Fifteen Maoists, including one carrying a reward of one crore rupe

एक करोड़ के इनामी माओवादी सहित 15 नक्सली मुठभेड़ में ढेर

एक करोड़ के इनामी माओवादी सहित 15 नक्सली मुठभेड़ में ढेर

चाईबासा । झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली है। भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा सहित कुल 15 नक्सली मारे गए। इस कार्रवाई की पुष्टि झारखंड पुलिस के आईजी (अभियान) माइकल राज ने की है। मृतक माओवादी पतिराम मांझी गिरिडीह जिले का रहने वाला था और बीते दो दशकों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। बताया जाता हैं कि पतिराम संगठन का शीर्ष रणनीतिकार माना जाता था। गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में उसका तगड़ा नेटवर्क मौजूद था। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली प्रभाव बढ़ाने में उसकी अहम भूमिका रही है। नक्सली पतिराम सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, लेवी वसूली और ठेकेदारों को धमकाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे।
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ चाईबासा के कुंभडीह गांव के पास शुरू हुई। गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने रणनीतिक तरीके से मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों को घेर लिया। कई घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को निर्णायक बढ़त मिली।
कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि अभियान अभी जारी है और पूरी तरह समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शवों के साथ अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके की घेराबंदी कर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने चाईबासा में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिले थे कि सुरक्षा बल एक बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की तैयारी में हैं। इसी रणनीति के तहत झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती सारंडा क्षेत्र में की गई थी।
सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हाल के महीनों में चाईबासा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में टोंटो और गोइलकेरा इलाके में हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ यह पहली बड़ी मुठभेड़ मानी जा रही है, जिसे सुरक्षा बलों की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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