Religions may differ but said RSS chief Mohan Bhagwat

धर्म अलग हो सकता है, लेकिन इंसानियत एक है…बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

धर्म अलग हो सकता है, लेकिन इंसानियत एक है…बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

न्यूयॉर्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर से दुनिया को संबोधित कर रहे हैं. उनके कार्यक्रम का नाम ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ है. खास बात ये है कि इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के प्रमुख नेता शामिल हैं. इस कार्यक्रम को ‘द अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (AHEAD) के सहयोग से किया जा रहा है.मोहन भागवत ने कहा, “धर्म अलग हो सकते हैं लेकिन भाव एक होता है. हम दिखते जरूर अलग-अलग हैं लेकिन हैं एक ही. भारत के डीएनए में एकता है. हम कैसा सोचते हैं वो हमारी किस्मत तय करता है. हम एक ही हैं इसे स्वीकारना होगा.”RSS चीफ ने कहा, “जब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की बात होती है, तो एक शब्द जो अक्सर बातचीत में आता है, वह है ‘प्लूरलिज़्म’. दूसरी ओर, जब भारत की बात होती है, तो सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला शब्द है ‘विविधता में एकता’. भारत के लोगों के लिए, यह एकता और यह डायवर्सिटी दोनों ही उनके DNA में बसी हुई हैं.”न्यूयार्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में डॉ मोहन भागवत को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी जुटे हैं. आरएसएस चीफ ने सभी को रक्षा बंधन की बधाई दी है.

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Date : 30 August 2026 Posted By : EDITOR
धर्म अलग हो सकता है, लेकिन इंसानियत एक है…बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत
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धर्म अलग हो सकता है, लेकिन इंसानियत एक है...बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

न्यूयॉर्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर से दुनिया को संबोधित कर रहे हैं. उनके कार्यक्रम का नाम 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' है. खास बात ये है कि इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के प्रमुख नेता शामिल हैं. इस कार्यक्रम को 'द अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) के सहयोग से किया जा रहा है.मोहन भागवत ने कहा, "धर्म अलग हो सकते हैं लेकिन भाव एक होता है. हम दिखते जरूर अलग-अलग हैं लेकिन हैं एक ही. भारत के डीएनए में एकता है. हम कैसा सोचते हैं वो हमारी किस्मत तय करता है. हम एक ही हैं इसे स्वीकारना होगा."RSS चीफ ने कहा, "जब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की बात होती है, तो एक शब्द जो अक्सर बातचीत में आता है, वह है 'प्लूरलिज़्म'. दूसरी ओर, जब भारत की बात होती है, तो सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला शब्द है 'विविधता में एकता'. भारत के लोगों के लिए, यह एकता और यह डायवर्सिटी दोनों ही उनके DNA में बसी हुई हैं."न्यूयार्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में डॉ मोहन भागवत को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी जुटे हैं. आरएसएस चीफ ने सभी को रक्षा बंधन की बधाई दी है.

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