Nitish Kumar Prashant Kishor has no place to set foot in Bihar

बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे नीतीश कुमार – प्रशांत किशोर

 

बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे नीतीश कुमार – प्रशांत किशोर

टना। चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को आईएनडीआईए गठबंधन के संयोजक बनाए जाने पर कहा कि बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के विपक्षी एकता बनाने वाले प्रयास पर साफतौर पर कहा कि उनकी अपनी हालत इतनी खराब है, जो अपने राज्य में अपना पैर रखने का ठिकाना नहीं है, तो आप देश के स्तर पर भला क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस, उसके बाद डीएमके है, जो पूरे-पूरे राज्य जीतकर बैठे हैं, उनके पास 20-20, 25-25 एमपी हैं। वे अपने राज्यों में जीतने का दावा कर सकते हैं। नीतीश कुमार के पास कुछ है ही नहीं, न दल बचा है, न इमेज बचा है, तो इन्हें किस आधार पर संयोजक बना दिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में कौन नीतीश कुमार की चर्चा कर रहा है। प्रशांत किशोर ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दिन महागठबंधन की सरकार बिहार में बनी, उसी दिन मैंने कहा था कि बिहार का महागठबंधन बिहार की घटना है, इसका राष्ट्रीय राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजद के पास एक भी एमपी नहीं है, अब वे बताएंगे कि कौन देश चलाएगा। नीतीश के पास 42 विधायक व 16 एमपी हैं, इस बार वो कितनी सीटें लाएंगे, ये सबको मालूम है। जब आपकी अपनी ताकत नहीं है, आपके अपने 10 एमपी नहीं हैं, तो आप देश की राजनीति में भला क्या भूमिका अदा कर सकते हैं।

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Date : 30 August 2023 Posted By : EDITOR
बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे नीतीश कुमार – प्रशांत किशोर
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बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे नीतीश कुमार - प्रशांत किशोर

टना। चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार को आईएनडीआईए गठबंधन के संयोजक बनाए जाने पर कहा कि बिहार में पैर रखने का ठिकाना नहीं, देश स्तर पर क्या करेंगे। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के विपक्षी एकता बनाने वाले प्रयास पर साफतौर पर कहा कि उनकी अपनी हालत इतनी खराब है, जो अपने राज्य में अपना पैर रखने का ठिकाना नहीं है, तो आप देश के स्तर पर भला क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस, उसके बाद डीएमके है, जो पूरे-पूरे राज्य जीतकर बैठे हैं, उनके पास 20-20, 25-25 एमपी हैं। वे अपने राज्यों में जीतने का दावा कर सकते हैं। नीतीश कुमार के पास कुछ है ही नहीं, न दल बचा है, न इमेज बचा है, तो इन्हें किस आधार पर संयोजक बना दिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में कौन नीतीश कुमार की चर्चा कर रहा है। प्रशांत किशोर ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दिन महागठबंधन की सरकार बिहार में बनी, उसी दिन मैंने कहा था कि बिहार का महागठबंधन बिहार की घटना है, इसका राष्ट्रीय राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजद के पास एक भी एमपी नहीं है, अब वे बताएंगे कि कौन देश चलाएगा। नीतीश के पास 42 विधायक व 16 एमपी हैं, इस बार वो कितनी सीटें लाएंगे, ये सबको मालूम है। जब आपकी अपनी ताकत नहीं है, आपके अपने 10 एमपी नहीं हैं, तो आप देश की राजनीति में भला क्या भूमिका अदा कर सकते हैं।

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