US ambassador arrives on Pok tour amid India-Canada dispute

US Ambassador: भारत-कनाडा विवाद के बीच Pok दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत

 

नई दिल्ली। भारत-कनाडा विवाद के बीच जहां एक तरफ अमेरिका भारत के साथ होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से अमेरिकी राजदूत डेविड ब्लोम 6 दिवसीय पीओके दौरे पर पहुंचे हैं, जिसे लेकर बवाल मच गया है। उनके दौरे ने भारत-कनाडा विवाद के बीच अमेरिका की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां तरफ इस विवाद के दौरान अमेरिका भारत के साथ होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ उसका राजदूत गुपचुप तरीके से अमेरिका पहुंच गया। इस यात्रा को काफी गुप्त रखा गया था। किसी को भी इस बारे में जानकारी नहीं थी। अपनी यात्रा के दौरान डेविड ब्लोम ने गिलगित बाल्टिस्तान के स्थानीय बांशिदों और नेताओं से मुलाकात की और उनसे कई मुद्दों पर जानकारी हासिल की। इस बीच ब्लोम ने गिलगित-बाल्टिस्तान के खाद्य मंत्री से भी मुलाकात की। वहीं, अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने इस संदर्भ में बयान जारी कर क्या कुछ कहा है। आइए, आगे कि रिपोर्ट में आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने कहा कि इस बारे में प्रतिक्रिया देना मेरा काम नहीं है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में जी-20 के दौरान भी हमारे प्रतिनिधिमंडल गए थे। हम वार्ता का सिलसिला जारी रखेंगे। लेकिन, मुझे लगता है कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच के विवाद का मामला है, तो इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है, जैसा कि वर्तमान में किया जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों अमेरिकी राजदूत ने गिलगित बाल्टिस्तान स्थित बंदरगाहों का भी दौरा कर कई पक्षों से मुलाकात की थी। यही नहीं, अमेरिकी राजदूत ने उस जगह का भी दौरा किया, जहां अभी चीन अपनी आर्थिक परियोजनाओं को नया रूप दे रहा है। लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि अमेरिकी राजदूत ने ऐसे वक्त में पीओके का दौरा किया है, जब भारत- कनाडा के बीच विवाद अपने चरम पर पहुंच चुका है।

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Date : 27 September 2023 Posted By : EDITOR
US Ambassador: भारत-कनाडा विवाद के बीच Pok दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत
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नई दिल्ली। भारत-कनाडा विवाद के बीच जहां एक तरफ अमेरिका भारत के साथ होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से अमेरिकी राजदूत डेविड ब्लोम 6 दिवसीय पीओके दौरे पर पहुंचे हैं, जिसे लेकर बवाल मच गया है। उनके दौरे ने भारत-कनाडा विवाद के बीच अमेरिका की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां तरफ इस विवाद के दौरान अमेरिका भारत के साथ होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ उसका राजदूत गुपचुप तरीके से अमेरिका पहुंच गया। इस यात्रा को काफी गुप्त रखा गया था। किसी को भी इस बारे में जानकारी नहीं थी। अपनी यात्रा के दौरान डेविड ब्लोम ने गिलगित बाल्टिस्तान के स्थानीय बांशिदों और नेताओं से मुलाकात की और उनसे कई मुद्दों पर जानकारी हासिल की। इस बीच ब्लोम ने गिलगित-बाल्टिस्तान के खाद्य मंत्री से भी मुलाकात की। वहीं, अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने इस संदर्भ में बयान जारी कर क्या कुछ कहा है। आइए, आगे कि रिपोर्ट में आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने कहा कि इस बारे में प्रतिक्रिया देना मेरा काम नहीं है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में जी-20 के दौरान भी हमारे प्रतिनिधिमंडल गए थे। हम वार्ता का सिलसिला जारी रखेंगे। लेकिन, मुझे लगता है कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच के विवाद का मामला है, तो इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है, जैसा कि वर्तमान में किया जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों अमेरिकी राजदूत ने गिलगित बाल्टिस्तान स्थित बंदरगाहों का भी दौरा कर कई पक्षों से मुलाकात की थी। यही नहीं, अमेरिकी राजदूत ने उस जगह का भी दौरा किया, जहां अभी चीन अपनी आर्थिक परियोजनाओं को नया रूप दे रहा है। लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि अमेरिकी राजदूत ने ऐसे वक्त में पीओके का दौरा किया है, जब भारत- कनाडा के बीच विवाद अपने चरम पर पहुंच चुका है।

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