‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर जारी, देव शर्मा, अंजलि अरोड़ा और रजनीश दुग्गल अभिनीत फिल्म के केंद्र में विचार, “अधर्म के सामने, धर्म का नाम, श्री राम”
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर जारी, देव शर्मा, अंजलि अरोड़ा और रजनीश दुग्गल अभिनीत फिल्म के केंद्र में विचार, “अधर्म के सामने, धर्म का नाम, श्री राम”
मुंबई: ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर जारी कर दिया गया है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में हिंदी और छत्तीसगढ़ी, दोनों भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होगी। देव शर्मा श्री राम, अंजलि अरोड़ा माता सीता और रजनीश दुग्गल रावण की भूमिका में हैं, जबकि शील वर्मा लक्ष्मण और निर्भय वाधवा हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म प्रभु श्री राम की यात्रा को प्रेम, भक्ति, मर्यादा और धर्म के भाव के साथ बड़े पर्दे पर लेकर आती है।
BookMyShow पर ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को लेकर रुचि रिलीज़ से पहले तेज़ी से बढ़ रही है, जो फिल्म के प्रति दर्शकों के बढ़ते उत्साह को दर्शाती है।
ट्रेलर रामायण के कुछ प्रमुख प्रसंगों और भावनाओं से होकर गुजरता है, श्री राम और माता सीता के संबंध से लेकर वनवास, सीता हरण, हनुमान जी की भक्ति और अंततः धर्म तथा अधर्म के बीच संघर्ष तक।
ट्रेलर इसी मूल संघर्ष को इस विचार के माध्यम से सामने रखता है, “अधर्म के सामने, धर्म का नाम, श्री राम,” और फिल्म की कथा के केंद्र में धर्म तथा मर्यादा को स्थापित करता है।
फिल्म के केंद्र में वह ‘कथा भाव’ है, जिसे निर्माता रामायण के उस भावनात्मक और भक्तिमय स्वरूप के रूप में देखते हैं जिसके साथ यह कथा पीढ़ियों से परिवारों में सुनी, देखी और अनुभव की जाती रही है। फिल्म की व्यापक सोच में श्री राम को मर्यादा, माता सीता को संकल्प, हनुमान जी को भक्ति और लक्ष्मण को कर्तव्य के माध्यम से देखा गया है।
हाल के बड़े पर्दे के कई रूपांतरण जहां अक्सर भव्यता और दृश्य विस्तार से पहचाने गए हैं, वहीं ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ अधिक आत्मीय दृष्टिकोण अपनाती है और अपनी शक्ति कथा, संगीत तथा उसके भावनात्मक केंद्र से लेती है।
निर्देशक अभिषेक सिंह कहते हैं, “रामायण को देखने का हर फिल्मकार का अपना तरीका होगा। हमारे लिए पहला प्रश्न यह था कि दर्शक अपने साथ कौन-सा भाव लेकर जाएं। हम बार-बार कथा भाव की ओर लौटे, श्री राम और माता सीता के प्रेम, हनुमान जी की भक्ति, लक्ष्मण के कर्तव्य और हर परिस्थिति में श्री राम की मर्यादा की ओर। हमारी प्रस्तुति के केंद्र में वही भाव रहना आवश्यक था।”
निर्माता प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला के लिए इस फिल्म को बनाने का निर्णय कथा से उनके गहरे व्यक्तिगत जुड़ाव से भी आया।
वे कहते हैं, “रामायण अनेक रूपों में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंची है, कथाओं, भजनों, परिवारों के साथ बैठने की परंपरा और पर्दे के माध्यम से। हमारे साथ केवल घटनाएं नहीं रहतीं, बल्कि वह भाव भी रहता है जिसके साथ हम उन्हें ग्रहण करते हैं। हमारा उद्देश्य सबसे बड़ा या सबसे महंगा रूपांतरण बनाना नहीं था। हम श्रद्धा के साथ फिल्म बनाना चाहते थे और ऐसा अनुभव रचना चाहते थे जिसे अलग-अलग पीढ़ियों के परिवार साथ बैठकर देख सकें।”
