Srikanth wins National Award Tushar Hiranandani shares an

National Award Winner बनी ‘श्रीकांत’, तुषार हीरानंदानी की भावुक प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुई ‘श्रीकांत’; भावुक हुए तुषार हीरानंदानी और निधि परमार बोले – “यह जीत हर उस इंसान की है जिसने अपनी सीमाओं के आगे हार नहीं मानी”

Mumbai: निर्देशक तुषार हीरानंदानी और निर्माता निधि परमार हीरानंदानी के लिए यह बेहद गर्व का पल है। उनकी फिल्म श्रीकांत को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का सम्मान मिला है। उद्योगपति श्रीकांत बोला के जीवन पर आधारित इस फिल्म में राजकुमार राव ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 2024 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को इसकी सादगीपूर्ण कहानी, संवेदनशील प्रस्तुति और राजकुमार राव के शानदार अभिनय के लिए दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली थी। पिछले एक वर्ष में फिल्म ने कई पुरस्कार भी अपने नाम किए।
सांड की आंख, स्कैम 2003 और श्रीकांत जैसी चर्चित परियोजनाओं का निर्देशन कर चुके तुषार हीरानंदानी के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि श्रीकांत उनके दिल के बेहद करीब रही है। वह अपने निर्देशन की शुरुआत से भी पहले श्रीकांत बोला के जीवन पर फिल्म बनाना चाहते थे और कई वर्षों तक इस कहानी के अधिकार हासिल करने की कोशिश करते रहे। वहीं, उनकी सहयोगी और पत्नी निधि परमार हीरानंदानी ने इस फिल्म को विकास के शुरुआती दौर से लेकर रिलीज़ तक हर कदम पर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए तुषार हीरानंदानी ने कहा,
“मैं बेहद भावुक हूं और दिल से आभारी हूं। राष्ट्रीय पुरस्कार हर फिल्मकार का सपना होता है और श्रीकांत के लिए यह सम्मान मिलना मेरे लिए और भी खास है, क्योंकि यह फिल्म हमने पूरी आस्था और विश्वास के साथ बनाई थी। श्रीकांत बोला की ज़िंदगी हमें सिखाती है कि सबसे बड़ी बाधाएं हमारी शारीरिक सीमाएं नहीं, बल्कि समाज की बनाई हुई सोच होती है। यह सम्मान श्रीकांत का है, राजकुमार राव का है जिन्होंने इस किरदार में अपनी पूरी आत्मा झोंक दी, हमारे लेखकों, निर्माताओं, कलाकारों, पूरी टीम और उन सभी लोगों का है जिन्होंने इस कहानी पर भरोसा किया। मैं उम्मीद करता हूं कि यह सम्मान ऐसी और कहानियों को आगे आने की प्रेरणा देगा, जो संघर्ष और हौसले का जश्न मनाएं, न कि सहानुभूति की तलाश करें। आज का दिन उन सभी लोगों की जीत है जो अपनी सीमाओं को अपनी पहचान नहीं बनने देते।”
फिल्म की निर्माता निधि परमार हीरानंदानी, जिन्होंने तुषार हीरानंदानी के साथ अपने बैनर ‘चॉक एंड चीज़ फिल्म्स’ के तहत इस फिल्म का निर्माण किया, ने कहा, “यह पुरस्कार हमारे लिए बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक है, क्योंकि श्रीकांत हमारे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। जिस दिन हमने श्रीकांत बोला की कहानी को पर्दे पर लाने का फैसला किया, उसी दिन तय कर लिया था कि इसे पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और दिल से बनाया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हमारे पूरे सफर की सबसे बड़ी खुशी है। मैं अपने सभी निर्माताओं, सहयोगियों और दर्शकों की आभारी हूं जिन्होंने इस फिल्म को इतना प्यार दिया। सबसे बढ़कर यह सम्मान श्रीकांत का है, जिनकी हिम्मत और सकारात्मक सोच हम सभी को प्रेरित करती है। हमें उम्मीद है कि यह उपलब्धि और फिल्मकारों को ऐसी सार्थक कहानियां कहने के लिए प्रेरित करेगी जो समाज में बदलाव ला सकें।
टी-सीरीज़ और चॉक एंड चीज़ फिल्म्स द्वारा निर्मित श्रीकांत में राजकुमार राव, ज्योतिका, अलाया एफ और शरद केलकर ने अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला के प्रेरणादायक जीवन पर आधारित है, जिन्होंने तमाम सामाजिक और व्यवस्थागत चुनौतियों के बावजूद बोल्लेंट इंडस्ट्रीज़ की स्थापना कर सफलता की नई मिसाल कायम की। फिल्म की एक और खास बात यह रही कि इसमें 70 से अधिक दिव्यांग कलाकारों को शामिल किया गया, जिससे पर्दे पर वास्तविक और समावेशी प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिला।

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