पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने वर्ष 2021 में 369 गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया
पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने वर्ष 2021 में 369 गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया
Mumbai @ बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़े कदम के रूप में पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने जनवरी, 2021 से अगस्त, 2021 तक पिछले आठ महीनों में 369 गुमशुदा बच्चों को बचाया और उन्हें उनके परिवारों से मिलाया। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल ने रेल सुरक्षा बल के उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आरपीएफ इन बच्चों की समस्याओं को समझकर और उनकी काउंसलिंग कर उन्हें उनके परिवारों से मिलाने में पूरे मन से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहा है। श्री कंसल ने आरपीएफ की अग्रिम पंक्ति के उन कर्मचारियों की भी सराहना की, जो परामर्शदाताओं के रूप में अपनी सहज समझ और त्वरित कार्रवाई के साथ ऐसे महत्वपूर्ण मामलों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपने घरों से भागे हुए 369 बच्चों में 233 लड़के और 136 लड़कियां शामिल हैं। चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन जैसे गैर सरकारी संगठनों की मदद से इन बच्चों को उनके परिवारों के साथ फिर से मिला दिया गया। इनमें से अधिकांश छोटे बच्चों ने लड़ाई, पारिवारिक मुद्दों या बेहतर जीवन और ग्लैमर की तलाश में अपने परिवार के सदस्यों को बताये बिना अपना घर छोड़ दिया था। ये बच्चे प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों द्वारा गश्त के दौरान प्लेटफॉर्म पर या स्टेशन परिसर में या कभी-कभी ट्रेनों में घूमते पाए गए। जब बच्चे अपने परिवार से मिले, तो माता-पिता और अभिभावकों ने इस नेक काम के लिए पश्चिम रेलवे के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। पिछले आठ महीनों में मुंबई मंडल से 156, वडोदरा मंडल से 43, अहमदाबाद मंडल से 42, रतलाम मंडल से 94, राजकोट मंडल से 27 और भावनगर मंडल से 7 बच्चों को बचाया गया है। अकेले अगस्त, 2021 के महीने में, पश्चिम रेलवे पर 71 बच्चों यानी 51 लड़कों और 20 लड़कियों को बचाया गया और उनके माता-पिता के साथ फिर से मिला दिया गया।
