Eternal Sounds releases Unity Day 2025

इटरनल साउंड्स ने “एकता दिवस 2025” में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्’ की सह-प्रस्तुति कर दी भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि

इटरनल साउंड्स ने “एकता दिवस 2025” में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्’ की सह-प्रस्तुति कर दी भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि

गुजरात : एकता और राष्ट्रीयता के इस उत्साहपूर्ण उत्सव के मौके पर इटरनल साउंड्स की ने प्रशंसित संगीतकारों, ऑस्कर विजेता बिक्रम घोष और ग्रैमी विजेता रिकी केज के साथ संयुक्त रूप से “लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्” का सह-निर्माण किया है। यह एक शानदार संगीत रचना है, जो 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर में आयोजित इस वर्ष के एकता दिवस समारोह के अंतिम प्रदर्शन का प्रतीक माना गया है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, यह प्रस्तुति उनकी एकता की विरासत को एक शानदार सांस्कृतिक सलामी के रूप में प्रस्तुत की गई। गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित इस भव्य प्रस्तुति में देश भर के 800 से अधिक नर्तक शामिल हुए, जिनका नृत्य निर्देशन संतोष नायर ने किया। संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने इस भव्य श्रद्धांजलि का निर्देशन किया।


कार्यक्रम में इटरनल साउंड्स के दो पार्टनर, बिक्रम घोष और गौरांग जालान संस्कृति मंत्रालय के विशेष अतिथि थे, उनकी गरिमामई उपस्थित दर्ज की गई। इटरनल साउंड्स ने इस ट्रैक के सह-प्रस्तुतकर्ता के रूप में कार्य किया, जिससे इस राष्ट्रीय उत्सव के पैमाने के अनुरूप जटिल समन्वय और उत्कृष्ट निर्माण सुनिश्चित हुआ। भारत के कुछ बेहतरीन संगीतकारों जिसमें – हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ व अन्य के योगदान के साथ – इस ट्रैक ने पारंपरिक और समकालीन संवेदनाओं को भारत की विविधता में एकता के प्रति एक गहरी श्रद्धांजलि में समाहित कर दिया। इटरनल साउंड्स के को-ऑनर उत्सव पारेख, मयंक जालान, गौरांग जालान और बिक्रम घोष हैं।
अशोक चक्रधर और सुतापा बसु के गीतों से सजी, “लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्” ‘इटरनल साउंड्स’ की सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व की कृतियों के निर्माण की प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जो मनोरंजन से परे हैं – यह भारत की भावना, ध्वनि और आत्मा का उत्सव मनाती हैं।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को सम्मानित करने में राष्ट्र का नेतृत्व किया, यह रचना इस बात की एक निर्णायक याद दिलाती है कि कैसे संगीत का हर सुर, हर ताल में गूंजता हुआ देश को एकजुट करता रहता है।

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Date : 11 November 2025 Posted By : EDITOR
इटरनल साउंड्स ने “एकता दिवस 2025” में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्’ की सह-प्रस्तुति कर दी भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि
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इटरनल साउंड्स ने "एकता दिवस 2025" में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 'लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्' की सह-प्रस्तुति कर दी भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि

गुजरात : एकता और राष्ट्रीयता के इस उत्साहपूर्ण उत्सव के मौके पर इटरनल साउंड्स की ने प्रशंसित संगीतकारों, ऑस्कर विजेता बिक्रम घोष और ग्रैमी विजेता रिकी केज के साथ संयुक्त रूप से "लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्" का सह-निर्माण किया है। यह एक शानदार संगीत रचना है, जो 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर में आयोजित इस वर्ष के एकता दिवस समारोह के अंतिम प्रदर्शन का प्रतीक माना गया है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, यह प्रस्तुति उनकी एकता की विरासत को एक शानदार सांस्कृतिक सलामी के रूप में प्रस्तुत की गई। गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित इस भव्य प्रस्तुति में देश भर के 800 से अधिक नर्तक शामिल हुए, जिनका नृत्य निर्देशन संतोष नायर ने किया। संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने इस भव्य श्रद्धांजलि का निर्देशन किया।


कार्यक्रम में इटरनल साउंड्स के दो पार्टनर, बिक्रम घोष और गौरांग जालान संस्कृति मंत्रालय के विशेष अतिथि थे, उनकी गरिमामई उपस्थित दर्ज की गई। इटरनल साउंड्स ने इस ट्रैक के सह-प्रस्तुतकर्ता के रूप में कार्य किया, जिससे इस राष्ट्रीय उत्सव के पैमाने के अनुरूप जटिल समन्वय और उत्कृष्ट निर्माण सुनिश्चित हुआ। भारत के कुछ बेहतरीन संगीतकारों जिसमें - हरिहरन, शान, ऋचा शर्मा, महालक्ष्मी अय्यर, कविता सेठ व अन्य के योगदान के साथ - इस ट्रैक ने पारंपरिक और समकालीन संवेदनाओं को भारत की विविधता में एकता के प्रति एक गहरी श्रद्धांजलि में समाहित कर दिया। इटरनल साउंड्स के को-ऑनर उत्सव पारेख, मयंक जालान, गौरांग जालान और बिक्रम घोष हैं।
अशोक चक्रधर और सुतापा बसु के गीतों से सजी, "लौह पुरुष नमस्त्युभ्यम्" 'इटरनल साउंड्स' की सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व की कृतियों के निर्माण की प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जो मनोरंजन से परे हैं - यह भारत की भावना, ध्वनि और आत्मा का उत्सव मनाती हैं।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को सम्मानित करने में राष्ट्र का नेतृत्व किया, यह रचना इस बात की एक निर्णायक याद दिलाती है कि कैसे संगीत का हर सुर, हर ताल में गूंजता हुआ देश को एकजुट करता रहता है।

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