Mahashivratri 2026 12 auspicious and 4 Rajyoga on Mahashivratri

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 12 शुभ और 4 राजयोग, जानें चार प्रहर की पूजा मुहूर्त

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 12 शुभ और 4 राजयोग, जानें चार प्रहर की पूजा मुहूर्त

महाशिवरात्रि पर मनोकामना पूरक योग

शिव भक्त श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान के साथ भोले बाबा की आराधना करेंगे, इस खास दिन पर कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है.महाशिवरात्रि पर चार पहर का पूजा मुहूर्त बेहद खास माना जाता है. पहला प्रहर 15 फरवरी की शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. दूसरा प्रहर 15 फरवरी की रात 9 बजकर 23 मिनट से 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट तक होगा.

Mahashivratri 2026: इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जा रही है। इस बार महाशिवरात्रि पड़ रही है, जो भगवान भोलेनाथ का बहुत ही विशेष दिन है। इस दिन भगवान भोलेनाथ के भक्त विशेष पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि, इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, शहद और चंदन लगाने से साधक के दुखों का अंत होता है। साथ ही जलाभिषेक करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। शास्त्रों में महाशिवरात्रि को शिव और पार्वती के मिलन का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस खास उपलक्ष्य में देशभर के मंदिरों में शिव बारात और रात्रि जागरण का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन प्रातकालीन उठें स्नान करें, एक पवित्र कलश में शुद्ध जल भर लें, साथ में शहद, शक्कर, घी, गुड और कुछ प्रसाद ले लें. किसी शिवालय में जाकर भगवान भोलेनाथ को स्नान कराएं. दूध, दही, गंगाजल, शहद और शक्कर से स्नान कराएं, बेलपत्र धतूर का पत्ता धतूर के फल, फूल, आम के बौर और तरह-तरह के ऐसे फूल जो भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय हैं, ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए उन्हें अर्पित करें. फिर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना-आरती करें, जिससे भगवान भोलेनाथ बहुत प्रसन्न होते हैं।

महाशिवरात्रि 2026 तिथि

फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 4 मिनट पर हो रही है।
इस तिथि का समापन 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा।
इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मान्य होगी।
महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा मुहूर्त
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 06:39 से 09:45
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय -शाम 09:45 से 12:52
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – सुबह 12:52 से 03:59
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – सुबह 03:59 से 07:06

महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा मुहूर्त
निशिता काल पूजा समय – 15 फरवरी 2026 की रात 11 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट
प्रथम प्रहर पूजा का समय – शाम 05 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 53 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा का समय – रात 08 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 03 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा का समय- रात 12 बजकर 03 मिनट से 03 बजकर 14 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर पूजा का समय- 16 फरवरी की सुबह 03 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक
महाशिवरात्रि व्रत पारण समय – 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार को 07 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक
महाशिवरात्रि 12 शुभ और 4 राजयोग
महाशिवरात्रि की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाले योगों की लंबी लिस्ट है. इस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, साध्य योग, शिव योग, शुक्ल योग, शोभन योग, सर्वार्थसिद्धि योग, चंद्रमंगल योग, त्रिग्रही योग, राज योग और ध्रुव योग जैसे 12 शुभ योग एक साथ सक्रिय रहेंगे, इन योगों के साथ-साथ सूर्य, बुध और शुक्र की युति से बुधादित्य योग, लक्ष्मी नारायण योग और शुक्रादित्य योग जैसे 4 बड़े राजयोग भी बन रहे हैं, ये सभी योग आपस में जुड़कर एक ऐसी शक्ति पैदा करेंगे जो सीधे तौर पर व्यक्ति की बुद्धि, सुख-सुविधाओं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम करेगी.

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