Indore : सुरेन्द्र संघवी जी (Surendra Sanghvi) पंचतत्व में विलीन, लोगों की आंखें हुई नम..

 

 सुरेन्द्र संघवी जी पंचतत्व में विलीन, लोगों की आंखें हुई नम..

श्रद्धांजलि सभा में बोले कैलाश विजयवर्गीय-यह मेरे परिवार की क्षति है

शहर के गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि

इंदौर। चौथा संसार के प्रबंध सम्पादक और समाजसेवी- उद्योगपति सुरेन्द्र भाई संघवी का पार्थिव शरीर रामबाग मुक्तिधाम में पंचतत्व में विलीन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने सुरेन्द्रभाई संघवी को श्रद्धांजलि देते हुए अपने स्मरण साझा किए। श्री संघवी की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान प्रगति विहार बिचौली मर्दाना से शुरू हुई जिसमें परिवारजनों के अलावा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक पहुंचे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) पहले ही रामबाग मुक्तिधाम पहुंच चुके थे। विद्युत शव दाहगृह में सुरेन्द्रभाई संघवी का अंतिम संस्कार किया गया। यहां पर कैलाश विजयवर्गीय ने सुरेन्द्र संघवी के चरणों में नमन किया। इस दौरान वे भावुक भी नजर आए। श्रद्धांजलि सभा में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि संघवी परिवार से मेरा पुराना नाता है। सुरेन्द्रभाई ही मुझे राजनीति में लेकर आए थे। जब मैंने पहला पार्षद चुनाव लड़ा था, तब मेरे पास पैसे भी नहीं थे। तब सुरेन्द्रभाई ने कहा था चिंता की कोई बात नहीं, तुम चुनाव लड़ो, पैसे की दिक्कत नहीं आएगी। सुरेन्द्रभाई और संघ के सुरेश सोनी ही मुझे राजनीति में लेकर आए है। आज मैं जो भी कुछ हूं वह सुरेन्द्रभाई की वजह से ही हूं। यह संघवी परिवार की क्षति नहीं, मेरे परिवार की क्षति है। रामबाग मुक्तिधाम में श्रद्धांजलि सभा के बाद अंतिम यात्रा में शामिल लोग यहां से निकलने लगे तो संघवी परिवार के साथ कैलाश विजयवर्गीय भी पूरे समय खड़े रहे और यहां से जाने वालों का हाथ मौन आभार व्यक्त करते रहे।


महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी पहुंचे
सुरेन्द्र संघवी जी को श्रद्धांजलि देने महापौर पुष्यमित्र भार्गव, वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग, रमण रावल, पूर्व विधायक विशाल पटेल ,कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन, प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी, सुशीम पगारे, कीर्ति राणा, रवीन्द्र व्यास, आलोक वाजपेयी, गुजराती समाज के दीपक मोदी, दीपक सोनी, नीलेश पटेल, पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र भाई पटेल, आदि गुजराती समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
गुजराती समाज के अध्यक्ष प्रदीपभाई शाह ने कहा – वे मेरे बचपन के मित्र थे। स्कूली शिक्षा हमने साथ में की थी और उसके बाद भी हम लगातार एकदूसरे से जुड़े रहे। इंदौर शहर के पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने कहा कि सुरेंद्रभाई संघवी मेरे बड़े भाई की तरह थे और उनका स्नेह मुझे बराबर मिलता रहा। जैन समाज के अध्यक्ष योगेशभाई कोठारी ने भी सुरेंद्रभाई संघवी को श्रद्धांजलि दी।
चारों भाइयों के साथ परिवार भी आंखें हुई नम
अपने ज्येष्ठ भ्राता सुरेंद्रभाई संघवी के अंतिम दर्शन के दौरान रामबाग मुक्तिधाम में नैनेश संघवी, योगेश संघवी, पंकज संघवी और भूपेश (टीनू) संघवी, पुत्र प्रतीक संघवी, भतीजे अमन संघवी, कुणाल संघवी, प्रणव, सिद्धार्थ, पौत्र मोक्ष एवं देव के साथ पूरे परिजन गमगीन नजर आए।

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