Nyay Nagar's houses will not be demolished for three months

Madhya Pradesh -indore: तीन महीने तक नहीं टूटेंगे न्याय नगर के मकान

 

तीन महीने तक नहीं टूटेंगे न्याय नगर के मकान
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दिए निर्देश , तीन माह में फैसला करें

इंदौर – न्याय नगर संस्था की कृष्णबाग कॉलोनी में बचे 58 मकानों को तोड़ने के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रहवासियों को राहत देते हुए रिमूवल की कार्रवाई पर तीन महीने का स्टे दे दिया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होगी। मंगलवार दोपहर बाद केस में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के एडवोकेट पद्मनाभ सक्सेना ने बताया कि सहकारिता विभाग की परमिशन से न्याय नगर संस्था ने श्रीराम बिल्डर को जमीन बेची थी। वह परमिशन सहकारिता विभाग ने वापस ले ली थी। इसी से संबंधित पिटिशन हाई कोर्ट में पेंडिंग है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को कहा है कि वह तीन महीने में फैसला करें और अभी यथा स्थिति बनी रहने दें। अवमानना की प्रोसिडिंग पर जोर नहीं दिया जाए।
यह है मामला
दरअसल, दिसम्बर 2022 और सितम्बर 2023 में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। पिछले माह जिला प्रशासन ने 15 मकानों को जमींदोज किया था। ये वे मकान थे जो उस दिन खाली थे। इनमें से 5 मकान वे हैं जिन पर स्टे था। तब रहवासियों के विरोध और 6 अगस्त को सुनवाई के मद्देनजर कार्रवाई रोक दी थी। प्रशासन ने 7 अगस्त तक लोगों को शिफ्ट होने को कहा था। कॉलोनी के कई लोग मकान खाली करके जा चुके हैं। अब तीन महीने के लिए उन्हें राहत मिल गई है।

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Date : 07 August 2024 Posted By : EDITOR
Madhya Pradesh -indore: तीन महीने तक नहीं टूटेंगे न्याय नगर के मकान
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तीन महीने तक नहीं टूटेंगे न्याय नगर के मकान
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दिए निर्देश , तीन माह में फैसला करें

इंदौर - न्याय नगर संस्था की कृष्णबाग कॉलोनी में बचे 58 मकानों को तोड़ने के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रहवासियों को राहत देते हुए रिमूवल की कार्रवाई पर तीन महीने का स्टे दे दिया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होगी। मंगलवार दोपहर बाद केस में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के एडवोकेट पद्मनाभ सक्सेना ने बताया कि सहकारिता विभाग की परमिशन से न्याय नगर संस्था ने श्रीराम बिल्डर को जमीन बेची थी। वह परमिशन सहकारिता विभाग ने वापस ले ली थी। इसी से संबंधित पिटिशन हाई कोर्ट में पेंडिंग है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को कहा है कि वह तीन महीने में फैसला करें और अभी यथा स्थिति बनी रहने दें। अवमानना की प्रोसिडिंग पर जोर नहीं दिया जाए।
यह है मामला
दरअसल, दिसम्बर 2022 और सितम्बर 2023 में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। पिछले माह जिला प्रशासन ने 15 मकानों को जमींदोज किया था। ये वे मकान थे जो उस दिन खाली थे। इनमें से 5 मकान वे हैं जिन पर स्टे था। तब रहवासियों के विरोध और 6 अगस्त को सुनवाई के मद्देनजर कार्रवाई रोक दी थी। प्रशासन ने 7 अगस्त तक लोगों को शिफ्ट होने को कहा था। कॉलोनी के कई लोग मकान खाली करके जा चुके हैं। अब तीन महीने के लिए उन्हें राहत मिल गई है।

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