Former Chief Secretary Iqbal Singh Bains embroiled in corruption

मप्रः भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और सहयोगी की लोकायुक्त ने शुरु की जांच

MP पोषण आहार बड़ा ‘खेला’ 500 करोड़ घोटाला

मप्रः भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और सहयोगी की लोकायुक्त ने शुरु की जांच

भोपाल । मध्य प्रदेश में टेक होम राशन वितरण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद लोकायुक्त ने पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व सीईओ ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा अगस्त 2023 में की गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें लगभग 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया था। सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट में 2018 से 2022 के बीच आठ जिलों में इस घोटाले के संकेत मिले हैं।
पूर्व विधायक सकलेचा ने आरोप लगाया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में एसीएस रहते हुए बैंस ने वर्ष 2017 में ललित मोहन बेलवाल को वन विभाग से हटाकर आजीविका मिशन में प्रतिनियुक्ति पर सीईओ नियुक्त किया। इसके बाद टेक होम राशन बनाने वाली फैक्ट्रियों का संचालन एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन से हटाकर आजीविका मिशन को सौंप दिया गया। फिर 2018 में कांग्रेस सरकार आने पर फैक्ट्रियों का संचालन फिर से एग्रो इंडस्ट्रीज को सौंपा गया, लेकिन 2020 में भाजपा सरकार बनने और बैंस के मुख्य सचिव बनने के बाद सेवानिवृत्त बेलवाल को संविदा पर दोबारा सीईओ बना दिया गया। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग यह पोषण आहार 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की स्कूल से बाहर किशोरियों को वितरित करता है। सीएजी रिपोर्ट में लाभार्थियों की पहचान, निर्माण, आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण में भारी अनियमितताओं की बात सामने आई है। लोकायुक्त संगठन ने संबंधित विभागों से सूचनाएं लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अब तक 73 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए, इनमें से 36 अधिकारियों पर विभागीय जांच चल रही है, जबकि 11 पर दंडात्मक कार्रवाई हो चुकी है और 9 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है। तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों के मामले शासन को भेजे गए हैं।
पूर्व विधायक सकलेचा ने शनिवार को बताया कि लंबी जांच के बाद इसी साल मार्च महीने में उनकी शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच प्रकरण दर्ज किया था। इस बात की जानकारी उन्हें दो दिन पहले आरटीआई के जवाब में मिली है। जांच के निष्कर्ष आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

×
Date : 22 June 2025 Posted By : EDITOR
मप्रः भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और सहयोगी की लोकायुक्त ने शुरु की जांच
News Image

MP पोषण आहार बड़ा 'खेला' 500 करोड़ घोटाला

मप्रः भ्रष्टाचार मामले में फंसे पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और सहयोगी की लोकायुक्त ने शुरु की जांच

भोपाल । मध्य प्रदेश में टेक होम राशन वितरण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद लोकायुक्त ने पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व सीईओ ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा अगस्त 2023 में की गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें लगभग 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया था। सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट में 2018 से 2022 के बीच आठ जिलों में इस घोटाले के संकेत मिले हैं।
पूर्व विधायक सकलेचा ने आरोप लगाया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में एसीएस रहते हुए बैंस ने वर्ष 2017 में ललित मोहन बेलवाल को वन विभाग से हटाकर आजीविका मिशन में प्रतिनियुक्ति पर सीईओ नियुक्त किया। इसके बाद टेक होम राशन बनाने वाली फैक्ट्रियों का संचालन एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन से हटाकर आजीविका मिशन को सौंप दिया गया। फिर 2018 में कांग्रेस सरकार आने पर फैक्ट्रियों का संचालन फिर से एग्रो इंडस्ट्रीज को सौंपा गया, लेकिन 2020 में भाजपा सरकार बनने और बैंस के मुख्य सचिव बनने के बाद सेवानिवृत्त बेलवाल को संविदा पर दोबारा सीईओ बना दिया गया। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग यह पोषण आहार 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 11 से 14 वर्ष की स्कूल से बाहर किशोरियों को वितरित करता है। सीएजी रिपोर्ट में लाभार्थियों की पहचान, निर्माण, आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण में भारी अनियमितताओं की बात सामने आई है। लोकायुक्त संगठन ने संबंधित विभागों से सूचनाएं लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अब तक 73 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए, इनमें से 36 अधिकारियों पर विभागीय जांच चल रही है, जबकि 11 पर दंडात्मक कार्रवाई हो चुकी है और 9 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है। तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों के मामले शासन को भेजे गए हैं।
पूर्व विधायक सकलेचा ने शनिवार को बताया कि लंबी जांच के बाद इसी साल मार्च महीने में उनकी शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच प्रकरण दर्ज किया था। इस बात की जानकारी उन्हें दो दिन पहले आरटीआई के जवाब में मिली है। जांच के निष्कर्ष आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला

📰 Generate e-Paper Clip दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला,  रूस-चीन कर रहे युद्धविराम की कोशिश रियाद। सऊदी अरब में विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात हुए हूती के बैलेस्टिक मिसाइल हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है। हमले […]

Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together

📰 Generate e-Paper Clip Bharat D2C Conclave 2026 Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together Founders and Policy Makers Share One Room as Bharat D2C Conclave 2026 Sets the Agenda for India’s Consumer Brands D2C Industry Association (D2CIA) brings founders, investors and policy makers together in New Delhi; announces its Mumbai […]