Those who did not participate in the freedom struggle

जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे

जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे

-राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में खड़गे ने बीजेपी और अमित शाह पर साधा निशाना

नई दिल्ली। राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार किया है। खड़गे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को आजादी का नारा बनाने का काम कांग्रेस पार्टी ने ही किया है। वहीं पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू के सदन में जिक्र को लेकर खड़गे ने कहा कि जवाहरलाल नेहरु को बदनाम करने की सभी कोशिशें व्यर्थ हो जाएंगी और बीजेपी इसमें कभी कामयाब नहीं होगी।
इससे पहले राज्यसभा में खड़गे ने अपने संबोधन की शुरुआत वंदे मातरम् के नारों से की। उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे खुद कई सालों से वंदे मातरम् गीत गा रहे हैं लेकिन वंदे मातरम् को पहले नहीं गाने वालों ने इसे अब गाना शुरू कर दिया है। इसके बाद खड़गे ने अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गीत भारत के सार्वजनिक जीवन में तब प्रवेश करता है, जब गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे पहली बार गाया था, जिसका जिक्र हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने किया, लेकिन इसका बैकग्राउंड क्या था, ये उन्होंने नहीं बताया। जो चीज उनको अच्छी लगती है और हमारे लीडर्स का अपमान करने के लिए जो बोलना है, वे उतना ही बोलते हैं, आगे नहीं बोलते।
खड़गे ने कहा कि इस तरह वंदे मातरम् को आजादी का नारा बनाने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया। कांग्रेस ने अपने अधिवेशनों और कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के नियमित गायन की परम्परा शुरू की थी। क्या बीजेपी ने ऐसा किया? खड़गे ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इतिहास ये है कि आप लोग हमेशा आजादी के और आजादी की लड़ाई के खिलाफ थे। खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी ने जब 1921 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, तब लाखों कांग्रेसी स्वतंत्रता सेनानी भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय और वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। और आप क्या कर रहे थे और अंग्रेजों के पास नौकरी। और आप हमें देशभक्ति सिखाते हो? आप देशभक्ति के नाम से भी डरते थे और अंग्रेजों की सेवा करते थे।

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