Lok Sabha Election 2024 Highest voting in West Bengal

Lok Sabha Election 2024: पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग, बिहार में सबसे कम…

 

नई दिल्ली – लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीटों पर शुक्रवार को शाम पांच बजे तक लगभग 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आईं, वहीं छत्तीसगढ़ में एक ग्रेनेड लांचर के गोले में दुर्घटनावश विस्फोट होने से सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई। इससे पहले अपराह्न तीन बजे तक 49.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अपराह्न तीन बजे तक का मतदान (49.78 प्रतिशत) का आंकड़ा केवल अनुमान आधारित है और मतदान शांतिपूर्ण एवं निर्बाध तरीके से चल रहा है।
लोकसभा चुनाव के साथ शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव के लिए भी मतदान किया जा रहा है। विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहली बार मतदान करने वालों में विवाह परिधान में आए कई नवविवाहित जोड़े, दिव्यांग लोग और स्ट्रेचर तथा व्हीलचेयर पर आए कुछ बुजुर्ग शामिल थे। तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह और असम में कुछ बूथ पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में मामूली खामियों की शिकायत आई। मतदान सुबह सात बजे आरंभ हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक पश्चिम बंगाल में 66.34 प्रतिशत मतदान हुआ और मेघालय में 62 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में सन्नाटा पसरा रहा जहां अलग राज्य की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों के एक संघ द्वारा अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान के कारण लोग घरों में ही रहे। पश्चिम बंगाल में कूचबिहार सीट पर हिंसा के कारण मतदान प्रभावित हुआ।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मतदान के पहले कुछ घंटों में चुनावी हिंसा, मतदाताओं को धमकाने और चुनाव एजेंटों पर हमलों संबंधी क्रमश: 80 तथा 39 शिकायतें दर्ज करायी हैं। हिंसा प्रभावित मणिपुर में करीब 45.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनर मणिपुर लोकसभा सीट के तहत आने वाले थोंगजु विधानसभा क्षेत्र में स्थानीयों और अज्ञात व्यक्तियों के बीच वाद-विवाद हो गया।
छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट पर तीन बजे तक 58.14 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। राज्य के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए एक आईईडी में विस्फोट होने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का जवान घायल हो गया। तमिलनाडु में सभी 39 लोकसभा सीटों पर तीन बजे तक 40 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। श्रीपेरुम्बुदूर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले तम्बाराम के समीप एक मतदान केंद्र तथा कुछ अन्य मतदान केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी के कारण मतदान में करीब एक घंटे की देरी हुई। अरुणाचल प्रदेश में कुल 8,92,694 मतदाताओं में से 53 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। खराब मौसम के कारण सुबह के समय मतदान का प्रतिशत सामान्य था, लेकिन मौसम की स्थिति में सुधार के साथ इसमें तेजी आई।
मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पवन कुमार साईं ने बताया कि राज्य के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तकनीकी खराबी आने के कारण मतदान में देरी हुई, जिन्हें बाद में बदल दिया गया। मणिपुर में कुछ स्थानों पर ईवीएम को नुकसान पहुंचाए जाने की भी खबरें आईं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए तीन बजे तक 45.4 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ईवीएम संबंधी कुछ छोटी-मोटी गड़बड़ियां थीं लेकिन उन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया। अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में पहली बार शोंपेन जनजाति के सात सदस्यों ने केंद्र शासित प्रदेश की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

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Date : 20 April 2024 Posted By : EDITOR
Lok Sabha Election 2024: पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग, बिहार में सबसे कम…
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नई दिल्ली - लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीटों पर शुक्रवार को शाम पांच बजे तक लगभग 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आईं, वहीं छत्तीसगढ़ में एक ग्रेनेड लांचर के गोले में दुर्घटनावश विस्फोट होने से सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई। इससे पहले अपराह्न तीन बजे तक 49.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अपराह्न तीन बजे तक का मतदान (49.78 प्रतिशत) का आंकड़ा केवल अनुमान आधारित है और मतदान शांतिपूर्ण एवं निर्बाध तरीके से चल रहा है।
लोकसभा चुनाव के साथ शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव के लिए भी मतदान किया जा रहा है। विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहली बार मतदान करने वालों में विवाह परिधान में आए कई नवविवाहित जोड़े, दिव्यांग लोग और स्ट्रेचर तथा व्हीलचेयर पर आए कुछ बुजुर्ग शामिल थे। तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह और असम में कुछ बूथ पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में मामूली खामियों की शिकायत आई। मतदान सुबह सात बजे आरंभ हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक पश्चिम बंगाल में 66.34 प्रतिशत मतदान हुआ और मेघालय में 62 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में सन्नाटा पसरा रहा जहां अलग राज्य की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों के एक संघ द्वारा अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान के कारण लोग घरों में ही रहे। पश्चिम बंगाल में कूचबिहार सीट पर हिंसा के कारण मतदान प्रभावित हुआ।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मतदान के पहले कुछ घंटों में चुनावी हिंसा, मतदाताओं को धमकाने और चुनाव एजेंटों पर हमलों संबंधी क्रमश: 80 तथा 39 शिकायतें दर्ज करायी हैं। हिंसा प्रभावित मणिपुर में करीब 45.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनर मणिपुर लोकसभा सीट के तहत आने वाले थोंगजु विधानसभा क्षेत्र में स्थानीयों और अज्ञात व्यक्तियों के बीच वाद-विवाद हो गया।
छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट पर तीन बजे तक 58.14 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। राज्य के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए एक आईईडी में विस्फोट होने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का जवान घायल हो गया। तमिलनाडु में सभी 39 लोकसभा सीटों पर तीन बजे तक 40 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। श्रीपेरुम्बुदूर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले तम्बाराम के समीप एक मतदान केंद्र तथा कुछ अन्य मतदान केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी के कारण मतदान में करीब एक घंटे की देरी हुई। अरुणाचल प्रदेश में कुल 8,92,694 मतदाताओं में से 53 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। खराब मौसम के कारण सुबह के समय मतदान का प्रतिशत सामान्य था, लेकिन मौसम की स्थिति में सुधार के साथ इसमें तेजी आई।
मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पवन कुमार साईं ने बताया कि राज्य के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तकनीकी खराबी आने के कारण मतदान में देरी हुई, जिन्हें बाद में बदल दिया गया। मणिपुर में कुछ स्थानों पर ईवीएम को नुकसान पहुंचाए जाने की भी खबरें आईं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए तीन बजे तक 45.4 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ईवीएम संबंधी कुछ छोटी-मोटी गड़बड़ियां थीं लेकिन उन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया। अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में पहली बार शोंपेन जनजाति के सात सदस्यों ने केंद्र शासित प्रदेश की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

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