सीजेआई गवई पर हमले की कोशिश……आरएसएस की 100 साल की नफरत का नतीजा
सीजेआई गवई पर हमले की कोशिश……आरएसएस की 100 साल की नफरत का नतीजा
खरगे सहित कांग्रेस पार्टी के कई नेता आरएसएस और बीजेपी पर हमलावर
नई दिल्ली । भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर सोमवार को सुनवाई के दौरान एक वकील द्वारा हमले की कोशिश के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस पार्टी के कई नेता आरएसएस और बीजेपी पर हमलावर हैं। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने हमले को आरएसएस की 100 साल की नफरत का नतीजा बताया है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा कर इस कट्टरता से प्रेरित बताया।
कांग्रेस सांसद टैगोर ने कहा कि यह हमला आरएसएस की 100 साल की नफरत का नतीजा है, जिससे संस्थाओं के प्रति लोगों का सम्मान कमजोर हुआ है। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर टैगोर ने सीजेआई बीआर गवई की शांत और अडिग बने रहने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला कि कार्यवाही के दौरान किसी ने सीजेआई गवई पर कोई सामान फेंकने की कोशिश की।
इस अफरा-तफरी के बीच भी सीजेआई शांत, गरिमामय और पूरी तरह से अडिग रहे। यहीं सच्चा नेतृत्व है। सीजेआई गवई का धैर्य भारतीय न्यायपालिका की मजबूती को दिखाता है। जो नफरत के बावजूद भी मजबूती से खड़ी है और हमारी संस्थाओं को हिलाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना कर उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कहें, यह सिर्फ एक व्यक्ति का पागलपन नहीं है, यह संघ के 100 सालों की नफरत के जहर का नतीजा है जो दिमागों को जहरीला बना रहा है और संस्थाओं के प्रति सम्मान को कमजोर कर रहा है। जब नफरत आम हो जाती है, तब न्याय खतरनाक हो जाता है।
भारत के लिए अराजकता की बजाय शांति और नफरत की बजाय मानवता को चुनने का समय आ गया है। यह घटना सोमवार को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के कोर्ट रूम 1 में एक वकील के घुसने और कथित तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) गवई पर हमला करने के इरादे से कोई वस्तु फेंकने की कोशिश करने के बाद हुई है।
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देकर कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश पर हमले का प्रयास अभूतपूर्व, शर्मनाक और घृणित है। यह हमारी न्यायपालिका की गरिमा और विधि के शासन पर हमला है। जब एक वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, जो अपनी योग्यता, निष्ठा और दृढ़ता के बल पर देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचे हैं, को इस तरह निशाना बनाया जाता है, तब यह एक बेहद विचलित करने वाला संदेश देता है। ऐसा मूर्खतापूर्ण कृत्य दिखाता है, कि पिछले एक दशक में हमारे समाज में किस तरह से घृणा, कट्टरता और कट्टरता व्याप्त हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हमारी न्यायपालिका की सुरक्षा सर्वोपरि है। न्याय और तर्क की जीत हो, धमकी की नहीं।
