Birth Centenary Year of Sri Sathya Sai Baba

श्री सत्य साईं बाबा का जन्म शताब्दी वर्ष हमारी पीढ़ी के लिए सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान : PM मोदी

श्री सत्य साईं बाबा का जन्म शताब्दी वर्ष हमारी पीढ़ी के लिए सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान : पीएम मोदी

कार्यक्रम में पहुंची अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने छुए पीएम मोदी के पैर

पुट्टपर्थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्रप्रदेश के पुट्टपर्थी में सत्य साई बाबा के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्री सत्य साई बाबा का यह जन्म शताब्दी वर्ष हमारी पीढ़ी के लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भले ही वें हमारे बीच दैहिक स्वरूप में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षा, उनका प्रेम, उनकी सेवा भावना आज भी करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उनकी शिक्षा का प्रभाव लोगों के बीच आज भी दिखता है। शताब्दी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने 100 रुपए का स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। इसके पहले सुबह पीएम मोदी सत्य साई बाबा का मंदिर और समाधि पर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-पाठ की। जन्म शताब्दी कार्यक्रम में सीएम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, डिप्टी सीएम पवन कल्याण, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी पहुंचे। इस मौके ऐश्वर्या ने पीएम मोदी के पैर छुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में बीते 11 वर्ष में ऐसी अनेक योजनाएं शुरू हुई हैं, जिन्होंने नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है और देश के गरीब, वंचित निरंतर सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में 25 करोड़ लोग ही सोशल सिक्योरिटी के दायरे में थे। आज मैं बड़े संतोष के साथ बाबा के चरणों में बैठकर कहता हूं, आज ये संख्या करीब 100 करोड़ तक पहुंच चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने 10 साल पहले बेटियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि ये देश की उन योजनाओं में से एक है, जिसमें 8.2 प्रतिशत का सबसे ज्यादा इंटरेस्ट हमारी बेटियों को मिलता है। अब तक देश की 4 करोड़ से ज्यादा बेटियों के खाते सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खोले जा चुके हैं। अब तक इन बैंक खातों में सवा 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा है।
पीएम मोदी ने कहा कि श्री सत्य साई बाबा का संदेश केवल पुस्तकों, प्रवचनों और आश्रमों की सीमाओं में नहीं रहा है। उनकी शिक्षा का प्रभाव लोगों के बीच दिखता है। आज भारत के शहरों से लेकर छोटे गांवों तक, स्कूलों से लेकर आदिवासी बस्तियों तक, संस्कृति, शिक्षा और चिकित्सा सेवा का एक अद्भुत प्रवाह नजर आता है। बाबा के करोड़ों अनुयाई बिना किसी स्वार्थ के काम में लगे हैं। मानवसेवा ही माधव सेवा है, ये बाबा के अनुयायियों के सबसे बड़ा आदर्श है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सत्य साई बाबा का जीवन वसुधैव कुटुम्बकम का जीवंत स्वरूप था। इसलिए उनका जन्म शताब्दी वर्ष हमारे लिए महापर्व बन गया है।

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