Samajwadi Party Candidate List

Samajwadi Party Candidate List: ‘मैनपुरी से डिंपल तो शफीकुर्रहमान को…’, SP ने घोषित की 16 उम्मीदवारों की सूची

 

नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी ने कमर कस ली है। बात दें कि पार्टी ने 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। डिपंल यादव को मैनपुर तो शफीकुर्रहमान को संभल से चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा अक्षय यादव को फिरोजाबाद, देवेश शाक्य को एटा , धर्मेंद्र यादव को बंदायू, उत्कर्षा वर्मा को खीरी, आनंद भदौरिया घौरहरा, अनु टंडन को उन्नाव, रविदास मेहरोत्रा को लखनऊ, नवल किशोर शाक्य को फर्रूखाबाद, राजाराम पाल को अकबरपुर, शिवशंकर सिंह पटेल को बांदा, श्री अवधेष प्रसाद को फैजाबाद, लालाजी वर्मा को अंबेडकर नगर, रामप्रसाद चौधरी को बस्ती, काजल निषाद को गोरखपुर से चुनावी मैदान में उतारा गया है।
बेहद अहम है उत्तर प्रदेश
आपको बता दें कि चुनावी दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश किसी भी राजनीतिक दल के लिए एक अहम राज्य हो जाता है, क्योंकि यहां लोकसभा की सर्वाधिक सीटें हैं। ऐसे में हर राजनीतिक दल की इस राज्य में पैनी नजरें रहती हैं। कहा भी जाता है कि दिल्ली की सत्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती है। सियासी विद्वान इस बात को मानने से तनिक भी गुरेज नहीं करते हैं कि अगर राजनीतिक दल ने उत्तर प्रदेश को अपने नाम कर लिया, तो उसे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता है।

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Date : 31 January 2024 Posted By : EDITOR
Samajwadi Party Candidate List: ‘मैनपुरी से डिंपल तो शफीकुर्रहमान को…’, SP ने घोषित की 16 उम्मीदवारों की सूची
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नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी ने कमर कस ली है। बात दें कि पार्टी ने 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। डिपंल यादव को मैनपुर तो शफीकुर्रहमान को संभल से चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा अक्षय यादव को फिरोजाबाद, देवेश शाक्य को एटा , धर्मेंद्र यादव को बंदायू, उत्कर्षा वर्मा को खीरी, आनंद भदौरिया घौरहरा, अनु टंडन को उन्नाव, रविदास मेहरोत्रा को लखनऊ, नवल किशोर शाक्य को फर्रूखाबाद, राजाराम पाल को अकबरपुर, शिवशंकर सिंह पटेल को बांदा, श्री अवधेष प्रसाद को फैजाबाद, लालाजी वर्मा को अंबेडकर नगर, रामप्रसाद चौधरी को बस्ती, काजल निषाद को गोरखपुर से चुनावी मैदान में उतारा गया है।
बेहद अहम है उत्तर प्रदेश
आपको बता दें कि चुनावी दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश किसी भी राजनीतिक दल के लिए एक अहम राज्य हो जाता है, क्योंकि यहां लोकसभा की सर्वाधिक सीटें हैं। ऐसे में हर राजनीतिक दल की इस राज्य में पैनी नजरें रहती हैं। कहा भी जाता है कि दिल्ली की सत्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती है। सियासी विद्वान इस बात को मानने से तनिक भी गुरेज नहीं करते हैं कि अगर राजनीतिक दल ने उत्तर प्रदेश को अपने नाम कर लिया, तो उसे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता है।

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