Mamta Banerjee wrote a letter to PM Modi

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, ‘रेप के आरोपियों को 15 दिन के भीतर मिले कड़ी सजा’

 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज मामले की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुष्कर्म जैसे वीभत्स मामलों में संलिप्त आरोपियों के लिए 15 दिन के भीतर कठोर सजा के लिए कानून बनाने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की मांग की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंद्योपाध्याय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा है कि पूरे देश में बलात्कार के मामले नियमित रूप से सामने आते हैं। कई मामलों में हत्या के साथ बलात्कार भी होते हैं। देश में प्रतिदिन लगभग 90 बलात्कार के मामले समाज और राष्ट्र के आत्मविश्वास और विवेक को झकझोर देते हैं।
उन्होंने लिखा है कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए “ऐसे नृशंस अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ अनुकरणीय दंड का प्रावधान करने वाले कड़े केंद्रीय कानून” हों और ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना पर भी विचार किया जाना चाहिए ताकि सुनवाई 15 दिन के भीतर पूरी की जा सके।

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Date : 23 August 2024 Posted By : EDITOR
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, ‘रेप के आरोपियों को 15 दिन के भीतर मिले कड़ी सजा’
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज मामले की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुष्कर्म जैसे वीभत्स मामलों में संलिप्त आरोपियों के लिए 15 दिन के भीतर कठोर सजा के लिए कानून बनाने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की मांग की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंद्योपाध्याय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा है कि पूरे देश में बलात्कार के मामले नियमित रूप से सामने आते हैं। कई मामलों में हत्या के साथ बलात्कार भी होते हैं। देश में प्रतिदिन लगभग 90 बलात्कार के मामले समाज और राष्ट्र के आत्मविश्वास और विवेक को झकझोर देते हैं।
उन्होंने लिखा है कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए "ऐसे नृशंस अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ अनुकरणीय दंड का प्रावधान करने वाले कड़े केंद्रीय कानून" हों और ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना पर भी विचार किया जाना चाहिए ताकि सुनवाई 15 दिन के भीतर पूरी की जा सके।

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