Narmada Parikrama Path will be developed cm Dr. Yadav

MP: नर्मदा परिक्रमा पथ किया जायेगा विकास -संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से होंगे विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नर्मदा परिक्रमा पथ किया जायेगा विकास – संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से होंगे विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अष्टधातु से निर्मित मां नर्मदा की आलौकिक प्रतिमा का किया अनावरण

इंदौर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुण्य सलिला मां नर्मदा का मध्य प्रदेश में विशेष आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के परिक्रमा पथ का श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए विकास किया जाएगा। इसके लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया है। परिक्रमा पथ के विकास के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से विशेष कार्य योजना तैयार कर विकास कार्य कराये जाएंगे। परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों के विकास, वृक्षारोपण, आवास निर्माण, अन्न क्षेत्र निर्माण आदि कार्य किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यहां इंदौर में अष्टधातु से निर्मित मां नर्मदा की विशाल अलौकिक प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा विकसित मां नर्मदा चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, सुश्री ऊषा ठाकुर, श्री गोलू शुक्ला, श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शंख ध्वनि और मां नर्मदा के जयकारों के बीच मां नर्मदा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर नर्मदा अष्टक का गान भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा विशेषताओं से भरी नदी है। वैसे तो जीवन में सभी नदियों का विशेष महत्व है, परंतु यह नदी आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखती है। यही एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी श्रद्धालुओं द्वारा पूरी परिक्रमा की जाती है। इसके तट तपोभूमि और साधना स्थली है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा, इसके लिए हम विकास की योजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा का इंदौर में विशेष महत्व एवं आशीर्वाद है। इंदौर की लोक माता देवी अहिल्याबाई पर मां नर्मदा का विशेष आशीर्वाद रहा है। इस नदी का जगत गुरु शंकराचार्य से भी जुड़ाव रहा है। इंदौर में नर्मदा का पेयजल भरपूर मिल रहा है। इससे इंदौर के विकास को नई गति मिल रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने नर्मदा चौराहे के विकास के संबंध में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चौराहे के सौंदर्यीकरण के तहत मां नर्मदा की प्रतिकृति, शंख फाउंटेन और महेश्वर का किला आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इस चौराहे पर मां नर्मदा की 8 फीट ऊंची प्रतिकृति स्थापित की गई है। इसकी चौड़ाई 8 फीट है। इस प्रतिकृति के नीचे मगर की प्रतिकृति भी है। मां नर्मदा की यह प्रतिकृति अष्ट धातु से बनी है, जिसे ग्वालियर के आर्टिस्ट अनुज राय ने तैयार किया है। चौराहे का निर्माण दो फेज में किया जा रहा है और इसे अलग-अलग थीम पर तैयार किया जा रहा है। एक आइलैंड पर महेश्वर का किला और दूसरे आइलैंड पर भेड़ाघाट की प्रतिकृति, शंख फाउंटेन और अन्य आकर्षक आकृतियां दिखाई देंगी। इन आकृतियों और स्ट्रक्चर को एमएस धातु से तैयार किया गया है। एक खास बात यह है कि यह पूरा स्ट्रक्चर मूवेबल है, यानी यदि भविष्य में चौराहे को स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ी, तो इसे आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है। नर्मदा परिक्रमा की जानकारी को भी चौराहे पर आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम के प्रारंभ में विधायक श्री मधु वर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में पार्षद श्री प्रशांत बड़वे ने आभार व्यक्त किया।

×
Date : 12 January 2025 Posted By : EDITOR
MP: नर्मदा परिक्रमा पथ किया जायेगा विकास -संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से होंगे विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
News Image

नर्मदा परिक्रमा पथ किया जायेगा विकास - संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से होंगे विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अष्टधातु से निर्मित मां नर्मदा की आलौकिक प्रतिमा का किया अनावरण

इंदौर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुण्य सलिला मां नर्मदा का मध्य प्रदेश में विशेष आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के परिक्रमा पथ का श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए विकास किया जाएगा। इसके लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया है। परिक्रमा पथ के विकास के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से विशेष कार्य योजना तैयार कर विकास कार्य कराये जाएंगे। परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों के विकास, वृक्षारोपण, आवास निर्माण, अन्न क्षेत्र निर्माण आदि कार्य किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यहां इंदौर में अष्टधातु से निर्मित मां नर्मदा की विशाल अलौकिक प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा विकसित मां नर्मदा चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, सुश्री ऊषा ठाकुर, श्री गोलू शुक्ला, श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शंख ध्वनि और मां नर्मदा के जयकारों के बीच मां नर्मदा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर नर्मदा अष्टक का गान भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा विशेषताओं से भरी नदी है। वैसे तो जीवन में सभी नदियों का विशेष महत्व है, परंतु यह नदी आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखती है। यही एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी श्रद्धालुओं द्वारा पूरी परिक्रमा की जाती है। इसके तट तपोभूमि और साधना स्थली है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा, इसके लिए हम विकास की योजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा का इंदौर में विशेष महत्व एवं आशीर्वाद है। इंदौर की लोक माता देवी अहिल्याबाई पर मां नर्मदा का विशेष आशीर्वाद रहा है। इस नदी का जगत गुरु शंकराचार्य से भी जुड़ाव रहा है। इंदौर में नर्मदा का पेयजल भरपूर मिल रहा है। इससे इंदौर के विकास को नई गति मिल रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने नर्मदा चौराहे के विकास के संबंध में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चौराहे के सौंदर्यीकरण के तहत मां नर्मदा की प्रतिकृति, शंख फाउंटेन और महेश्वर का किला आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इस चौराहे पर मां नर्मदा की 8 फीट ऊंची प्रतिकृति स्थापित की गई है। इसकी चौड़ाई 8 फीट है। इस प्रतिकृति के नीचे मगर की प्रतिकृति भी है। मां नर्मदा की यह प्रतिकृति अष्ट धातु से बनी है, जिसे ग्वालियर के आर्टिस्ट अनुज राय ने तैयार किया है। चौराहे का निर्माण दो फेज में किया जा रहा है और इसे अलग-अलग थीम पर तैयार किया जा रहा है। एक आइलैंड पर महेश्वर का किला और दूसरे आइलैंड पर भेड़ाघाट की प्रतिकृति, शंख फाउंटेन और अन्य आकर्षक आकृतियां दिखाई देंगी। इन आकृतियों और स्ट्रक्चर को एमएस धातु से तैयार किया गया है। एक खास बात यह है कि यह पूरा स्ट्रक्चर मूवेबल है, यानी यदि भविष्य में चौराहे को स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ी, तो इसे आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है। नर्मदा परिक्रमा की जानकारी को भी चौराहे पर आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम के प्रारंभ में विधायक श्री मधु वर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में पार्षद श्री प्रशांत बड़वे ने आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला

📰 Generate e-Paper Clip दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला,  रूस-चीन कर रहे युद्धविराम की कोशिश रियाद। सऊदी अरब में विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात हुए हूती के बैलेस्टिक मिसाइल हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है। हमले […]

Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together

📰 Generate e-Paper Clip Bharat D2C Conclave 2026 Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together Founders and Policy Makers Share One Room as Bharat D2C Conclave 2026 Sets the Agenda for India’s Consumer Brands D2C Industry Association (D2CIA) brings founders, investors and policy makers together in New Delhi; announces its Mumbai […]