MP Emerges as Leading State in Industry Energy CM Dr. Yadav

MP: निवेश से रोजगार तक, मध्यप्रदेश विकास की नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

MP: निवेश से रोजगार तक, मध्यप्रदेश विकास की नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

डबल इंजन सरकार ने बदली मध्यप्रदेश की तस्वीर : उद्योग और रोजगार में रिकॉर्ड प्रगति

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रही है। केन्द्र से समन्वय और डबल इंजन सरकार होने का परिणाम है कि प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योगों को नई गति मिली है तथा विकास की रफ्तार तेज हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में मीडिया से चर्चा में बताया कि वे बीती रात स्विट्ज़रलैंड दावोस से दिल्ली होते हुए जबलपुर पहुँचे, जहाँ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा के जबलपुर प्रवास के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते छह दिनों के दौरान प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के सक्षम अधिकारियों ने विश्व के सबसे बड़े मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर मध्यप्रदेश की नीतियों, औद्योगिक संभावनाओं और निवेश-अनुकूल वातावरण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिसका सकारात्मक प्रतिसाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश के बड़े और छोटे उद्योगपति मध्यप्रदेश से जुड़कर निवेश और व्यापार करने के लिए उत्सुक हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने एक नई क्रांति की है। पंप स्टोरेज, सोलर और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आज मध्यप्रदेश में डिस्कॉम्स से देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है, जिससे उद्योगों को मजबूती मिली है और राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि मध्यप्रदेश आज देश के उन राज्यों में शामिल है, जहाँ बेरोजगारी दर सबसे कम है। उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी दर लगभग 1 से 1.5 प्रतिशत के बीच है और जनसंख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है। पर्याप्त बिजली अधिशेष, मजबूत लैंड बैंक, पर्याप्त जल संसाधन, कुशल श्रम शक्ति तथा श्रम कानूनों सहित अन्य नियमों में किए गए निवेश-अनुकूल सुधारों के कारण राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, बेरोजगारी कम करना और गरीबों के कल्याण के माध्यम से आर्थिक समृद्धि को सशक्त करना है। इन्हीं प्रयासों के चलते प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में इंदौर–उज्जैन और भोपाल–राजधानी क्षेत्र को मिलाकर 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किए गए हैं और अब तीसरी मेट्रोपॉलिटन के रूप में जबलपुर को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से जबलपुर का क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ समृद्ध वन क्षेत्र और जैव विविधता मौजूद है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को और अधिक बढ़ाने के लिये जबलपुर में एक बड़ा रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य प्राणियों को देखने का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश की विशेषता यह है कि यहाँ वन्य प्राणी प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं, किंतु रेस्क्यू सेंटर पर्यटकों की जिज्ञासा को संतुलित समाधान प्रदान करेगा। इस पहल की पहली सूची में जबलपुर और उज्जैन को शामिल किया गया है तथा आगे प्रत्येक टाइगर रिज़र्व के समीप ऐसे केंद्र विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वर्ष कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जबलपुर और आसपास के क्षेत्र में कृषि की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, बेहतर भंडारण और मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित हो तथा कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र में इन प्रयासों से नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि ठोस नीतियों, संसाधनों के बेहतर उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय के माध्यम से मध्यप्रदेश विकास, रोजगार और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।

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Date : 23 January 2026 Posted By : EDITOR
MP: निवेश से रोजगार तक, मध्यप्रदेश विकास की नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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MP: निवेश से रोजगार तक, मध्यप्रदेश विकास की नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रही है। केन्द्र से समन्वय और डबल इंजन सरकार होने का परिणाम है कि प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योगों को नई गति मिली है तथा विकास की रफ्तार तेज हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में मीडिया से चर्चा में बताया कि वे बीती रात स्विट्ज़रलैंड दावोस से दिल्ली होते हुए जबलपुर पहुँचे, जहाँ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा के जबलपुर प्रवास के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते छह दिनों के दौरान प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के सक्षम अधिकारियों ने विश्व के सबसे बड़े मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर मध्यप्रदेश की नीतियों, औद्योगिक संभावनाओं और निवेश-अनुकूल वातावरण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिसका सकारात्मक प्रतिसाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश के बड़े और छोटे उद्योगपति मध्यप्रदेश से जुड़कर निवेश और व्यापार करने के लिए उत्सुक हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने एक नई क्रांति की है। पंप स्टोरेज, सोलर और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आज मध्यप्रदेश में डिस्कॉम्स से देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है, जिससे उद्योगों को मजबूती मिली है और राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि मध्यप्रदेश आज देश के उन राज्यों में शामिल है, जहाँ बेरोजगारी दर सबसे कम है। उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी दर लगभग 1 से 1.5 प्रतिशत के बीच है और जनसंख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है। पर्याप्त बिजली अधिशेष, मजबूत लैंड बैंक, पर्याप्त जल संसाधन, कुशल श्रम शक्ति तथा श्रम कानूनों सहित अन्य नियमों में किए गए निवेश-अनुकूल सुधारों के कारण राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, बेरोजगारी कम करना और गरीबों के कल्याण के माध्यम से आर्थिक समृद्धि को सशक्त करना है। इन्हीं प्रयासों के चलते प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में इंदौर–उज्जैन और भोपाल–राजधानी क्षेत्र को मिलाकर 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किए गए हैं और अब तीसरी मेट्रोपॉलिटन के रूप में जबलपुर को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से जबलपुर का क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ समृद्ध वन क्षेत्र और जैव विविधता मौजूद है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को और अधिक बढ़ाने के लिये जबलपुर में एक बड़ा रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य प्राणियों को देखने का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश की विशेषता यह है कि यहाँ वन्य प्राणी प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं, किंतु रेस्क्यू सेंटर पर्यटकों की जिज्ञासा को संतुलित समाधान प्रदान करेगा। इस पहल की पहली सूची में जबलपुर और उज्जैन को शामिल किया गया है तथा आगे प्रत्येक टाइगर रिज़र्व के समीप ऐसे केंद्र विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वर्ष कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जबलपुर और आसपास के क्षेत्र में कृषि की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, बेहतर भंडारण और मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित हो तथा कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र में इन प्रयासों से नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि ठोस नीतियों, संसाधनों के बेहतर उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय के माध्यम से मध्यप्रदेश विकास, रोजगार और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।

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