The films of Raj Kapoor and Guru Dutt taught how to treat women

संजय लीला भंसाली का बड़ा खुलासा: राज कपूर और गुरु दत्त की फिल्मों ने सिखाया महिलाओं को पर्दे पर सम्मान देना

संजय लीला भंसाली का बड़ा खुलासा: राज कपूर और गुरु दत्त की फिल्मों ने सिखाया महिलाओं को पर्दे पर सम्मान देना

Mumbai: फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने एक बार फिर अपनी उस गहरी सोच को रेखांकित किया है जिसमें वह कहानी के केंद्र में महिलाओं को रखते हैं। भारतीय सिनेमा के कुछ सबसे प्रतिष्ठित निर्देशकों से प्रेरणा लेते हुए, भंसाली ने बताया कि कैसे उनके पसंदीदा फिल्मकारों ने उनकी रचनात्मक दृष्टि को आकार दिया।
भंसाली ने राज कपूर, यश चोपड़ा, के. आसिफ, महबूब खान, बिमल रॉय, गुरु दत्त और वी. शांताराम जैसे महान निर्देशकों का उल्लेख किया, जिन्हें वह अत्यंत सम्मान देते हैं। उनके अनुसार, इन सभी दिग्गजों में एक समान बात थी—महिलाओं को केंद्र में रखकर प्रभावशाली कहानियां कहने की क्षमता।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जिन भी निर्देशकों को मैंने पसंद किया है—राज कपूर, यश चोपड़ा, के. आसिफ, महबूब खान, बिमल रॉय साहब, गुरु दत्त, वी. शांताराम—उन्होंने सभी ने महिलाओं पर खूबसूरत कहानियां बनाई हैं। उन्होंने समझा कि वह पुरुष की सृजनकर्ता है, इसलिए साहित्य, सिनेमा और कला के हर रूप में उसे स्थान मिलना चाहिए।”
इस विचार को आगे बढ़ाते हुए भंसाली ने जोर दिया कि ये निर्देशक केवल पुरुषों की कहानियां नहीं कहते थे, बल्कि ऐसी कथाएं रचते थे जिनमें महिलाएं बराबर, बल्कि कई बार अधिक महत्वपूर्ण होती थीं। यही दर्शन भंसाली ने अपनी फिल्मों में लगातार अपनाया है।
अपने काम के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कहानी मजबूत महिला किरदारों के बिना अधूरी है। “अगर बाजीराव है, तो मेरे लिए मस्तानी भी है। जब तक मस्तानी नहीं होगी, मैं बाजीराव नहीं बनाऊंगा। जब तक पद्मावत जैसी नायिका नहीं होगी, जो किले की रक्षा करे, युद्ध लड़े और अग्नि में प्रवेश करे, तब तक मैं वह फिल्म नहीं बनाऊंगा,” उन्होंने कहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके सिनेमा में महिलाओं की भूमिका भावनात्मक और कथा के केंद्र में होती है।
वर्षों से भंसाली ने यादगार महिला किरदार गढ़ने की अपनी पहचान बनाई है—चाहे वह मस्तानी जैसी कोमल और प्रभावशाली छवि हो या पद्मावत जैसी दृढ़ और साहसी नायिका, जो पुरुष पात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती हैं और अक्सर कहानी की असली शक्ति बन जाती हैं।
काम के मोर्चे पर, संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी अगली महत्वाकांक्षी फिल्म “लव एंड वॉर” की तैयारी में जुटे हैं, जिसे लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इस फिल्म में आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

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Date : 19 March 2026 Posted By : EDITOR
संजय लीला भंसाली का बड़ा खुलासा: राज कपूर और गुरु दत्त की फिल्मों ने सिखाया महिलाओं को पर्दे पर सम्मान देना
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संजय लीला भंसाली का बड़ा खुलासा: राज कपूर और गुरु दत्त की फिल्मों ने सिखाया महिलाओं को पर्दे पर सम्मान देना

Mumbai: फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने एक बार फिर अपनी उस गहरी सोच को रेखांकित किया है जिसमें वह कहानी के केंद्र में महिलाओं को रखते हैं। भारतीय सिनेमा के कुछ सबसे प्रतिष्ठित निर्देशकों से प्रेरणा लेते हुए, भंसाली ने बताया कि कैसे उनके पसंदीदा फिल्मकारों ने उनकी रचनात्मक दृष्टि को आकार दिया।
भंसाली ने राज कपूर, यश चोपड़ा, के. आसिफ, महबूब खान, बिमल रॉय, गुरु दत्त और वी. शांताराम जैसे महान निर्देशकों का उल्लेख किया, जिन्हें वह अत्यंत सम्मान देते हैं। उनके अनुसार, इन सभी दिग्गजों में एक समान बात थी—महिलाओं को केंद्र में रखकर प्रभावशाली कहानियां कहने की क्षमता।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जिन भी निर्देशकों को मैंने पसंद किया है—राज कपूर, यश चोपड़ा, के. आसिफ, महबूब खान, बिमल रॉय साहब, गुरु दत्त, वी. शांताराम—उन्होंने सभी ने महिलाओं पर खूबसूरत कहानियां बनाई हैं। उन्होंने समझा कि वह पुरुष की सृजनकर्ता है, इसलिए साहित्य, सिनेमा और कला के हर रूप में उसे स्थान मिलना चाहिए।”
इस विचार को आगे बढ़ाते हुए भंसाली ने जोर दिया कि ये निर्देशक केवल पुरुषों की कहानियां नहीं कहते थे, बल्कि ऐसी कथाएं रचते थे जिनमें महिलाएं बराबर, बल्कि कई बार अधिक महत्वपूर्ण होती थीं। यही दर्शन भंसाली ने अपनी फिल्मों में लगातार अपनाया है।
अपने काम के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कहानी मजबूत महिला किरदारों के बिना अधूरी है। “अगर बाजीराव है, तो मेरे लिए मस्तानी भी है। जब तक मस्तानी नहीं होगी, मैं बाजीराव नहीं बनाऊंगा। जब तक पद्मावत जैसी नायिका नहीं होगी, जो किले की रक्षा करे, युद्ध लड़े और अग्नि में प्रवेश करे, तब तक मैं वह फिल्म नहीं बनाऊंगा,” उन्होंने कहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनके सिनेमा में महिलाओं की भूमिका भावनात्मक और कथा के केंद्र में होती है।
वर्षों से भंसाली ने यादगार महिला किरदार गढ़ने की अपनी पहचान बनाई है—चाहे वह मस्तानी जैसी कोमल और प्रभावशाली छवि हो या पद्मावत जैसी दृढ़ और साहसी नायिका, जो पुरुष पात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती हैं और अक्सर कहानी की असली शक्ति बन जाती हैं।
काम के मोर्चे पर, संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी अगली महत्वाकांक्षी फिल्म “लव एंड वॉर” की तैयारी में जुटे हैं, जिसे लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इस फिल्म में आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

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