Parliament's Monsoon Session washed out amidst uproarious

हंगामों की बारिश में धुल गया संसद का मॉनसून सत्र, राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह का उड़ाया मजाक

हंगामों की बारिश में धुल गया संसद का मॉनसून सत्र, राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह का उड़ाया मजाक

नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। पूरे सत्र में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दोनों सदनों के निर्धारित कामकाज का करीब 80 फीसदी समय हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान जनता के करीब 142 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, सरकार ने अपने विधायी कामकाज का बड़ा हिस्सा पूरा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार ने 12 विधेयक पारित कराए। उन्होंने कहा कि नुकसान उन सांसदों का हुआ जो अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाना और गंभीर चर्चा करना चाहते थे।
संसद के बाहर कांग्रेस का ‘मंकी टॉय’ प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के कुछ सांसदों ने संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनके हाथ में बंदर का खिलौना था और कुछ अन्य सांसद भी खिलौने लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद भी इसमें शामिल हुए। करीब 10-15 मिनट बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। बीजेपी ने इस प्रदर्शन को संसद की गरिमा और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद इस तरह के प्रदर्शन से नेता को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को अपरिपक्व, अनुशासनहीन, उद्दंड और अहंकारी बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसदीय परंपराओं और संसद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।

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Date : 13 August 2026 Posted By : EDITOR
हंगामों की बारिश में धुल गया संसद का मॉनसून सत्र, राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह का उड़ाया मजाक
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हंगामों की बारिश में धुल गया संसद का मॉनसून सत्र, राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह का उड़ाया मजाक

नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। पूरे सत्र में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दोनों सदनों के निर्धारित कामकाज का करीब 80 फीसदी समय हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान जनता के करीब 142 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी। हालांकि, सरकार ने अपने विधायी कामकाज का बड़ा हिस्सा पूरा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार ने 12 विधेयक पारित कराए। उन्होंने कहा कि नुकसान उन सांसदों का हुआ जो अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाना और गंभीर चर्चा करना चाहते थे।
संसद के बाहर कांग्रेस का ‘मंकी टॉय’ प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के कुछ सांसदों ने संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनके हाथ में बंदर का खिलौना था और कुछ अन्य सांसद भी खिलौने लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद भी इसमें शामिल हुए। करीब 10-15 मिनट बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। बीजेपी ने इस प्रदर्शन को संसद की गरिमा और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद इस तरह के प्रदर्शन से नेता को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को अपरिपक्व, अनुशासनहीन, उद्दंड और अहंकारी बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसदीय परंपराओं और संसद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।

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