Diwali 2024 will be celebrated for 6 days

Diwali 2024 celebrated : दीपावली को लेकर विद्वान एक मत, इस बार 6 दिन का होगा दीप पर्व

 

Diwali 2024 celebrated : दीपावली को लेकर इंदौर के विद्वान एक मत, इस बार 6 दिन का होगा दीप पर्व

UNN: दीपावली त्योहार कब मनाएं? इस विषय पर पंचांगों में मतभेद हैं। कुछ पंचांग 31 अक्टूबर को तो कुछ 01 नवंबर को दीपावली बता रहे हैं। इससे आमजन में भ्रम का वातावरण बन रहा है। इसको लेकर शासकीय संस्कृत महाविद्यालय में प्रदेश स्तर के ज्योतिषी, प्रमुख मठ मंदिर के पुजारी और शोध अध्येताओं की बैठक का आयोजन हुआ।

डॉ अभिषेक पाण्डेय और आचार्य गोपालदास बैरागी ने बताया की बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया की..

29 अक्टूबर 2024 को धनतेरस
31 को नरक चतुर्दशी
01 नवंबर को दीपावली
02 को प्रतिपदा पर अन्नकूट/ गोवर्धन पूजा
03 को यम द्वितीया एवं भाई दूज मनाई जाएगी।

बैठक में मप्र ज्योतिष संगठन के अध्यक्ष आचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक, संस्कृत महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ विनायक पाण्डेय, पूर्व राज्यमंत्री योगेंद्र महंत, रणजीत हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी दीपेश व्यास, ज्योतिर्विद पं. विजय अडीचवाल, जूना गणेश मंदिर से ज्योतिषाचार्य प्रदीप जोशी, डॉ उमाशंकर पुरोहित, भागवताचार्य रुचित द्विवेदी, वैष्णव प्रभा के संपादक नारायण वैष्णव, जुगल बैरागी, आशीष दुबे, कपिल शर्मा, विनीत त्रिवेदी सिद्ध, गोपाल पाण्डेय आदि सम्मिलित थे।
इस बैठक में कुछ विद्वान इंदौर से बाहर होने के कारण से ऑनलाइन जुड़े । इनमें प्रमुख रूप से खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट, ज्योतिषाचार्य चंद्रभूषण व्यास, कपिल काशी गुरु (महू), भुवनेश्वरी ज्योतिष संस्थान के डॉ संतोष भार्गव, गिरीश व्यास, सुनील भार्गव आदि ने भी समर्थन दिया। प्रारम्भ में प्राचार्य डॉ तृप्ति जोशी ने सभी का स्वागत किया।

देश में दो प्रकार के पंचांग: आचार्य शर्मा आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया यह लड़ाई पंचागों की है। देश में दो प्रकार के पंचांग प्रकाशित होते हैं। एक दृश्य गणित पर आधारित पंचांग और दूसरा लाघव पद्धति पर आधारित पंचांग। एक ट्रेडिशनल तो दूसरा कम्प्यूटराइज्ड है। ट्रेडिशनल पंचांगों की संख्या 7 या 8 हैं। वहीं कम्प्यूटराइज्ड पंचागों की संख्या देशभर में 150 से अधिक हैं। सभी कम्प्यूटराइज्ड पांचागों का कहना है कि 1 नवंबर को दीप पर्व मनाना धर्म शास्त्र अनुसार उचित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

इतिहास का सबसे बड़ा जनाजा, जिसमें करोड़ों लोग हुए शामिल

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱इतिहास का सबसे बड़ा जनाजा, जिसमें करोड़ों लोग हुए शामिल -अयातुल्ला खामेनेई इमाम रजा दरगाह में हुए सुपुर्द-ए-खाक -सात दिन चले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 3.5 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह […]

नक्सलवाद का अंत, बदलता बस्तर: विकास की नई इबारत

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱नक्सलवाद का अंत, बदलता बस्तर: विकास की नई इबारत कभी नक्सलवाद के खौफ से पहचाने जाने वाले बस्तर की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के चलते क्षेत्र में शांति का माहौल बन रहा है। वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे ने कहा कि अब सरकार […]