भारत की पहली शिक्षा योजना कंपनी एडुफंड ने 1 मिलियन डॉलर की सीड राउंड राशि जुटाई - Update Now News

भारत की पहली शिक्षा योजना कंपनी एडुफंड ने 1 मिलियन डॉलर की सीड राउंड राशि जुटाई

 

इस फंड का इस्तेमाल उत्पाद को और विकसित करने तथा बाजार में उपस्थिति का विस्तार करने में किया जाएगा

अहमदाबाद : एडुफंड, भारत की पहली कंपनी जोकि एक बच्‍चे की बचत (रुपये एवं डॉलर) से लेकर इमिग्रेशन तक की उच्‍च शिक्षा की यात्रा को कवर करती है, ने आज घोषणा करते हुए बताया कि उसने 1 मिलियन डॉलर की सीड राउंड राशि जुटाई है। एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स के नेतृत्व में, व्यूट्रेडहोल्डिंग कॉर्प और अन्य मुख्य निवेशकों के अतिरिक्त निवेश के साथ जुटाए गए फंड का इस्तेमाल उत्पाद की पेशकश को बढ़ाने और बाजार में कंपनी की उपस्थिति का विस्तार करने में किया जाएगा।
जून 2020 में स्थापित, एडुफंड प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चे की उच्च शिक्षा यात्रा के लिए योजना बनाने और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा से जुड़े वित्तीय बोझ को कम करने में मदद करने के लिए एक समग्र योजना उपकरण प्रदान करता है। एडुफंड की सह संस्थापक ईला दुबे ने कहा, “जबकि अधिकांश भारतीय माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा के लिए बचत करते हैं, कम उम्र से ही अपने बच्चे के लिए निवेश करने और एक नियोजित फंड बनाने की अवधारणा अभी भी विकसित हो रही अवधारणा है। इसके अलावा चार साल के कॉलेज प्रोग्राम्‍स में शामिल होने का बढ़ता खर्च जोकि हर साल महंगाई की तरह दोगुनी रफ्‍तार से बढ़ रहा है; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक महंगी होती जा रही है। विशेष रूप से प्रमुख संस्थानों की उच्च कीमत और वर्षों के दौरान महंगाई को देखते हुए एडुफंड में हमारा मानना है कि पारंपरिक एफडी और एलआईसी से इतर जल्दी योजना बनाना और सही निवेश करना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा, “लोन एक समाधान हैं; हालांकि, व्यक्तिगत अनुभव से बताया जा सकता है कि कोई सह हस्ताक्षरकर्ता या कोलैटरल नहीं होने की वजह से स्‍टूडेंट्स को इसे हासिल करना मुश्किल लगता है। इसलिए, लोन के मुकाबले कुछ बचत करना भी संभावित रूप से भविष्य के लिए फायदेमंद है।”
यह प्लेटफ़ॉर्म यूजर्स को एक अनूठा कॉलेज कैलकुलेटर मुहैया कराते हुए एक केंद्रीकृत समाधान के रूप में कार्य करता है जो किसी भी देश में किसी भी शैक्षिक संगठन की सही कीमत (महंगाई, मुद्रा और आवास व्यय जैसे कारकों पर विचार करने) को समझने में मदद करता है। यह यूजर्स को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में म्यूचुअल फंड में निवेश करने की अनुमति देता है, जो बचत में अनुशासन बनाने में मदद करता है। ऐप कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करके विदेशों में अध्ययन की जटिलता को कम करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, यह लोन लेने में मदद करते हुए इमिग्रेशन पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
