PM Modi arrives in Jordan; Prime Minister Jaafar Hassan welcomes

जॉर्डन पहुंचे पीएम मोदी………जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने किया एयरपोर्ट पर स्वागत

जॉर्डन पहुंचे पीएम मोदी………जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने किया एयरपोर्ट पर स्वागत

किंग अब्दुल्ला के निमंत्रण पर हो रहा यह महत्वपूर्ण दौरा

अम्मान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर जॉर्डन पहुंचे हैं। जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी का यह दौरा किंग अब्दुल्ला के निमंत्रण पर हो रहा है। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी उनसे द्विपक्षीय बातचीत भी करने वाले है।
यह यात्रा भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर हो रही है। वे 7 साल बाद जॉर्डन पहुंचे हैं। इसके पहले वे 2018 में एक ट्रांजिट विजिट के दौरान जॉर्डन में रुके थे। प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं। वे सोमवार को सबसे पहले जॉर्डन पहुंचे हैं। वहां के पीएम जाफर ने एयरपोर्ट उन्हें रिसीव किया। पीएम मोदी का जॉर्डन की राजधानी अम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत हुआ।
भारत-जॉर्डन रिश्ते के 75 साल पूरे
भारत और जॉर्डन ने 1950 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जिसके 2025 में 75 साल पूरे हो गए हैं। मोदी इसी मौके पर जॉर्डन जा रहे हैं। भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में 26,033 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। इसमें भारत का निर्यात करीब 13,266 करोड़ रुपए था। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर यानी 45,275 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। भारत, जॉर्डन से बड़ी मात्रा में रॉक फॉस्फेट और फर्टिलाइजर का कच्चा माल खरीदता है। भारत के कुल रॉक फॉस्फेट आयात में जॉर्डन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। दूसरी तरफ जॉर्डन भारत से मशीनरी, पेट्रोलियम, अनाज, रसायन, मीट, ऑटो पार्ट्स और उद्योगों से जुड़े उत्पादों का आयात करता है। भारतीय कंपनियों ने जॉर्डन के फॉस्फेट और टेक्सटाइल सेक्टर में 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।
इसके पहले भारत में साल 2023 में जी20 समिट के दौरान पहली बार इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) का ऐलान हुआ। यह एक इंटरनेशनल ट्रेड रूट का प्लान है, जिसके द्वारा भारत का सामान मिडिल ईस्ट से होकर यूरोप तक पहुंचाया जाएगा। आईएमईसी को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का विकल्प बताया जा रहा है। बीआरआई भी एक इंटरनेशनल रूट है जिसमें एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने का प्लान है। इसकी शुरुआत 2013 में हो चुकी है। आईएमईसी के ऐलान के करीब 1 महीने बाद 7 अक्टूबर को हमास ने इजराइल पर हमला शुरू कर दिया।

×
Date : 15 December 2025 Posted By : EDITOR
जॉर्डन पहुंचे पीएम मोदी………जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने किया एयरपोर्ट पर स्वागत
News Image

जॉर्डन पहुंचे पीएम मोदी.........जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने किया एयरपोर्ट पर स्वागत

किंग अब्दुल्ला के निमंत्रण पर हो रहा यह महत्वपूर्ण दौरा

अम्मान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर जॉर्डन पहुंचे हैं। जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी का यह दौरा किंग अब्दुल्ला के निमंत्रण पर हो रहा है। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी उनसे द्विपक्षीय बातचीत भी करने वाले है।
यह यात्रा भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर हो रही है। वे 7 साल बाद जॉर्डन पहुंचे हैं। इसके पहले वे 2018 में एक ट्रांजिट विजिट के दौरान जॉर्डन में रुके थे। प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं। वे सोमवार को सबसे पहले जॉर्डन पहुंचे हैं। वहां के पीएम जाफर ने एयरपोर्ट उन्हें रिसीव किया। पीएम मोदी का जॉर्डन की राजधानी अम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत हुआ।
भारत-जॉर्डन रिश्ते के 75 साल पूरे
भारत और जॉर्डन ने 1950 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जिसके 2025 में 75 साल पूरे हो गए हैं। मोदी इसी मौके पर जॉर्डन जा रहे हैं। भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में 26,033 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। इसमें भारत का निर्यात करीब 13,266 करोड़ रुपए था। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर यानी 45,275 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। भारत, जॉर्डन से बड़ी मात्रा में रॉक फॉस्फेट और फर्टिलाइजर का कच्चा माल खरीदता है। भारत के कुल रॉक फॉस्फेट आयात में जॉर्डन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। दूसरी तरफ जॉर्डन भारत से मशीनरी, पेट्रोलियम, अनाज, रसायन, मीट, ऑटो पार्ट्स और उद्योगों से जुड़े उत्पादों का आयात करता है। भारतीय कंपनियों ने जॉर्डन के फॉस्फेट और टेक्सटाइल सेक्टर में 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।
इसके पहले भारत में साल 2023 में जी20 समिट के दौरान पहली बार इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) का ऐलान हुआ। यह एक इंटरनेशनल ट्रेड रूट का प्लान है, जिसके द्वारा भारत का सामान मिडिल ईस्ट से होकर यूरोप तक पहुंचाया जाएगा। आईएमईसी को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का विकल्प बताया जा रहा है। बीआरआई भी एक इंटरनेशनल रूट है जिसमें एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने का प्लान है। इसकी शुरुआत 2013 में हो चुकी है। आईएमईसी के ऐलान के करीब 1 महीने बाद 7 अक्टूबर को हमास ने इजराइल पर हमला शुरू कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

यूएनएससी में सुधार के लिए आईबीएसए का अल्टीमेटम, भारत-ब्राजील को स्थायी सीट देने की मांग

📰 Generate e-Paper Clip यूएनएससी में सुधार के लिए आईबीएसए का अल्टीमेटम, भारत-ब्राजील को स्थायी सीट देने की मांग नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेज के अनुसार 14वें भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र यूएनजीए81 के मौके पर हुई। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के […]

मध्यप्रदेश के नाम गौरवपूर्ण उपलब्धि:  यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल

📰 Generate e-Paper Clip मध्यप्रदेश के नाम गौरवपूर्ण उपलब्धि:  यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को किया गया शामिल भोपाल : मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में एक और […]