Bhopal's Shubhank is the world's youngest ethical hacker

दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर है भोपाल का शुभांक

दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर है भोपाल का शुभांक

-ईसी काउंसिल परीक्षा पास करने का रिकॉर्ड भी तोड़ा

भोपाल । दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर भोपाल के शुभांक सिंघई को प्रमाणित किया गया है। यही नहीं महज 15 साल, 9 माह, 9 दिन के शुभांक ने 4 घंटे की ईसी काउंसिल परीक्षा को महज 20 मिनट में पास कर इसका रिकॉर्ड तोड़ने का भी अहम काम कर दिखाया है। गौरतलब है कि इसका रिकॉर्ड पहले अहमदाबाद के पार्थ गुप्ता के नाम था।
इसी के साथ शुभांक का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ही साथ इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड में भी यंगेस्ट हैकर में शामिल है। शुभांक इस उपलब्धि की बात करते हुए बताते हैं कि 2020 में लॉकडाउन के समय माता-पिता ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए लैपटॉप दिलवाया था। यह वही समय था जबकि शुभांक ने एथिकल हैकिंग और हैकर्स के संबंध में जाना। तब शुभांक महज कक्षा-6 का विद्यार्थी था। इस विषय को जानने की रुचि बढ़ी तो अहमदाबाद स्थित एक इंस्टिट्यूट से आनलाइन हैकिंग की पढ़ाई भी की। इसके बाद भोपाल के सबसे छोटे एथिकल हैकर शुभांक ने वैश्विक कंपनियों के लिए काम भी किया, जो अपने आप में गर्व की बात हो सकती है। ऐसी ही कंपनियों में सर्वप्रथम गूगल, स्पॉटिफाई जैसी कंपनियों का नाम आता है, जिनके बग ढूंढ कर उनकी मदद की।
क्या होती है एथिकल हैकिंग
एथिकल हैकिंग दरअसल कानूनी दायरे में रहते हुए किसी सिस्टम या नेवटवर्क की खामियों को निकालने और कंपनी को उसे सुधारने के लिए दी जाने वाली जानकारी को कहते हैं। दुनियां की अनेक नामीं कंपनियां एथिकल हैकर की नियुक्ति भी करती हैं।

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Date : 27 January 2025 Posted By : EDITOR
दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर है भोपाल का शुभांक
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दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर है भोपाल का शुभांक

-ईसी काउंसिल परीक्षा पास करने का रिकॉर्ड भी तोड़ा

भोपाल । दुनिया का सबसे कम उम्र का एथिकल हैकर भोपाल के शुभांक सिंघई को प्रमाणित किया गया है। यही नहीं महज 15 साल, 9 माह, 9 दिन के शुभांक ने 4 घंटे की ईसी काउंसिल परीक्षा को महज 20 मिनट में पास कर इसका रिकॉर्ड तोड़ने का भी अहम काम कर दिखाया है। गौरतलब है कि इसका रिकॉर्ड पहले अहमदाबाद के पार्थ गुप्ता के नाम था।
इसी के साथ शुभांक का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ही साथ इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड में भी यंगेस्ट हैकर में शामिल है। शुभांक इस उपलब्धि की बात करते हुए बताते हैं कि 2020 में लॉकडाउन के समय माता-पिता ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए लैपटॉप दिलवाया था। यह वही समय था जबकि शुभांक ने एथिकल हैकिंग और हैकर्स के संबंध में जाना। तब शुभांक महज कक्षा-6 का विद्यार्थी था। इस विषय को जानने की रुचि बढ़ी तो अहमदाबाद स्थित एक इंस्टिट्यूट से आनलाइन हैकिंग की पढ़ाई भी की। इसके बाद भोपाल के सबसे छोटे एथिकल हैकर शुभांक ने वैश्विक कंपनियों के लिए काम भी किया, जो अपने आप में गर्व की बात हो सकती है। ऐसी ही कंपनियों में सर्वप्रथम गूगल, स्पॉटिफाई जैसी कंपनियों का नाम आता है, जिनके बग ढूंढ कर उनकी मदद की।
क्या होती है एथिकल हैकिंग
एथिकल हैकिंग दरअसल कानूनी दायरे में रहते हुए किसी सिस्टम या नेवटवर्क की खामियों को निकालने और कंपनी को उसे सुधारने के लिए दी जाने वाली जानकारी को कहते हैं। दुनियां की अनेक नामीं कंपनियां एथिकल हैकर की नियुक्ति भी करती हैं।

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