“भारत में लाखों लोग हैं जो अपने बच्चे को विदेश भेजने के लिए पैसे बचाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें तरीकों के बारे में नहीं पता होता। एडुफंड माता-पिता को सलाह देकर ऐसा करने में उनकी मदद करता है, जिसमें बचत और सेवाएं प्रदान करना, जैसे कि लोन, विभिन्न निवेश के अवसर, परामर्श सेवाएं, आदि शामिल हैं। हम एक ऐसी कंपनी में निवेश करने के लिए रोमांचित हैं, जो माता-पिता के जीवन को उनके बच्चे की शिक्षा के लिए योजना बनाने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना रही है।” यह कहना है एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स के पार्टनर अर्जुन शेठ का।
“यदि आप अधिकांश भारतीय पेरेंट्स की तरह हैं,और अपने बच्‍चे को कॉलेज भेजना चाहते हैं। तो एक बचत योजना शुरु करके आप बड़े लोन का बोझ कम कर सकते हैं। एडुफंड युवा पेरेंट्स द्वारा “शिक्षा के लिए बचत” का प्रबंधन कैसे किया जाए, इसमें क्रांति लेकर आ रहा है। हमारा मानना है कि उनकी बचत, परामर्श और लोन का वन-स्‍टॉप इकोसिस्‍टम एक पेरेंट को अपने बच्‍चे के बेहतर भविष्‍य के लिए अपना कस्‍टमाइज्‍ड प्‍लान बनाने में मदद करता है। ईला और अरिंदम के निजी सफर ने इस उपक्रम को बढ़ावा दिया है और वे अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
व्यूट्रेड में को-फाउंडर और प्रेसिडेंट जेम्स सेंट क्लेयर ने कहा, “पिछले एक साल में हुई प्रगति को देखने के बाद, हम व्यूट्रेड में एडुफंड में निवेश करने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। ईला और अरिंदम दोनों, किए जा रहे काम के लिए एक जुनून और दृढ़ता का प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और हमें विश्वास है कि वे सही जगह सही समय पर मौजूद हैं। हम उनकी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। कंपनी ने कई काउंसलर पार्टनरशिप में प्रवेश किया है, जिसमें ऑनकोर्स ग्लोबल, जॉल्डोस कोचिंग, रेवा एजुकेशन कंसल्टेंट और ओवरसीज एजुकेशन कंसल्टेंसी शामिल हैं। एडुफंड सेबी द्वारा विनियमित एक पंजीकृत निवेश सलाहकार भी है। इसके अलावा, यह यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए 100% गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। कंपनी ने अमेरिकी डॉलर से संबंधित उत्पादों में निवेश की पेशकश करने के लिए एक प्रमुख अमेरिकी ब्रोकर-डीलर के साथ भी साझेदारी की है। एडुफंड अपने बच्चे की शिक्षा के सपनों को लेकर फिक्रमंद सभी आय समूहों के माता-पिता को लक्षित करता है। कंपनी का मानना है कि जहां हर माता-पिता की अपने बच्चे की शिक्षा के लिए बहुत महत्वाकांक्षा होती है, वहीं कई लोग मार्गदर्शन और योजना की कमी के कारण इसे वहन नहीं कर पाते। इसलिए, एडुफंड का उद्देश्य माता-पिता को बिना किसी समझौता के अपने बच्चे की शिक्षा की योजना जल्दी बनाने में मदद करना है।

