Railway Ticket Refund Rules: रेल टिकट कैंसलेशन पर 72, 24 और 8 घंटे का नया नियम जान लीजिए
Railway Ticket Refund Rules 2026 : रेल टिकट कैंसलेशन पर 72, 24 और 8 घंटे का नया नियम जान लीजिए
UNN: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए रिफंड के नियमों को कड़ा कर दिया है। यह खबर हर उस यात्री के लिए जरूरी है जो अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, क्योंकि अब लास्ट मिनट पर टिकट कैंसिल करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे सुधार बताया है तो विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर जनता से पैसे ऐंठने की एक और तरकीब निकालने का आरोप मढ़ दिया।
कैंसिलेशन के नए नियम और रिफंड की शर्तें
रेलवे द्वारा जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, अब रिफंड की समय सीमा को बदल दिया गया है। अगर कोई यात्री ट्रेन खुलने के 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे एक रुपया भी वापस नहीं मिलेगा यानी ‘जीरो रिफंड’ होगा। इससे पहले, ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। इसके अलावा, अब पूरा रिफंड पाने के लिए यात्रियों को 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा, जिसकी समय सीमा पहले 48 घंटे थी।
बिचौलियों और एजेंटों पर नकेल कसने की तैयारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बदलावों के पीछे का कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि जांच में यह सामने आया कि टिकट एजेंट और कालाबाजारी करने वाले लोग थोक में टिकट बुक कर लेते थे। वे इस उम्मीद में रहते थे कि अगर टिकट ब्लैक में नहीं बिकी, तो आखिरी समय में उसे कैंसिल करके आधा पैसा वापस पा लेंगे। रेल मंत्री के अनुसार, ‘एजेंटों के इसी इंसेंटिव को खत्म करने के लिए 8 घंटे वाला नियम लाया गया है ताकि वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सके।’
रिफंड और बोर्डिंग में मिली कुछ अन्य राहतें
सख्त नियमों के बीच रेलवे ने कुछ रियायतें भी दी हैं।
ऑटोमैटिक रिफंड: ई-टिकट के लिए टीडीआर (TDR) भरने की जरूरत को खत्म कर दिया गया है। ऑनलाइन कैंसिल करने पर रिफंड अब अपने आप प्रोसेस हो जाएगा।
क्लास अपग्रेड: यात्री अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपनी यात्रा की श्रेणी (जैसे स्लीपर से 3AC) को अपग्रेड कर सकते हैं।
बोर्डिंग स्टेशन: यात्री ट्रेन प्रस्थान के आधे घंटे पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।
