नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा 682 मौतें, 3,000 लापता
नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा 682 मौतें, 3,000 लापता
800 मीटर लंबा ग्लेशियर टूटने से तबाही आई
हिमालय में आई भीषण ग्लेशियर-जनित बाढ़ ने नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक मौतों का आंकड़ा 682 तक पहुंच गया है, जबकि करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। तबाही की वजह बने ग्लेशियर और चट्टानों के बड़े हिस्से के टूटने से अचानक मलबे और पानी का सैलाब नदियों में उतरा, जिसने गांवों, पुलों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया।
काठमांडू: नेपाल-तिब्बत में 26 अगस्त को आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 682 हो गया है। करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 287 भारतीय भी शामिल हैं। इस तबाही के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इसे रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना करीब 800 मीटर लंबा ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता दिखाई दे रहा है। ग्लेशियर टूटने के बाद बड़े पैमाने पर मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। इसके साथ भूस्खलन हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के बाद नेपाल और चीन में राहत-बचाव अभियान जारी है। नेपाल में इस आपदा से 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 7 लोगों की मौत की पुष्टी की गई है। करीब 3000 लोग लापता हैं। इनमें 187 भारतीय भी शामिल हैं। 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।
