राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की PM मोदी से बात, यूएनएससी में समर्थन देने की लगाई गुहार - Update Now News

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की PM मोदी से बात, यूएनएससी में समर्थन देने की लगाई गुहार

 

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उन्होंने रूस की आक्रामकता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है और उनसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘राजनीतिक समर्थन’ मांगा है।रूस द्वारा संयुक्त राष्ट्र में उसके ‘सैन्य अभियान’ की निंदा करने के लिए हुई वोटिंग से दूर रहने के भारत के फैसले की प्रशंसा करने के तुरंत बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मोदी से बात करने का खुलासा किया है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने मोदी के साथ बात की और यूक्रेन द्वारा रूसी आक्रमण को दूर करने के तरीके के बारे में बताया। उन्होंने ट्वीट किया, “हमारी भूमि पर 100,000 से अधिक आक्रमणकारी हैं। वे आवासीय भवनों पर घातक रूप से गोलीबारी कर रहे हैं।” उन्होंने भारत से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन को राजनीतिक समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने इस आक्रामकता को संयुक्त रूप से रोकने का आग्रह किया। यह कहते हुए कि बातचीत ही मतभेदों और विवादों को निपटाने का एकमात्र तरीका है, भारत ने यूएनएससी के प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया था, जो यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा करने के लिए लाया गया था।

×
Date : 27 February 2022 Posted By : EDITOR
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की PM मोदी से बात, यूएनएससी में समर्थन देने की लगाई गुहार
News Image

 

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उन्होंने रूस की आक्रामकता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है और उनसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'राजनीतिक समर्थन' मांगा है।रूस द्वारा संयुक्त राष्ट्र में उसके 'सैन्य अभियान' की निंदा करने के लिए हुई वोटिंग से दूर रहने के भारत के फैसले की प्रशंसा करने के तुरंत बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मोदी से बात करने का खुलासा किया है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने मोदी के साथ बात की और यूक्रेन द्वारा रूसी आक्रमण को दूर करने के तरीके के बारे में बताया। उन्होंने ट्वीट किया, "हमारी भूमि पर 100,000 से अधिक आक्रमणकारी हैं। वे आवासीय भवनों पर घातक रूप से गोलीबारी कर रहे हैं।" उन्होंने भारत से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन को राजनीतिक समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने इस आक्रामकता को संयुक्त रूप से रोकने का आग्रह किया। यह कहते हुए कि बातचीत ही मतभेदों और विवादों को निपटाने का एकमात्र तरीका है, भारत ने यूएनएससी के प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया था, जो यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा करने के लिए लाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

MP: निवेश से रोजगार तक, उद्योगों को हर कदम पर मिलेगा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

📰 Generate e-Paper Clip निवेश से रोजगार तक, उद्योगों को हर कदम पर मिलेगा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई रोड शो में प्राप्त हुए लगभग 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुंबई में उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा, नए निवेश और औद्योगिक विस्तार पर हुआ सार्थक संवाद फार्मा, टेक्सटाइल, सीमेंट, दूरसंचार, डेटा सेंटर और […]

ग्रीन कार्ड को लेकर अमेरिका ने दिया झटका! इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को ‘परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ से किया सस्पेंड

📰 Generate e-Paper Clip ग्रीन कार्ड को लेकर अमेरिका ने दिया झटका! इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को ‘परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ से किया सस्पेंड नई दिल्ली: अमेरिका ने आज (गुरुवार को) IT कंपनियों- कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, HCL, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को ‘परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ से सस्पेंड कर दिया है। इस प्रोग्राम के […]