After the theft of offerings, the Ram Mandir Trust is now under

चढ़ावा चोरी के बाद अब लैंड डील पर घिरा राम मंदिर ट्रस्ट

चढ़ावा चोरी के बाद अब लैंड डील पर घिरा राम मंदिर ट्रस्ट

– 85 करोड़ की जमीन पर उगा रहा चारा

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड के बीच ट्रस्ट द्वारा जमीनों की खरीद पर भी सवाल उठे हैं। करोड़ों करोड़ की जमीन चंपत राय ने ट्रस्ट के लिए खरीदी और खुले हांथों से ट्रस्ट के पैसों को भर-भर कर बांटा गया। राम मंदिर परिसर से 6 किलोमीटर दूए शाहनवाजपुर मांझा में 85 करोड़ की जमीन खरीद कर ट्रस्ट ने विश्व हिूंदू परिषद के गौशाला को दे दिया, जिस पर अब हरे चारे की खेती होती है।
2023 में ये जमीनें खरीदी गई थी और अब तक यहां कोई और निर्माण या मंदिर ट्रस्ट के लिहाज से इसका उपयोग होते नहीं देखा गया। ऐसे में सवाल तो उठता है कि हरे चारे उगाने के लिए ये 85 करोड़ की जमीन खरीद डाली? कांग्रेस नेता शरद शुक्ला इस जमीन का मुद्दा सबसे पहले उठाने वाले हैं। इसके बाद आप सांसद संजय सिंह, सपा के पूर्व विधायक पवन पांडेय और संतोष दुबे भी इस जमीन के खरीद का मुद्दा उठा चुके हैं।
कारसेवकपुरम की गौशाला में भेजा जाता है चारा
कारसेवकपुरम में जगह-जगह श्री राम गौशाला समिति के बोर्ड लगे हैं। चंपत राय इसके अध्यक्ष हैं। लगभग 100 गाय इस गौशाला में मौजूद हैं। साल 2000 में सोसाइटी रजिस्टर्ड कराई गई थी और तब से इसके अध्यक्ष चंपत राय ही हैं। इस सोसाइटी का राम मंदिर ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं है। ये गौशाला का काम देखने वाले विहिप नेता भी कहते हैं। साथ ही ये मानते भी हैं कि ट्रस्ट की जमीन पर हरा चारा उगाने का काम गौशाला के लिये किया जा रहा है। पहले हरा चारा खरीद कर लाते थे। अब ट्रस्ट की गाड़ी रोजाना शाहनेवाजपुर से चारा लाकर गौशाला में डिलीवर कर देती है। इसके अलावा राम मंदिर से इस गौशाला का कोई संबंध नहीं है।
6 गुना ज्यादा कीमत पर खरीदी गयी जमीन
गौशाला चलाना और गौशाला में सहयोग तो पुण्य का काम है। इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन शायद यह देश की इकलौती गौशाला होगी, जिसके लिये राम मंदिर ट्रस्ट ने 85 करोड़ की जमीन हरा चारा उगाने के लिये दे दी। मार्केट रेट से 6 गुना ज्यादा कीमत पर राम मंदिर से 6 किलोमीटर दूर चंपत राय ने 2023 में इस जमीन को बंसल परिवार से खरीदा। जिन तन्वी बंसल से जमीन खरीदी गई उनके पति मनीष बंसल ने फोन पर बातचीत में कहा कि उन्होंने जमीन ट्रस्ट को दे दी और जो भी मिला उसे प्रसाद स्वरूप स्वीकार किया। इनको 29 करोड़ 67 लाख का प्रसाद मिला है, जो दुनिया में आज तक का सबसे महंगा प्रसाद होगा।

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Date : 19 July 2026 Posted By : EDITOR
चढ़ावा चोरी के बाद अब लैंड डील पर घिरा राम मंदिर ट्रस्ट
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चढ़ावा चोरी के बाद अब लैंड डील पर घिरा राम मंदिर ट्रस्ट

- 85 करोड़ की जमीन पर उगा रहा चारा

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड के बीच ट्रस्ट द्वारा जमीनों की खरीद पर भी सवाल उठे हैं। करोड़ों करोड़ की जमीन चंपत राय ने ट्रस्ट के लिए खरीदी और खुले हांथों से ट्रस्ट के पैसों को भर-भर कर बांटा गया। राम मंदिर परिसर से 6 किलोमीटर दूए शाहनवाजपुर मांझा में 85 करोड़ की जमीन खरीद कर ट्रस्ट ने विश्व हिूंदू परिषद के गौशाला को दे दिया, जिस पर अब हरे चारे की खेती होती है।
2023 में ये जमीनें खरीदी गई थी और अब तक यहां कोई और निर्माण या मंदिर ट्रस्ट के लिहाज से इसका उपयोग होते नहीं देखा गया। ऐसे में सवाल तो उठता है कि हरे चारे उगाने के लिए ये 85 करोड़ की जमीन खरीद डाली? कांग्रेस नेता शरद शुक्ला इस जमीन का मुद्दा सबसे पहले उठाने वाले हैं। इसके बाद आप सांसद संजय सिंह, सपा के पूर्व विधायक पवन पांडेय और संतोष दुबे भी इस जमीन के खरीद का मुद्दा उठा चुके हैं।
कारसेवकपुरम की गौशाला में भेजा जाता है चारा
कारसेवकपुरम में जगह-जगह श्री राम गौशाला समिति के बोर्ड लगे हैं। चंपत राय इसके अध्यक्ष हैं। लगभग 100 गाय इस गौशाला में मौजूद हैं। साल 2000 में सोसाइटी रजिस्टर्ड कराई गई थी और तब से इसके अध्यक्ष चंपत राय ही हैं। इस सोसाइटी का राम मंदिर ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं है। ये गौशाला का काम देखने वाले विहिप नेता भी कहते हैं। साथ ही ये मानते भी हैं कि ट्रस्ट की जमीन पर हरा चारा उगाने का काम गौशाला के लिये किया जा रहा है। पहले हरा चारा खरीद कर लाते थे। अब ट्रस्ट की गाड़ी रोजाना शाहनेवाजपुर से चारा लाकर गौशाला में डिलीवर कर देती है। इसके अलावा राम मंदिर से इस गौशाला का कोई संबंध नहीं है।
6 गुना ज्यादा कीमत पर खरीदी गयी जमीन
गौशाला चलाना और गौशाला में सहयोग तो पुण्य का काम है। इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन शायद यह देश की इकलौती गौशाला होगी, जिसके लिये राम मंदिर ट्रस्ट ने 85 करोड़ की जमीन हरा चारा उगाने के लिये दे दी। मार्केट रेट से 6 गुना ज्यादा कीमत पर राम मंदिर से 6 किलोमीटर दूर चंपत राय ने 2023 में इस जमीन को बंसल परिवार से खरीदा। जिन तन्वी बंसल से जमीन खरीदी गई उनके पति मनीष बंसल ने फोन पर बातचीत में कहा कि उन्होंने जमीन ट्रस्ट को दे दी और जो भी मिला उसे प्रसाद स्वरूप स्वीकार किया। इनको 29 करोड़ 67 लाख का प्रसाद मिला है, जो दुनिया में आज तक का सबसे महंगा प्रसाद होगा।

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