We should produce graduates who are ready for industry President

ऐसे ग्रेजुएट तैयार करने चाहिए, जो उद्योग के लिए तैयार हों : राष्ट्रपति

 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुताबिक शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रौद्योगिकीय, आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ तालमेल बिठाने की आवश्‍यकता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे ग्रेजुएट तैयार करने चाहिए, जो उद्योग के लिए तैयार हों और जो रोजगार सृजित कर सकें एवं प्रौद्योगिकी केन्द्रित विश्‍व में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और मृदा क्षरण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मंगलवार 7 नवंबर को गोविन्‍द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और यहां उन्होंने अपने संबोधन में यह बातें कहीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल भोजन की आदतों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, वैज्ञानिक और संकाय सदस्य हमारे भोजन की आदतों में मोटे अनाज को प्राथमिकता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने फसल प्रबंधन, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैविक खेती आदि के माध्यम से कृषि में डिजिटल समाधान शुरू करने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की सराहना की।

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Date : 08 November 2023 Posted By : EDITOR
ऐसे ग्रेजुएट तैयार करने चाहिए, जो उद्योग के लिए तैयार हों : राष्ट्रपति
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुताबिक शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रौद्योगिकीय, आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ तालमेल बिठाने की आवश्‍यकता है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे ग्रेजुएट तैयार करने चाहिए, जो उद्योग के लिए तैयार हों और जो रोजगार सृजित कर सकें एवं प्रौद्योगिकी केन्द्रित विश्‍व में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और मृदा क्षरण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मंगलवार 7 नवंबर को गोविन्‍द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं और यहां उन्होंने अपने संबोधन में यह बातें कहीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल भोजन की आदतों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, वैज्ञानिक और संकाय सदस्य हमारे भोजन की आदतों में मोटे अनाज को प्राथमिकता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने फसल प्रबंधन, नैनो-प्रौद्योगिकी, जैविक खेती आदि के माध्यम से कृषि में डिजिटल समाधान शुरू करने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की सराहना की।

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