Review: साहस, सूझबूझ और नेतृत्व ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’
Review: साहस, सूझबूझ और नेतृत्व ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’
अनसुने नायकों की असाधारण गाथा!
फिल्म: गवर्नर – Governor
कलाकार: मनोज बाजपेयी , अदा शर्मा , मधु (Madhoo), नौशाद मोहम्मद कुंजू , परितोष संद और कृषा कुरुप
निर्देशक: चिन्मय डी. मांडलेकर
रेटिंग: 2.5
कहानी..
UNN @ Varsha Parikh : फिल्म की कहानी आईएएस अधिकारी ए. रामानन (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें देश के सबसे कठिन आर्थिक दौर में आरबीआई का गवर्नर बनाया जाता है। यह किरदार पूर्व आरबीआई गवर्नर एस. वेंकटरमणन से प्रेरित माना गया है। फिल्म 1990 के उस दौर में ले जाती है, जब देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था और विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म होने की कगार पर था।देश आर्थिक रूप से संकट में है, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। ऐसे समय में रामानन अपनी टीम के साथ मिलकर ऐसे फैसले लेते हैं जो देश को संभावित आर्थिक पतन से बचाने की दिशा में काम करते हैं।
मनोज बाजपेयी एक बार फिर अपनी दमदार अदाकारी के साथ बड़े पर्दे पर लौटे हैं। उनकी नई फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ एक ऐसे अनसुने नायक की कहानी पेश करती है, जिसने देश के सबसे कठिन आर्थिक दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिल्म में मनोज बाजपेयी आईएएस अधिकारी ए. रामानन के किरदार में नजर आते हैं, जो संकट के समय अपने साहस, सूझबूझ और नेतृत्व से हालात बदलने की कोशिश करता है। निर्देशक चिन्मय डी. मांडलेकर ने इस राजनीतिक-आर्थिक ड्रामा को बड़े ही प्रभावशाली अंदाज में पर्दे पर उतारा है। आइए जानते हैं कि क्या ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है।
