Britain claims huge decline in student numbers after new visa rules

international student : ब्रिटेन का दावा – नए वीजा नियमों के बाद छात्र आश्रितों की संख्या में आई भारी गिरावट

 

international student : ब्रिटेन का दावा: नए वीजा नियमों के बाद छात्र आश्रितों की संख्या में आई भारी गिरावट

लंदन: इस साल की शुरुआत से प्रभावी छात्र वीजा नियम के बाद विदेशी छात्रों के साथ आने वाले आश्रितों या निकट परिजनों जैसे पति, पत्नी और बच्चों की संख्या में “महत्वपूर्ण गिरावट” देखने को मिली है। ब्रिटिश सरकार ने इसका स्वागत किया है। ब्रिटेन के गृह विभाग का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से लेकर मार्च के महीने में छात्रों के साथ आने वाले आश्रितों की संख्या में 80 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा इस बार 26,000 से कम छात्रों ने वीजा का लिये आवेदन किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि आंकड़ों का मतलब है कि देश की वीजा प्रणाली में उनके द्वारा किए गए बदलाव काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “परिजनों और आश्रितों को ब्रिटेन लाने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक थी। यह उचित नहीं था।” उन्होंने कहा, “हमारे बदलाव काम कर रहे हैं – छात्रों के आश्रित लोगों की संख्या में अब 80 प्रतिशत की कमी आई है।” जनवरी से प्रभावी नियमों के तहत, अनुसंधान पाठ्यक्रमों को छोड़कर अधिकतर अंतरराष्ट्रीय छात्र परिजनों को साथ नहीं ला सकते हैं। अब वे अपना पाठ्यक्रम पूरा करने से पहले अपना वीजा नहीं बदल सकते हैं। सरकार ने दावा किया है कि पहले ब्रिटेन में काम करने के लिए “पिछले दरवाजे” के रूप में छात्र वीजा का दुरुपयोग किया गया। नए नियम के तहत “शिक्षा नहीं आव्रजन बेचने” वाले संस्थानों पर गृह विभाग की तरफ से व्यापक दबाव बनाया गया है।

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Date : 04 May 2024 Posted By : EDITOR
international student : ब्रिटेन का दावा – नए वीजा नियमों के बाद छात्र आश्रितों की संख्या में आई भारी गिरावट
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international student : ब्रिटेन का दावा: नए वीजा नियमों के बाद छात्र आश्रितों की संख्या में आई भारी गिरावट

लंदन: इस साल की शुरुआत से प्रभावी छात्र वीजा नियम के बाद विदेशी छात्रों के साथ आने वाले आश्रितों या निकट परिजनों जैसे पति, पत्नी और बच्चों की संख्या में “महत्वपूर्ण गिरावट” देखने को मिली है। ब्रिटिश सरकार ने इसका स्वागत किया है। ब्रिटेन के गृह विभाग का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से लेकर मार्च के महीने में छात्रों के साथ आने वाले आश्रितों की संख्या में 80 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा इस बार 26,000 से कम छात्रों ने वीजा का लिये आवेदन किया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि आंकड़ों का मतलब है कि देश की वीजा प्रणाली में उनके द्वारा किए गए बदलाव काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “परिजनों और आश्रितों को ब्रिटेन लाने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक थी। यह उचित नहीं था।” उन्होंने कहा, “हमारे बदलाव काम कर रहे हैं - छात्रों के आश्रित लोगों की संख्या में अब 80 प्रतिशत की कमी आई है।” जनवरी से प्रभावी नियमों के तहत, अनुसंधान पाठ्यक्रमों को छोड़कर अधिकतर अंतरराष्ट्रीय छात्र परिजनों को साथ नहीं ला सकते हैं। अब वे अपना पाठ्यक्रम पूरा करने से पहले अपना वीजा नहीं बदल सकते हैं। सरकार ने दावा किया है कि पहले ब्रिटेन में काम करने के लिए “पिछले दरवाजे” के रूप में छात्र वीजा का दुरुपयोग किया गया। नए नियम के तहत “शिक्षा नहीं आव्रजन बेचने” वाले संस्थानों पर गृह विभाग की तरफ से व्यापक दबाव बनाया गया है।

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