NIIT Foundation partnership

इंडस टॉवर्स के सीएसआर अभियान और एनआईआईटी फाउंडेशन के गठबंधन

 

इंडस टॉवर्स के सीएसआर अभियान और एनआईआईटी फाउंडेशन के गठबंधन द्वारा डिजिटल ट्रॉन्सफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) का लाभ भोपाल में 1500 लोगों को मिला
डिजिटल साक्षरता के लाभार्थी 11 गाँवों में 12 से 60 वर्ष के आयु समूह में हैं।
सोलर पॉवर्ड मोबाईल डिजिटल क्लासरूम्स का उद्देश्य 2023 में दिल्ली, देहरादून, भोपाल, और गुजरात में 40,000 लाभार्थियों तक पहुँचना है।

भोपाल : इंडस टॉवर्स लिमिटेड (पूर्व में भारती इन्फ्राटेल लिमिटेड) और एनआईआईटी फाउंडेशन ने भोपाल, मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 1500 लोगों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) का लाभ पहुँचाया है। एक मजबूत सीएसआर कार्यक्रम के साथ पैसिव टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भारत में अग्रणी सर्विस प्रदाता इंडस टॉवर्स और देश में डिजिटल शिक्षा सुविधाओं से वंचित लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए काम करने वाली नॉट-फॉर-प्रॉफिट एजुकेशन सोसायटी, एनआईआईटी फाउंडेशन ने लाभार्थियों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए गठबंधन किया है। आज डिजिटल कोर्स पूरा करने वाले 280 नए लोगों को प्रमाणपत्र दिए गए।राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन में सहयोग करने के लिए 2018 में लॉन्च किया गया इंडस टॉवर्स डीटीवी अभी तक दिल्ली, देहरादून, भोपाल और गुजरात में 30 से ज्यादा समुदायों/गाँवों की यात्रा कर चुका है। इन चार क्षेत्रों में 2023 तक यह 40,000 से ज्यादा लाभार्थियों तक पहुँचेगा। भोपाल में इसने 2022 में जागरुकता बढ़ाते हुए 1130 लोगों को शैक्षणिक प्रमाणपत्र प्रदान किए और वीडियो-बेस्ड शिक्षा कार्यक्रम द्वारा 15,000 से ज्यादा लोगों तक पहुँचा। इस कार्यक्रम ने विविध पृष्ठभूमियों के 12 से 60 साल के आयुवर्ग के लोगों को डिजिटल साक्षरता प्रदान की है। इसके लाभार्थियों में स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं, सैल्फ हैल्प समूह, गृहणियां, फर्म में काम करने वाले एंट्री-लेवल के कर्मचारी, किसान, और व्यस्क हैं, जो डिजिटल साक्षरता हासिल करना चाहते हैं। इंडस टॉवर्स डीटीवी प्रोग्राम का लाभ आज तक 93000 से ज्यादा लाभार्थी उठा चुके हैं।

डीटीवी की सफलता के बारे में शंकर अय्यर, रीज़नल डायरेक्टर – वेस्ट एवं साउथ, इंडस टॉवर्स ने कहा, ‘‘शिक्षा अब क्लासरूम के दायरे और केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। डीटीवी इस बात का श्रेष्ठ उदाहरण है कि टेक्नॉलॉजी की मदद से किस प्रकार सर्वश्रेष्ठ शिक्षा हर पृष्ठभूमि या उम्र के व्यक्ति तक पहुँचाई जा सकती है। इससे यह भी प्रदर्शित होता है कि प्रगतिशील शिक्षा एक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। डीटीवी का मिशन समुदायों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की इंडस टॉवर्स की तत्परता के अनुरूप है। यह मोबाईल डिजिटल क्लासरूम हर उम्र और पृष्ठभूमियों के विद्यार्थियों को कौशल प्रदान करके इसमें मदद कर रहा है।’’
मिस चारु कपूर, सीओओ, एनआईआईटी फाउंडेशन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि शिक्षा विश्व की समस्याओं को हल कर सकती है। देश के अंदरूनी क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता पहुँचाकर हम प्रगति को गति दे सकते हैं, ताकि विश्व ज्यादा समन्वित एवं समृद्ध बने। महामारी ने दिखा दिया कि शिक्षा ऑनलाईन हासिल की जा सकती है, लेकिन इसमें अभी भी कई कमियाँ शेष हैं। भारत में लाखों लोगों के पास ऑनलाईन शिक्षा हासिल करने के लिए डिजिटल उपकरण नहीं हैं। डीटीवी लोगों के घरों तक कनेक्टेड क्लासरूम पहुँचाकर इन सभी बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।’’

डीटीवी एक मोबाईल डिजिटल क्लासरूम और आईटी लैब की तरह काम करता है। इसमें सॉफ्टवेयर, प्रिंटिंग उपकरण, और अन्य संसाधन उपलब्ध होते हैं, जिनसे ई-लर्निंग संभव बनती है। इस 20 सीटर डीटीवी में लाभार्थियों ने साईबरसिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण कौशल और माईक्रोसॉफ्ट ऑफिस में काम करना सीखा। भोपाल के पास गाँवों में शिक्षा के मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर में मदद करने के अलावा डीटीवी का इस्तेमाल आईटी एवं उद्यमशीलता का कौशल प्रदान करने और सामान्य जन सेवाओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है।

 

×
Date : 20 October 2022 Posted By : EDITOR
इंडस टॉवर्स के सीएसआर अभियान और एनआईआईटी फाउंडेशन के गठबंधन
News Image

 

