6 lakh hectares to be irrigated in 14 districts in next six months : Chief Minister Dr. Yadav

कृषक कल्याण वर्ष में अगली छमाही में 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेंगी सिंचाई सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष में अगली छमाही में 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेंगी सिंचाई सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्लीमानाबाद टनल का शीघ्र होगा उद्घाटन
केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण
केन-बेतवा परियोजना में पुनर्व्यवस्थापन का 90 प्रतिशत भुगतान पूर्ण
मंत्रालय में हुई नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।
सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।
सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
केन-बेतवा अंतर्राज्यीय परियोजनाओं में पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में बुंदेलखण्ड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हैक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन भी होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
कारम परियोजना और छिंदवाड़ा की चतुर्थ बांध परियोजना
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के वर्ष 2024 से प्रारंभ हुए पुनर्निर्माण के कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चतुर्थ बांध परियोजना (छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स) के कार्यों और अन्य परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की।
स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बांध से निकलने वाली यह ट्रांस-वैली केनाल प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक डिस्चार्ज केअरिंग कैपेसिटी वाली नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के लगभग डेढ़ हजार गांव की करीब ढाई लाख हैक्टेयर भूमि को सिंचाई का वरदान प्राप्त होगा। दायीं तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116 के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य लगभग डेढ़ दशक से चल रहा था, जो लगभग पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर और जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है। टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में इस टनल की विशेष उपयोगिता होगी।

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Date : 25 June 2026 Posted By : EDITOR
कृषक कल्याण वर्ष में अगली छमाही में 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेंगी सिंचाई सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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कृषक कल्याण वर्ष में अगली छमाही में 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेंगी सिंचाई सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्लीमानाबाद टनल का शीघ्र होगा उद्घाटन
केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
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केन-बेतवा परियोजना में पुनर्व्यवस्थापन का 90 प्रतिशत भुगतान पूर्ण
मंत्रालय में हुई नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।
सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।
सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
केन-बेतवा अंतर्राज्यीय परियोजनाओं में पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में बुंदेलखण्ड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हैक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन भी होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
कारम परियोजना और छिंदवाड़ा की चतुर्थ बांध परियोजना
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के वर्ष 2024 से प्रारंभ हुए पुनर्निर्माण के कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चतुर्थ बांध परियोजना (छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स) के कार्यों और अन्य परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की।
स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा की अमृत धारा को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बांध से निकलने वाली यह ट्रांस-वैली केनाल प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक डिस्चार्ज केअरिंग कैपेसिटी वाली नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के लगभग डेढ़ हजार गांव की करीब ढाई लाख हैक्टेयर भूमि को सिंचाई का वरदान प्राप्त होगा। दायीं तट मुख्य नहर के किलोमीटर 104 से 116 के मध्य निर्मित इस टनल का कार्य लगभग डेढ़ दशक से चल रहा था, जो लगभग पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल लम्बाई 11.952 किलोमीटर और जल प्रवाह क्षमता 152 क्यूमेक है। टनल का डायमीटर 10.140 मीटर है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में इस टनल की विशेष उपयोगिता होगी।

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