bengali club to celebrate durga puja indore madhya pradesh

Bengali Club to celebrate Durga Puja indore:  बंगाली स्कूल एंड क्लब परिसर में हुआ देबी दुर्गा माँ का आगमन

Bengali Club to celebrate Durga Puja indore:  बंगाली स्कूल एंड क्लब परिसर में हुआ देबी दुर्गा माँ का आगमन

ढाक की थाप ने सजाया उत्सव का माहौल, भक्ति और उल्लास से गूंजा पंडाल

आज शाम को होगा सुंदर धुनुचि नृत्य, रात्रि 9 बजे से होंगे कल्चर प्रोग्राम

इंदौर। नवलखा स्थित बंगाली स्कूल एंड क्लब परिसर में रविवार को देवी दुर्गा माँ का आगमन जोर शोर से हो गया। शंख, ध्वनि और घंटाल बजे। पूरे बंगाली समाज में हर्ष और उल्लास का वातावरण है। श्री श्री सारबोजनिन दुर्गा पूजा समिति के कंवेनर रविशंकर रायचौधरी ने बताया कि बंगाली समाज में अश्विन माह की महाषष्ठी को बड़ा शुभ दिन माना जाता है। मान्यता है कि महाषष्ठी को देवी दुर्गा माँ अपने पूरे परिवार के साथ मायके में आती है और सभी जन स्वागत के लिए आतुर रहते है। देवी माँ का सुंदर श्रृंगार कर उसकी पूजा की जाती और विशेष मिष्ठान का भोग लगाया जाता है। अध्यक्ष रंजन डे सरकार और सचिव असित गांगुली ने बताया कि बंगाली समाज की महिलाओ ने सुबह 7.30 बजे बेल के पेड़ के नीचे श्री श्री दुर्गा देबी, शताब्दी कल्पारंभ और बिहित पूजा की।

इस मौके पर कोलकाता से आये 3 ढाकियो ने ढाक बजाकर पूरे वातावरण को धर्ममय कर दिया। सुबह10 बजे इंटरस्कूल ड्राइंग प्रतियोगिता हुई। रबि नंदी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के सैकड़ो बच्चों ने भाग लिया। सोमवार को महासप्तमी पर सुबह 9.29 बजे देबी नबोपत्रिका प्रवेश और स्थापना होगी। साथ ही सप्तमी कल्पारंभ और बिहित पूजा होगी। सुबह 10 बजे इंटर स्कूल गायन प्रतियोगिता होगी, जिसमें विभिन्न स्कूलों के सेकडो बच्चे भाग लेगे। दोपहर 1.30 बजे भोग वितरण होगा। शाम 7.30 बजे आरती के बाद सुंदर धुनुचि नृत्य होगा। इसको लेकर सभी में उत्साह का वाता वरण है। रात्रि 9 बजे से कल्चर प्रोग्राम के तहत कोलकाता के आलोक राय चौधरी की टीम द्वारा बंगला और हिंदी गीतों की प्रस्तुति दी जायेगी।

बंगाल का दुर्गा पूजा, षष्ठी से लेकर सिंदूर खेला तक भक्ति और उल्लास के स्वर

भारत विविधताओं का देश है और हर प्रदेश की अपनी-अपनी परंपराएं और त्योहार हैं। लेकिन जब बात दुर्गा पूजा की आती है तो बंगाल का उत्साह और भव्यता सबसे अलग दिखाई देती है। बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन का उत्सव है। षष्ठी से दशमी तक पांच दिन चलने वाला यह पर्व पूरे समाज को आनंद और उत्साह से भर देता है। दुर्गा पूजा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह बंगाल की पहचान, उसकी संस्कृति और सामाजिक जीवन का सबसे बड़ा उत्सव है। माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय की कथा पर आधारित यह पर्व, हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी से दशमी तक मनाया जाता है। दुर्गा पूजा की तैयारियाँ महालय से शुरू होती हैं। इस दिन ‘चंडी पाठ’ के साथ देवी दुर्गा का आवाहन किया जाता है। यही दिन आधिकारिक रूप से दुर्गा पूजा की भूमिका माना जाता है।
दुर्गा पूजा के दिनों में पूरा बंगाल रोशनी, सजावट और उल्लास से भर उठता है। हर गली और मोहल्ले में भव्य पंडाल सजाए जाते हैं। ढाक की थाप, धुनुची नृत्य और देवी की आराधना से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। लोग नए वस्त्र पहनकर परिवार और मित्रों के साथ पंडाल घूमते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाट्य मंचन और लोकसंगीत इस पर्व को और खास बना देते हैं। आज दुर्गा पूजा केवल बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी बंगाली समुदाय बड़े उत्साह से इसे मनाता है। दुर्गा पूजा बंगाल की आस्था और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी लोगों को जोड़ने का माध्यम है। भक्ति, उल्लास और आनंद से परिपूर्ण यह महोत्सव माँ दुर्गा की शक्ति और करुणा का स्मरण कराता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

पाकिस्तानी TikTok स्टार शमसू बीबी (उर्फ आयशा गिलामाना) की गोली मारकर हत्या

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱पाकिस्तानी TikTok स्टार शमसू बीबी (उर्फ आयशा गिलामाना) की गोली मारकर हत्या UNN: पाकिस्तान की लोकप्रिय TikTok स्टार शमसू बीबी उर्फ आयशा गिलामाना की टैक्सिला में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 14 अगस्त को बाइक सवार दो हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की, जिसमें गोली उनके गले में […]

Madhya Pradesh: वी 5G उज्जैन और 9 अन्य शहरों में हुआ लाईव

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱Madhya Pradesh: वी 5G उज्जैन और 9 अन्य शहरों में हुआ लाईव – वी की 5G सेवाएँ उज्जैन, ओंकारेश्वर, देपालपुर, महेश्वर, बाग धार, हतोद, बेटमा, खजुराहो, सीहोर और कोठरी कलां में शुरू हुईं – भारत के सबसे पवित्र आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में से एक, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग को मिलेगी हाई-स्पीड […]