Union Food Processing Minister Chirag Paswan spoke on the

“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना……किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष

“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना……किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने ट्रेड डील पर रखी बात

नई दिल्ली । केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रेड डील, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से केंद्र सरकार का पक्ष रखा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष बेवजह भ्रम फैलने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी जिम्मेदार सरकार देश के सबसे बड़े और संवेदनशील वर्ग, यानी किसानों, के हितों से समझौता नहीं कर सकती। केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा, “हम भी जनप्रतिनिधि हैं और हमें भी जनता के बीच जाना है। किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी राजनीतिक दल आगे नहीं बढ़ सकता।”
उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर कहा कि बीते एक दशक में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना रही है। उनका कहना था कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो। देश में जारी आर्थिक सुधारों का उल्लेख कर केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि जनधन योजना, यूपीआई और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी पहलों ने देश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती दी है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंची है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका घटी। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया, जो लंबे समय तक हाशिए पर थे, परिणामस्वरूप टैक्सदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताकर मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को अक्सर अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ती है। यदि वैल्यू एडिशन और आधुनिक प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाए, तब फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, बेहतर कीमत मिलेगी और खाद्य अपव्यय में कमी आएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते है।
केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि भारत के पास वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है और देश “ग्लोबल फूड बास्केट” बन सकता है। सरकार निवेश, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों के माध्यम से कृषि और फूड प्रोसेसिंग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार समझौतों और निवेश को बढ़ावा देते समय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।

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Date : 14 February 2026 Posted By : EDITOR
“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना……किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष
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“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना......किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने ट्रेड डील पर रखी बात

नई दिल्ली । केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रेड डील, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से केंद्र सरकार का पक्ष रखा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष बेवजह भ्रम फैलने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी जिम्मेदार सरकार देश के सबसे बड़े और संवेदनशील वर्ग, यानी किसानों, के हितों से समझौता नहीं कर सकती। केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा, “हम भी जनप्रतिनिधि हैं और हमें भी जनता के बीच जाना है। किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी राजनीतिक दल आगे नहीं बढ़ सकता।”
उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर कहा कि बीते एक दशक में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना रही है। उनका कहना था कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो। देश में जारी आर्थिक सुधारों का उल्लेख कर केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि जनधन योजना, यूपीआई और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी पहलों ने देश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती दी है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंची है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका घटी। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया, जो लंबे समय तक हाशिए पर थे, परिणामस्वरूप टैक्सदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताकर मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को अक्सर अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ती है। यदि वैल्यू एडिशन और आधुनिक प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाए, तब फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, बेहतर कीमत मिलेगी और खाद्य अपव्यय में कमी आएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते है।
केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि भारत के पास वैश्विक खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है और देश “ग्लोबल फूड बास्केट” बन सकता है। सरकार निवेश, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों के माध्यम से कृषि और फूड प्रोसेसिंग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार समझौतों और निवेश को बढ़ावा देते समय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।

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