श्री राम की भूमिका निभा रहे देव शर्मा कहते हैं, “मेरे लिए श्री राम की शक्ति केवल इस बात में नहीं है कि वे क्या कर सकते हैं, बल्कि उस संयम, करुणा, कर्तव्य और मर्यादा में है जिसके साथ वे हर निर्णय लेते हैं। मेरे लिए शुरुआत वहीं से हुई। जब आप ऐसे व्यक्तित्व को पर्दे पर निभाते हैं जिन्हें लोग केवल एक पात्र नहीं, बल्कि श्रद्धा से देखते हैं, तब जिम्मेदारी भी अलग होती है। सिर्फ ‘जय श्री राम’ कह देने भर से ही आपके आसपास एक ऐसा आभामंडल बन जाता है, जो आपको सही मार्ग से भटकने नहीं देता।”
माता सीता के रूप में अपनी फीचर फिल्म की शुरुआत कर रहीं अंजलि अरोड़ा ने इस किरदार को केवल एक भूमिका के रूप में नहीं, बल्कि संकल्प, गरिमा और आंतरिक शक्ति की गहरी अनुभूति के साथ आत्मसात किया।
अपने किरदार के बारे में अंजलि कहती हैं, “माता सीता के व्यक्तित्व की जो बात मेरे दिल के सबसे करीब रही, वह उनका अटूट संकल्प था। उनके भीतर अपार कोमलता और गरिमा है, लेकिन इसी कोमलता के पीछे एक अद्भुत आंतरिक शक्ति भी दिखाई देती है। जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों और वियोग के दौर में भी उन्होंने अपनी गरिमा, अपने विश्वास और अपने मूल्यों को कभी नहीं छोड़ा। मेरे लिए इस किरदार को निभाते हुए सबसे महत्वपूर्ण यही था कि मैं उनकी उस आंतरिक शक्ति और गरिमा को पूरी संवेदनशीलता के साथ अपने अभिनय में उतार सकूँ।”
रावण की भूमिका निभा रहे रजनीश दुग्गल कहते हैं, “रावण के पास अपार ज्ञान, शक्ति और सामर्थ्य था, लेकिन अंततः उसका अहम् उसकी बुद्धि से बड़ा हो गया। रावण के दस सिर थे, लेकिन उसका विनाश उस एक ‘मैं’ ने किया, जिसे अहम् कहते हैं। हम सभी के भीतर एक रावण है। बस हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम उसे भीतर बढ़ने न दें। मेरे लिए यही बात धर्म और अधर्म के इस संघर्ष को आज भी उतना ही प्रासंगिक बनाती है।”
संगीत भी फिल्म की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके गीतों को कथा के भक्तिमय और भावनात्मक संसार के विस्तार के रूप में रचा गया है, जिसमें श्री राम, माता सीता और हनुमान जी से जुड़े गीत फिल्म की रिलीज़ यात्रा का प्रमुख भाग हैं।
फिल्म के हिंदी और छत्तीसगढ़ी गीतों से जुड़ी प्रमुख आवाज़ों में कैलाश खेर, जावेद अली, फरहाद भिवंडीवाला, अनुराग शर्मा और सुनील सोनी शामिल हैं, जबकि एक आगामी गीत में शान की आवाज़ भी सुनाई देगी। फिल्म की रिलीज़ से पहले की यात्रा में अब तक टीज़र और तीन गीत, ‘सिया राम’, ‘राम जी की सेना’ और ‘हे हनुमान’ शामिल रहे हैं, जबकि आगे भी फिल्म का संगीत जारी होगा।
फिल्म का छत्तीसगढ़ से संबंध केवल भाषा तक सीमित नहीं है। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग राज्य की वास्तविक लोकेशनों पर की गई है, जिससे वहां का प्राकृतिक भू-दृश्य भी कथा की दुनिया का हिस्सा बनता है।
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म के निर्माता प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला हैं, सह-निर्माता हनी कुलदीप अग्रवाल और मोनिका सेन हैं, तथा इसे एजे फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड के अजय कनोजिया प्रस्तुत कर रहे हैं। यह महोबिया फिल्म्स प्रोडक्शन की प्रस्तुति है।
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ 25 सितंबर 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में हिंदी और छत्तीसगढ़ी, दोनों भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होगी।
