
स्टेट प्रेस क्लब मप्र. भारतीय पत्रकारिता महोत्सव
Madhya Pradesh: भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में देवप्रिय अवस्थी को जीवन गौरव सम्मान, AI और Gen-Z की चुनौतियों पर मंथन
AI और Gen-Z के दौर में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां
स्टेट प्रेस क्लब मप्र के तीन दिवसीय महोत्सव में पत्रकारिता, तकनीक और बदलती युवा सोच पर मंथन, देवप्रिय अवस्थी समेत कई पत्रकारों को सम्मान
स्टेट प्रेस क्लब मप्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में वरिष्ठ पत्रकार एवं चौथा संसार के पूर्व संपादक देवप्रिय अवस्थी को जीवन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। महोत्सव में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Gen-Z की बदलती प्राथमिकताओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि AI और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं, लेकिन यही दौर नई संभावनाओं के द्वार भी खोल रहा है।
देवप्रिय अवस्थी का पत्रकारिता जीवन करीब पांच दशकों की उस लंबी यात्रा का नाम है, जिसमें अनुभव, संघर्ष, वैचारिक प्रतिबद्धता और निरंतर सक्रियता के अनेक अध्याय जुड़े हैं। उनकी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 1 जुलाई 1976 को दैनिक जागरण, कानपुर से प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में हुई। इसके बाद वे जनसत्ता की शुरुआती टीम का हिस्सा बने और हिंदी पत्रकारिता के बदलते दौर को करीब से देखा। चौथा संसार, नईदुनिया और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न संपादकीय दायित्व निभाते हुए उन्होंने पत्रकारिता में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। आगे चलकर अमर उजाला में कार्यकारी संपादक के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी संभाली। देवप्रिय अवस्थी की पत्रकारिता यात्रा केवल पदों और संस्थानों का क्रम नहीं, बल्कि हिंदी पत्रकारिता के विकास, बदलते मीडिया परिदृश्य और सामाजिक सरोकारों के साथ निरंतर संवाद की कहानी है। उनकी सक्रियता और अनुभव आज भी नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इंदौर। स्टेट प्रेस क्लब मप्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में चौथा संसार के पूर्व संपादक एवं देश के कई अखबार में संपादक रहे देवप्रिय अवस्थी को जीवन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके साथ ही कपिल शर्मा, तेजश्री पुरंदरे, प्रीता उपाध्याय, हिमांशी तिवारी, शिखा शर्मा वाणी मिश्रा और अनादी तिवारी को सम्मानित किया गया। ए आई के दौर में पत्रकारिता के समक्ष चुनौती बढी -इससे पूर्ण प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप में कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है। देश के जेन जी की प्राथमिकता में एकरुपता नहीं है। हमारे देश के अलग-अलग हिस्से में युवा की प्राथमिकता अलग-अलग हैं। ए आई और जेन जी से पत्रकारिता के समक्ष चुनौती बढ़ गई है। वे आज यहां स्टेट प्रेस क्लब मप्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का महोत्सव इंदौर की भूमि से ही संभव है। इंदौर , उज्जैन महोत्सव की नगरी है। शिव गंगा अभियान पत्रिकारिता के क्षेत्र के लोगों के लिए अध्ययन का विषय है। हिंदी पत्रकारिता को ऊंचाई पर पहुंचाने में राजेंद्र माथुर ने अहम योगदान दिया। इलना को ऊंचाई तक पहुंचाया। अब अखबारों में जिले को पेज दे देते हैं। सोशल मीडिया ने भी चुनौती को बढ़ाया है। अब ए आई ने भी चुनौती का स्वरूप बदल दिया। उन्होंने कहा कि महोत्सव तो उत्सव का रुप होता है। भारत में जेन जी के मायने अलग है। देश का अलग-अलग शहर के जेन जी की मानसिकता अलग-अलग है। मुंबई दिल्ली से लेकर इंदौर, उत्तर प्रदेश तक जेन जी की प्राथमिकता अलग है। यह उम्र सपने को साकार करने की है।

स्टेट प्रेस क्लब व्दारा आयोजित पत्रकारिता महोत्सव में चौथा संसार के पूर्व संपादक देवप्रिय अवस्थी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चौथा संसार के पूर्व साथी डॉ प्रतीक श्रीवास्तव, शकील अख्तर, महेश कजोड़िया (वर्तमान कार्यकारी संपादक) बालकृष्ण मूले, प्रवीण जोशी ने श्री अवस्थी के साथ फोटो सेशन करवाया।