इंडस टॉवर्स के सीएसआर अभियान और एनआईआईटी फाउंडेशन के गठबंधन द्वारा डिजिटल ट्रॉन्सफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) का लाभ भोपाल में 1500 लोगों को मिला
डिजिटल साक्षरता के लाभार्थी 11 गाँवों में 12 से 60 वर्ष के आयु समूह में हैं।
सोलर पॉवर्ड मोबाईल डिजिटल क्लासरूम्स का उद्देश्य 2023 में दिल्ली, देहरादून, भोपाल, और गुजरात में 40,000 लाभार्थियों तक पहुँचना है।

भोपाल : इंडस टॉवर्स लिमिटेड (पूर्व में भारती इन्फ्राटेल लिमिटेड) और एनआईआईटी फाउंडेशन ने भोपाल, मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 1500 लोगों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) का लाभ पहुँचाया है। एक मजबूत सीएसआर कार्यक्रम के साथ पैसिव टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भारत में अग्रणी सर्विस प्रदाता इंडस टॉवर्स और देश में डिजिटल शिक्षा सुविधाओं से वंचित लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए काम करने वाली नॉट-फॉर-प्रॉफिट एजुकेशन सोसायटी, एनआईआईटी फाउंडेशन ने लाभार्थियों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने के लिए गठबंधन किया है। आज डिजिटल कोर्स पूरा करने वाले 280 नए लोगों को प्रमाणपत्र दिए गए।राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन में सहयोग करने के लिए 2018 में लॉन्च किया गया इंडस टॉवर्स डीटीवी अभी तक दिल्ली, देहरादून, भोपाल और गुजरात में 30 से ज्यादा समुदायों/गाँवों की यात्रा कर चुका है। इन चार क्षेत्रों में 2023 तक यह 40,000 से ज्यादा लाभार्थियों तक पहुँचेगा। भोपाल में इसने 2022 में जागरुकता बढ़ाते हुए 1130 लोगों को शैक्षणिक प्रमाणपत्र प्रदान किए और वीडियो-बेस्ड शिक्षा कार्यक्रम द्वारा 15,000 से ज्यादा लोगों तक पहुँचा। इस कार्यक्रम ने विविध पृष्ठभूमियों के 12 से 60 साल के आयुवर्ग के लोगों को डिजिटल साक्षरता प्रदान की है। इसके लाभार्थियों में स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं, सैल्फ हैल्प समूह, गृहणियां, फर्म में काम करने वाले एंट्री-लेवल के कर्मचारी, किसान, और व्यस्क हैं, जो डिजिटल साक्षरता हासिल करना चाहते हैं। इंडस टॉवर्स डीटीवी प्रोग्राम का लाभ आज तक 93000 से ज्यादा लाभार्थी उठा चुके हैं।

डीटीवी की सफलता के बारे में शंकर अय्यर, रीज़नल डायरेक्टर - वेस्ट एवं साउथ, इंडस टॉवर्स ने कहा, ‘‘शिक्षा अब क्लासरूम के दायरे और केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। डीटीवी इस बात का श्रेष्ठ उदाहरण है कि टेक्नॉलॉजी की मदद से किस प्रकार सर्वश्रेष्ठ शिक्षा हर पृष्ठभूमि या उम्र के व्यक्ति तक पहुँचाई जा सकती है। इससे यह भी प्रदर्शित होता है कि प्रगतिशील शिक्षा एक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। डीटीवी का मिशन समुदायों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की इंडस टॉवर्स की तत्परता के अनुरूप है। यह मोबाईल डिजिटल क्लासरूम हर उम्र और पृष्ठभूमियों के विद्यार्थियों को कौशल प्रदान करके इसमें मदद कर रहा है।’’
मिस चारु कपूर, सीओओ, एनआईआईटी फाउंडेशन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि शिक्षा विश्व की समस्याओं को हल कर सकती है। देश के अंदरूनी क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता पहुँचाकर हम प्रगति को गति दे सकते हैं, ताकि विश्व ज्यादा समन्वित एवं समृद्ध बने। महामारी ने दिखा दिया कि शिक्षा ऑनलाईन हासिल की जा सकती है, लेकिन इसमें अभी भी कई कमियाँ शेष हैं। भारत में लाखों लोगों के पास ऑनलाईन शिक्षा हासिल करने के लिए डिजिटल उपकरण नहीं हैं। डीटीवी लोगों के घरों तक कनेक्टेड क्लासरूम पहुँचाकर इन सभी बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।’’

डीटीवी एक मोबाईल डिजिटल क्लासरूम और आईटी लैब की तरह काम करता है। इसमें सॉफ्टवेयर, प्रिंटिंग उपकरण, और अन्य संसाधन उपलब्ध होते हैं, जिनसे ई-लर्निंग संभव बनती है। इस 20 सीटर डीटीवी में लाभार्थियों ने साईबरसिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण कौशल और माईक्रोसॉफ्ट ऑफिस में काम करना सीखा। भोपाल के पास गाँवों में शिक्षा के मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर में मदद करने के अलावा डीटीवी का इस्तेमाल आईटी एवं उद्यमशीलता का कौशल प्रदान करने और सामान्य जन सेवाओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

15 हजार रन पूरे कर भावुक हुए विराट कोहली, बोले- ‘एक दिन सब खत्म हो जाएगा’

📰 Generate e-Paper Clip 15 हजार रन पूरे कर भावुक हुए विराट कोहली, बोले- ‘एक दिन सब खत्म हो जाएगा’ नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली का बल्ला जमकर चला. टीम के लिए उन्होंने महज 88 गेंदों में 139 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली. […]

‘असम पुलिस ने आशुतोष रांका समेत 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया’

📰 Generate e-Paper Clip ‘असम पुलिस ने आशुतोष रांका समेत 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया’ गुवाहाटी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को दावा किया कि असम पुलिस ने सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और पार्टी के 40 वालंटियर को गुवाहाटी में हिरासत में लिया है। दीपके ने कहा, असम […]