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Date : 19 January 2022 Posted By : EDITOR
भारत की पहली शिक्षा योजना कंपनी एडुफंड ने 1 मिलियन डॉलर की सीड राउंड राशि जुटाई
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इस फंड का इस्तेमाल उत्पाद को और विकसित करने तथा बाजार में उपस्थिति का विस्तार करने में किया जाएगा

अहमदाबाद : एडुफंड, भारत की पहली कंपनी जोकि एक बच्‍चे की बचत (रुपये एवं डॉलर) से लेकर इमिग्रेशन तक की उच्‍च शिक्षा की यात्रा को कवर करती है, ने आज घोषणा करते हुए बताया कि उसने 1 मिलियन डॉलर की सीड राउंड राशि जुटाई है। एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स के नेतृत्व में, व्यूट्रेडहोल्डिंग कॉर्प और अन्य मुख्य निवेशकों के अतिरिक्त निवेश के साथ जुटाए गए फंड का इस्तेमाल उत्पाद की पेशकश को बढ़ाने और बाजार में कंपनी की उपस्थिति का विस्तार करने में किया जाएगा।
जून 2020 में स्थापित, एडुफंड प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चे की उच्च शिक्षा यात्रा के लिए योजना बनाने और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा से जुड़े वित्तीय बोझ को कम करने में मदद करने के लिए एक समग्र योजना उपकरण प्रदान करता है। एडुफंड की सह संस्थापक ईला दुबे ने कहा, "जबकि अधिकांश भारतीय माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा के लिए बचत करते हैं, कम उम्र से ही अपने बच्चे के लिए निवेश करने और एक नियोजित फंड बनाने की अवधारणा अभी भी विकसित हो रही अवधारणा है। इसके अलावा चार साल के कॉलेज प्रोग्राम्‍स में शामिल होने का बढ़ता खर्च जोकि हर साल महंगाई की तरह दोगुनी रफ्‍तार से बढ़ रहा है; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक महंगी होती जा रही है। विशेष रूप से प्रमुख संस्थानों की उच्च कीमत और वर्षों के दौरान महंगाई को देखते हुए एडुफंड में हमारा मानना है कि पारंपरिक एफडी और एलआईसी से इतर जल्दी योजना बनाना और सही निवेश करना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा, "लोन एक समाधान हैं; हालांकि, व्यक्तिगत अनुभव से बताया जा सकता है कि कोई सह हस्ताक्षरकर्ता या कोलैटरल नहीं होने की वजह से स्‍टूडेंट्स को इसे हासिल करना मुश्किल लगता है। इसलिए, लोन के मुकाबले कुछ बचत करना भी संभावित रूप से भविष्य के लिए फायदेमंद है।"
यह प्लेटफ़ॉर्म यूजर्स को एक अनूठा कॉलेज कैलकुलेटर मुहैया कराते हुए एक केंद्रीकृत समाधान के रूप में कार्य करता है जो किसी भी देश में किसी भी शैक्षिक संगठन की सही कीमत (महंगाई, मुद्रा और आवास व्यय जैसे कारकों पर विचार करने) को समझने में मदद करता है। यह यूजर्स को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में म्यूचुअल फंड में निवेश करने की अनुमति देता है, जो बचत में अनुशासन बनाने में मदद करता है। ऐप कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करके विदेशों में अध्ययन की जटिलता को कम करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, यह लोन लेने में मदद करते हुए इमिग्रेशन पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
"भारत में लाखों लोग हैं जो अपने बच्चे को विदेश भेजने के लिए पैसे बचाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें तरीकों के बारे में नहीं पता होता। एडुफंड माता-पिता को सलाह देकर ऐसा करने में उनकी मदद करता है, जिसमें बचत और सेवाएं प्रदान करना, जैसे कि लोन, विभिन्न निवेश के अवसर, परामर्श सेवाएं, आदि शामिल हैं। हम एक ऐसी कंपनी में निवेश करने के लिए रोमांचित हैं, जो माता-पिता के जीवन को उनके बच्चे की शिक्षा के लिए योजना बनाने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना रही है।" यह कहना है एंकरेज कैपिटल पार्टनर्स के पार्टनर अर्जुन शेठ का।
“यदि आप अधिकांश भारतीय पेरेंट्स की तरह हैं,और अपने बच्‍चे को कॉलेज भेजना चाहते हैं। तो एक बचत योजना शुरु करके आप बड़े लोन का बोझ कम कर सकते हैं। एडुफंड युवा पेरेंट्स द्वारा “शिक्षा के लिए बचत” का प्रबंधन कैसे किया जाए, इसमें क्रांति लेकर आ रहा है। हमारा मानना है कि उनकी बचत, परामर्श और लोन का वन-स्‍टॉप इकोसिस्‍टम एक पेरेंट को अपने बच्‍चे के बेहतर भविष्‍य के लिए अपना कस्‍टमाइज्‍ड प्‍लान बनाने में मदद करता है। ईला और अरिंदम के निजी सफर ने इस उपक्रम को बढ़ावा दिया है और वे अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
व्यूट्रेड में को-फाउंडर और प्रेसिडेंट जेम्स सेंट क्लेयर ने कहा, "पिछले एक साल में हुई प्रगति को देखने के बाद, हम व्यूट्रेड में एडुफंड में निवेश करने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। ईला और अरिंदम दोनों, किए जा रहे काम के लिए एक जुनून और दृढ़ता का प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और हमें विश्वास है कि वे सही जगह सही समय पर मौजूद हैं। हम उनकी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। कंपनी ने कई काउंसलर पार्टनरशिप में प्रवेश किया है, जिसमें ऑनकोर्स ग्लोबल, जॉल्डोस कोचिंग, रेवा एजुकेशन कंसल्टेंट और ओवरसीज एजुकेशन कंसल्टेंसी शामिल हैं। एडुफंड सेबी द्वारा विनियमित एक पंजीकृत निवेश सलाहकार भी है। इसके अलावा, यह यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए 100% गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। कंपनी ने अमेरिकी डॉलर से संबंधित उत्पादों में निवेश की पेशकश करने के लिए एक प्रमुख अमेरिकी ब्रोकर-डीलर के साथ भी साझेदारी की है। एडुफंड अपने बच्चे की शिक्षा के सपनों को लेकर फिक्रमंद सभी आय समूहों के माता-पिता को लक्षित करता है। कंपनी का मानना है कि जहां हर माता-पिता की अपने बच्चे की शिक्षा के लिए बहुत महत्वाकांक्षा होती है, वहीं कई लोग मार्गदर्शन और योजना की कमी के कारण इसे वहन नहीं कर पाते। इसलिए, एडुफंड का उद्देश्य माता-पिता को बिना किसी समझौता के अपने बच्चे की शिक्षा की योजना जल्दी बनाने में मदद करना है।

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