Madhya Pradesh: indore – सारिका दीक्षित ने किया राधा की विभिन्न संवेदनाओं को जीवंत
Madhya Pradesh: indore – सारिका दीक्षित ने किया राधा की विभिन्न संवेदनाओं को जीवंत
सूत्रधार संस्था के अंतर्गत कनुप्रिया का संगीतमय मंचन,
इंदौर । रविवार सूत्रधार संस्था के अंतर्गत, धर्मवीर भारती की कालजई रचना, कनुप्रिया’ का संगीतमय मंचन, हंस वाहिनी कला समूह द्वारा किया गया। जिसका निर्देशन, श्रीमती डिंपल अग्रवाल ने किया था।धर्मवीर भारती द्वारा रचित कनुप्रिया (1959) एक आधुनिक संगीत काव्य है, जो राधा के माध्यम से प्रेम, विरहा, युद्ध की विभीषिका और मानवीय संवेदनाओं का गहरा चित्रण है।
इसमें राधा, कृष्ण को केवल भगवान नहीं बल्कि कन्नू (प्रियतम) मानकर उनके प्रति पूर्ण समर्पित है, जहां प्रेम लौकिक से अलौकिक की ओर यात्रा करता है। यह काव्य राधा के मन की परतों को खोलना है। कनुप्रिया में राधा के इतने सारे भावों को उजागर किया गया है कि निर्देशिका डिंपल अग्रवाल ने इसमें तीन राधानों के माध्यम से विभिन्न संवेदनाओं को मंच पर जीवंत किया है।

पहली राधा, सारिका दीक्षित दूसरी राधा, डॉ ज्योति शर्मा और तीसरी राधा डिंपल अग्रवाल स्वयं थी। जिन्होंने राधा के विभिन्न भाव प्रेम, क्रोध, करुणा, रास, संशय, अनुरोध, आश्चर्य भावो को भली भांति प्रस्तुत किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि राधा स्वयं अपने प्रिय कन्नू से साक्षात्कार कर रही हो। कृष्ण की भूमिका में, निधि वर्मा ने बहुत ही भावभीन अभिनय किया। निर्देशिका ने बहुत ही रंगीन प्रकाश (प्रकाश निर्देशक, ओम कुमार) एवं शास्त्रीय संगीत मय वातावरण, (संगीत निर्देशक योग्यता चौहान) में, दर्शकों को राधा एवं कृष्ण के युग में विचरण करवाया । कनुप्रिया की वेशभूषा एवं नृत्य संरचना, सारिका दीक्षित की थी,जिन्होंने विभिन्न राधा को पृथक पृथक रूप दिया और संपूर्ण नाटक को नृत्य से सजाया। एवं कृष्ण को बहुत ही सौम्य रूप दिया। मंच पर संचालक के रूप में, गीतांजलि सांवरिया थी।
