 प्रतिशत से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजकीय कोष में और अधिक वृद्धि के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं। प्रदेश में विकास गतिविधियों और जनकल्याण के कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर “विकसित मध्यप्रदेश@2047” दृष्टि पत्र का विमोचन किया गया, जो प्रधानमंत्री श्री मोदी के “विकसित भारत@2047” संकल्प के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करेगा। खनन क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार तथा बेहतर प्रशासनिक दक्षता के लिए भारत सरकार द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रेडिएंस इंडेक्स की कैटेगरी-ए में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। कोल इंडिया लिमिटेड के साथ क्रिटिकल मिनिरल की खोज के लिए एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रगति की इमारत में सुशासन नींव का पत्थर है। प्रदेश में गत 2 वर्ष में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण यह सिद्ध करते हैं कि सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।

वन एवं वन्य जीव संवर्द्धन में प्रदेश की विशेष पहचान बनी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन एवं वन्य जीव के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और प्रदेश की विशेष पहचान बनी है। शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान को 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। सागर जिले में डॉ. भीमराव अभयारण्य और श्योपुर जिले में जहानगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया है। प्रदेश में पालपुर कूनो और गांधी सागर अभयारण्य के बाद चीतों की बसाहट के लिए तीसरे रहवास के रूप में नौरादेही अभयारण्य को विकसित किया जा रहा है। विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समर्थ पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटाबेस तैयार कर पंजीकरण किया जा रहा है।

प्रदेश के 15 स्थलों को यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के साथ ही चित्रकूट को विश्व-स्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल का स्वरूप प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इतिहास के गौरवशाली व्यक्तित्वों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सम्राट विक्रमादित्य जैसे महानाट्य के मंचन देश-प्रदेश में किए गए हैं। सिंहस्थ का प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन वर्ष 2028 में होना है। इस बार यह विश्व स्तरीय आयोजन रहेगा। इसके लिए अनेक जरूरी कार्यों को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र समृद्ध हो रहा है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। ग्वालियर किला, बुरहानपुर के कुंडी भंडारा, चंबल घाटी की पत्थर कला, मंडला के गौंड स्मारक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, भोजपुर के भोजेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रदेश के 15 स्थलों को यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया है। प्रदेश में धार्मिक स्थलों के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 19 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

प्रदेश में होंगे 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना प्राथमिक कार्य है। राज्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 19 और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 14 है। वर्ष 2028 तक छह नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने का लक्ष्य है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज होंगे। उज्जैन को मेडिसिटी की पहचान जल्द ही मिलेगी। मध्यप्रदेश यह पहल करने वाला देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 3 आयुर्वेद महाविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए 12 नए हेल्थ केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं।

अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं से मिलेगा किसानों को उत्पादन बढ़ाने का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि में अच्छी सिंचाई सुविधा बहुत महत्वपूर्ण है। बीते 2 वर्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास ने 7 लाख हेक्टेयर से अधिक रबी क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता का विस्तार कर लिया है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य है। अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन से किसानों को उत्पादन बढ़ाने का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं का पालन किया जा रहा है। बीते माह एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र आहूत कर प्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने पर निरंतर 12 घंटे सदन की कार्यवाही संचालित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में मध्यप्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया गया। “स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता” कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक पेड़ माँ के नाम अभियान चलाया गया। नवाचारों की चर्चा करें तो छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में 50 से अधिक गाँव में 500 से अधिक नागरिकों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। प्रदेश में होम-स्टे गतिविधियों का विस्तार हुआ है। उज्जैन में भी स्थानीयजन होम-स्टे के माध्यम से आय बढ़ा रहे हैं।

मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहाँ नागरिकों को अधिसूचित सेवाएँ प्रदाय करने की दी गई कानूनी गारंटी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहाँ नागरिकों को अधिसूचित सेवाएँ प्रदाय करने की कानूनी गारंटी दी गई है। जिलों और तहसीलों में लोकसेवा केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश में जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के अभियान के अंतर्गत डेढ़ करोड़ लोगों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। प्रदेश में 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी पात्र हितग्राहियों को सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के लिए संकल्प से समाधान आरंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमिक कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। संबल योजना में 1 लाख 21 हजार हितग्राहियों को सहायता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक नागरिकों को विधिक सहायता मिली। पारिवारिक विवाद समाधान केंद्र भी कार्य कर रहे हैं।

राज्य सरकार सभी वर्गों के लिए संवदेनशील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक बहनों को लाड़ली बहना योजना में 1 हजार 500 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में 2 लाख 50 हजार से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति दी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से प्रदेश की 3 लाख बहनों को लाभान्वित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 54 लाख से अधिक वृद्धजन, कल्याणी, दिव्यांगजन, परित्यक्त, अविवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 600 रुपये की पेंशन दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह सहायता योजनांतर्गत 52 हजार से अधिक हितग्राहियों को मदद दी गई है। राजधानी भोपाल में पेड ओल्ड ऐज होम के निर्माण का नवाचार भी हुआ है। इस प्रकार की गतिविधियों का प्रदेश में विस्तार किया जाएगा। राज्य सरकार सभी वर्गों के लिए संवदेनशील है।

मध्यप्रदेश बना स्पेस टेक नीति लांच करने वाला प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नागरिक उड्डयन सेवाएँ सुदृढ़ करने और हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं। रीवा, सतना एवं दतिया 3 नवीन एयरपोर्ट का लोकार्पण किया गया है। रीवा एयरपोर्ट से नई दिल्ली एवं इंदौर के लिए नियमित उड़ान सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं। दतिया-भोपाल एवं दतिया-खजुराहो-चित्रकूट मार्गों पर हवाई संपर्क सुदृढ़ करने की पहल की गई है। उज्जैन एयरपोर्ट प्रदेश का 10वां एयरपोर्ट होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नागरिकों को सरल, सुगम और प्रभावी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एमपी ई-सेवा पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से 500 से अधिक सेवाओं को एकीकृत किया गया है। इसके साथ ही संपदा-2 का सफल क्रियान्वयन किया गया है। मध्यप्रदेश, स्पेस टेक नीति लांच करने वाला प्रदेश बन गया है। यह नीति राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को भविष्य-उन्मुख तकनीकी नेतृत्व में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मध्यप्रदेश भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सशक्त भूमिका निभाएगा।

भोपाल बनेगा स्पोर्ट्स हब

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेलों की दुनिया में हमारा प्रदेश नई पहचान बना रहा है। गत दो वर्षों में खेल अकादमियों के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 19 स्वर्ण, 29 रजत, 26 कांस्य पदक जीते। इसी तरह खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 189 स्वर्ण, 131 रजत और 118 कांस्य पदक जीते। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ को एक करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रदेश में हाल ही में खेलो मध्यप्रदेश का ओलंपिक खेलों की तरह गरिमामय आयोजन किया गया। स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देकर स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए भोपाल में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।

प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तरोत्तर प्रगति हमारा लक्ष्य है। अभ्युदय मध्यप्रदेश के लिए सभी को मिलकर कार्य करना है। गणतंत्र दिवस अपने कार्यों के विश्लेषण और सुखद भविष्य की रणनीति बनाने का अवसर भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के नागरिक राज्य की प्रगति के प्रयासों में भागीदारी निभाएँगे और समाज और सरकार के समन्वित प्रयासों से हमारा प्रदेश राष्ट्र का गौरव बढ़ाने में आगे रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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