‘मुसाफिर कैफे’ का नया गाना ‘दरमियाँ’ (Darmiyaan) रिलीज़, इमोशन्स से भर देगा दिल – हेडफोन लगाइए और ये गाना सुनिए..
‘मुसाफिर कैफे’ का नया गाना ‘दरमियाँ’ (Darmiyaan) रिलीज़, इमोशन्स से भर देगा दिल
अपने ट्रेलर और दिल छू लेने वाले संगीत से दर्शकों का दिल जीतने के बाद, ‘मुसाफिर कैफे’ ने पेश किया अपनी अब तक की सबसे भावुक पेशकश – ‘दरमियाँ’
Mumbai: अपने दिलचस्प ट्रेलर और एक के बाद एक रिलीज़ हुए गीतों से जबरदस्त उत्साह पैदा करने के बाद, मुसाफिर कैफे अब अपनी भावनात्मक कहानी को और गहराई देते हुए अपना नया गीत ‘दरमियाँ’ लेकर आया है। यह एक ऐसा दिल को छू लेने वाला गीत है, जो अधूरी प्रेम कहानी की खूबसूरती और उसके दर्द का जश्न मनाता है।
‘दरमियाँ’ हर उस मोहब्बत को समर्पित है जो अधूरी रह गई, हर उस बातचीत को जो कभी पूरी नहीं हो सकी और हर उस वादे को जो अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाया। “काश ऐसा होता…” जैसी भावना के इर्द-गिर्द बुना गया यह गीत दो दिलों के बीच की खामोश दूरी को महसूस कराता है और याद दिलाता है कि कुछ प्रेम कहानियां भले ही खत्म हो जाएं, लेकिन उनकी भावनाएं हमेशा हमारे साथ रहती हैं।
राघव कौशिक द्वारा संगीतबद्ध और अमृता सलूजा के भावपूर्ण बोलों से सजा यह गीत रेखा भारद्वाज और राघव कौशिक की soulful आवाज़ में जीवंत हुआ है। गीत के संगीतमय संयोजन को मयंक रैना की बांसुरी, भूषण चितनिस के गिटार और अभिरुचि सिंह, शुधि रमानी तथा उदित खट्टर की खूबसूरत बैकिंग वोकल्स ने और भी खास बना दिया है। नकुल चुघ द्वारा निर्मित और अभिषेक घाटक द्वारा मिक्स व मास्टर किए गए इस गीत में मुसाफिर कैफे की भावनात्मक आत्मा पूरी तरह झलकती है, जो तड़प और टूटे दिल के एहसास को एक यादगार संगीत अनुभव में बदल देती है। अपनी भावपूर्ण धुन और हर किसी से जुड़ जाने वाली भावना के साथ ‘दरमियाँ’ हर उस “लगभग” अधूरी रह गई कहानी, हर छूटे हुए मौके और हर उस प्रेम कहानी का साउंडट्रैक बनने के लिए तैयार है, जिसे कभी उसकी मंजिल नहीं मिल सकी।
मुसाफिर कैफे का प्रीमियर 24 जुलाई को, विशेष रूप से नेटफ्लिक्स पर होगा।
